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Home > धर्म > अखंड ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले बजरंग बली को क्यों करना पड़ा विवाह, कौन हैं पत्नी और क्या है छुपा रहस्य?

अखंड ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले बजरंग बली को क्यों करना पड़ा विवाह, कौन हैं पत्नी और क्या है छुपा रहस्य?

Hanuman Ji Marriage: अधिकतर लोग मानते हैं कि हनुमान जी ने कभी शादी नहीं की. हालांकि, धार्मिक किताबें और कुछ पुरानी कहानियां एक अलग कहानी बताती हैं. कहा जाता है कि हनुमान शादीशुदा थे. उनकी पत्नी के साथ मंदिर इस जगह पर है.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: March 7, 2026 11:58:14 IST

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Hanuman Ji Marriage: भगवान हनुमान सदियों से ब्रह्मचारी और भगवान राम के पक्के भक्त के तौर पर जाने जाते हैं. ज़्यादातर लोग मानते हैं कि उन्होंने कभी शादी नहीं की. हालांकि, धार्मिक किताबें और कुछ पुरानी कहानियां एक अलग कहानी बताती हैं. कहा जाता है कि हनुमान शादीशुदा थे और उनकी पत्नी का नाम सुवर्चला था. हालांकि इस शादी का ज़िक्र रामायण में नहीं है. लेकिन, कुछ दूसरी धार्मिक पुस्तकों में इस कहानी का ज़िक्र है, जिसने लोगों में हनुमान जी की पत्नी के बारे में जानने के लिए उत्सुकता जगाई है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पराशर संहिता में कहा गया है कि हनुमान ने सूर्य देव को अपना गुरु मानकर उनसे शिक्षा ली थी. सूर्य देव के पास कुल नौ दिव्य विद्याएँ थीं. हनुमान ने इनमें से पांच विद्याएं आसानी से सीख लीं. लेकिन, बाकी चार खास विद्याएं तभी सीखी जा सकती थीं जब वह विवाहित हों. तो शिक्षा को सीखने के लिए उन्हें विवाह करना पड़ा. यह स्थिति हनुमान के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई.

सूर्य देव ने अपनी बेटी का प्रस्ताव रखा

हनुमान ने शादी करने से मना कर दिया क्योंकि वह जिंदगी भर ब्रह्मचारी रहना चाहते थे. लेकिन, जब ब्रह्मा की आज्ञा मानने और अपनी पढ़ाई पूरी करने की बात उन्हें याद आई. तब सूर्य देव भगवान ने उन्हें एक उपाय बताया. उन्होंने अपनी तपस्वी और तेजस्वी बेटी सुवर्चला से शादी का प्रस्ताव हनुमान जी के सामने रखा. उन्होंने हनुमान को भरोसा दिलाया कि उनसे शादी करने के बाद भी उनका ब्रह्मचर्य नहीं टूटेगा. फिर हनुमान ने सुवर्चला से शादी की और शादी के बाद उन्होंने अपनी बाकी की विद्या को सूर्यदेव से सीखा. 

शादी के बाद भी वह ब्रह्मचारी कैसे रहे?

कहानी के अनुसार, अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद सुवर्चला देवी ने खुद को तपस्या में लीन कर दिया और सांसारिक जीवन से दूर हो गईं. इससे हनुमान का ब्रह्मचर्य भी बचा रहा और इसी वजह से उन्हें आज भी धार्मिक परंपराओं में आजीवन ब्रह्मचारी माना जाता है.

भारत में यहां होती है उनकी पूजा

हनुमान और उनकी पत्नी सुवर्चला को समर्पित एक अनोखा मंदिर भारत में मौजूद है. यह मंदिर तेलंगाना के खम्मम जिले में है. इस मंदिर में भक्त बजरंगबली और सुवर्चला देवी की एक साथ पूजा करते हैं. इसे इस कहानी का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है और भक्त दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं. मान्यता है कि जो भी भक्त इस मंदिर में दर्शन करने आते हैं, उनके सारे दुख दूर होते हैं. 

