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Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पर इस एक स्तोत्र का पाठ करना है बेहद चमत्कारी, मिलेगा कई गुना लाभ

Shri Hanumat Pancharatnam: हनुमान जयंती के दिन लोग अलग-अलग तरह के उपाय करते हैं, इन्ही में से एक है  ‘श्रीहनुमत पंचरत्नम’ का पाठ श्रद्धा और नियम के साथ किया गया यह पाठ जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने म भी मददगार माना जाता है.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: 2026-04-01 17:06:01

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Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती का दिन भगवान हनुमान की कृपा पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा से पूजा-पाठ करते हैं और अपने जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना करते हैं. मान्यता है कि अगर इस दिन कुछ विशेष स्तोत्रों का विधि-विधान से पाठ किया जाए, तो बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं.

ऐसा ही एक खास और प्रभावशाली स्तोत्र है ‘श्रीहनुमत पंचरत्नम’, जिसका पाठ हनुमान जयंती के अवसर पर करना बहुत लाभकारी माना जाता है. यह स्तोत्र महान संत आदि शंकराचार्य द्वारा रचा गया है, जिसमें हनुमान जी के गुणों और उनकी महिमा का सुंदर वर्णन मिलता है.

कैसे करें ‘श्रीहनुमत पंचरत्नम’ का पाठ?

  • हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ, संभव हो तो लाल रंग के कपड़े पहनें. इसके बाद किसी शांत और पवित्र स्थान पर बैठ जाएं. बैठते समय दिशा का ध्यान रखें-पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है.
  • अपने सामने हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति रखें और घी का दीपक जलाएं. पूजा के दौरान लाल फूल अर्पित करें और गुड़ या लड्डू का भोग लगाएं. इसके बाद मन को शांत रखें और अपनी मनोकामना को ध्यान में रखते हुए ‘श्रीहनुमत पंचरत्नम’ का पाठ शुरू करें.
  • आप अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार इस स्तोत्र का पाठ 1, 3, 7 या 11 बार कर सकते हैं. पाठ पूरा होने के बाद हनुमान जी की आरती करना न भूलें.

 क्या है इस स्तोत्र का महत्व?

  • ‘श्रीहनुमत पंचरत्नम’ को एक बहुत शक्तिशाली स्तोत्र माना जाता है. इसमें हनुमान जी की भक्ति, शक्ति और सेवा भाव का वर्णन किया गया है. मान्यता है कि इस स्तोत्र का नियमित और सच्चे मन से पाठ करने पर जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.
  • कहा जाता है कि इससे भय, चिंता और नकारात्मकता दूर होती है और मन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. साथ ही, श्रीराम की कृपा भी प्राप्त होती है, क्योंकि हनुमान जी उनके परम भक्त हैं.

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस स्तोत्र का पाठ करने से मंगल और शनि से जुड़े दोषों का असर भी कम हो सकता है, जिससे जीवन में राहत मिलती है.

 Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: 2026-04-01 17:06:01

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Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती का दिन भगवान हनुमान की कृपा पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा से पूजा-पाठ करते हैं और अपने जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना करते हैं. मान्यता है कि अगर इस दिन कुछ विशेष स्तोत्रों का विधि-विधान से पाठ किया जाए, तो बजरंगबली जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं.

ऐसा ही एक खास और प्रभावशाली स्तोत्र है ‘श्रीहनुमत पंचरत्नम’, जिसका पाठ हनुमान जयंती के अवसर पर करना बहुत लाभकारी माना जाता है. यह स्तोत्र महान संत आदि शंकराचार्य द्वारा रचा गया है, जिसमें हनुमान जी के गुणों और उनकी महिमा का सुंदर वर्णन मिलता है.

कैसे करें ‘श्रीहनुमत पंचरत्नम’ का पाठ?

  • हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ, संभव हो तो लाल रंग के कपड़े पहनें. इसके बाद किसी शांत और पवित्र स्थान पर बैठ जाएं. बैठते समय दिशा का ध्यान रखें-पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है.
  • अपने सामने हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति रखें और घी का दीपक जलाएं. पूजा के दौरान लाल फूल अर्पित करें और गुड़ या लड्डू का भोग लगाएं. इसके बाद मन को शांत रखें और अपनी मनोकामना को ध्यान में रखते हुए ‘श्रीहनुमत पंचरत्नम’ का पाठ शुरू करें.
  • आप अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार इस स्तोत्र का पाठ 1, 3, 7 या 11 बार कर सकते हैं. पाठ पूरा होने के बाद हनुमान जी की आरती करना न भूलें.

 क्या है इस स्तोत्र का महत्व?

  • ‘श्रीहनुमत पंचरत्नम’ को एक बहुत शक्तिशाली स्तोत्र माना जाता है. इसमें हनुमान जी की भक्ति, शक्ति और सेवा भाव का वर्णन किया गया है. मान्यता है कि इस स्तोत्र का नियमित और सच्चे मन से पाठ करने पर जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.
  • कहा जाता है कि इससे भय, चिंता और नकारात्मकता दूर होती है और मन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. साथ ही, श्रीराम की कृपा भी प्राप्त होती है, क्योंकि हनुमान जी उनके परम भक्त हैं.

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस स्तोत्र का पाठ करने से मंगल और शनि से जुड़े दोषों का असर भी कम हो सकता है, जिससे जीवन में राहत मिलती है.

 Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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