बेटे मकरध्वज की कहानी

हनुमान जी के बेटे मकरध्वज की कहानी तो आप सबने ही सुनी होगी. वाल्मीकि रामायण में मकरध्वज के बारे में वर्णन है. जब हनुमान जी लंका में आग लगाकर अपनी पूंछ की आग बुझाने एक तालाब में पहुंचे तो उनके शरीर से पसीने की एक बूंद पानी में गिरी. इसी पसीने की बूंद को पीकर मकर यानी मछली के गर्भ ठहर गया था. इससे एक पुत्र का जन्म हुआ जो मकरध्वज कहलाए. वह हनुमान जी की तरह तेजस्वी और बलवान थे. 

नोट – यह जानकारी विभिन्न स्त्रोतों, धार्मिक ग्रंथों, मान्यताओं और आस्था पर आधारित है. Indianews.in तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है. पाठक अपने विवेक से निर्णय लें और एक्सपर्ट की सलाह ले. इंडिया न्यूज किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही आडंबर फैलाता है. यह मनोरंजन और सामान्य जानकारी के लिए लेख है.

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Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: March 7, 2026 11:58:14 IST

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Hanuman Ji Marriage: भगवान हनुमान सदियों से ब्रह्मचारी और भगवान राम के पक्के भक्त के तौर पर जाने जाते हैं. ज़्यादातर लोग मानते हैं कि उन्होंने कभी शादी नहीं की. हालांकि, धार्मिक किताबें और कुछ पुरानी कहानियां एक अलग कहानी बताती हैं. कहा जाता है कि हनुमान शादीशुदा थे और उनकी पत्नी का नाम सुवर्चला था. हालांकि इस शादी का ज़िक्र रामायण में नहीं है. लेकिन, कुछ दूसरी धार्मिक पुस्तकों में इस कहानी का ज़िक्र है, जिसने लोगों में हनुमान जी की पत्नी के बारे में जानने के लिए उत्सुकता जगाई है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पराशर संहिता में कहा गया है कि हनुमान ने सूर्य देव को अपना गुरु मानकर उनसे शिक्षा ली थी. सूर्य देव के पास कुल नौ दिव्य विद्याएँ थीं. हनुमान ने इनमें से पांच विद्याएं आसानी से सीख लीं. लेकिन, बाकी चार खास विद्याएं तभी सीखी जा सकती थीं जब वह विवाहित हों. तो शिक्षा को सीखने के लिए उन्हें विवाह करना पड़ा. यह स्थिति हनुमान के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई.

सूर्य देव ने अपनी बेटी का प्रस्ताव रखा

हनुमान ने शादी करने से मना कर दिया क्योंकि वह जिंदगी भर ब्रह्मचारी रहना चाहते थे. लेकिन, जब ब्रह्मा की आज्ञा मानने और अपनी पढ़ाई पूरी करने की बात उन्हें याद आई. तब सूर्य देव भगवान ने उन्हें एक उपाय बताया. उन्होंने अपनी तपस्वी और तेजस्वी बेटी सुवर्चला से शादी का प्रस्ताव हनुमान जी के सामने रखा. उन्होंने हनुमान को भरोसा दिलाया कि उनसे शादी करने के बाद भी उनका ब्रह्मचर्य नहीं टूटेगा. फिर हनुमान ने सुवर्चला से शादी की और शादी के बाद उन्होंने अपनी बाकी की विद्या को सूर्यदेव से सीखा. 

शादी के बाद भी वह ब्रह्मचारी कैसे रहे?

कहानी के अनुसार, अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद सुवर्चला देवी ने खुद को तपस्या में लीन कर दिया और सांसारिक जीवन से दूर हो गईं. इससे हनुमान का ब्रह्मचर्य भी बचा रहा और इसी वजह से उन्हें आज भी धार्मिक परंपराओं में आजीवन ब्रह्मचारी माना जाता है.

भारत में यहां होती है उनकी पूजा

हनुमान और उनकी पत्नी सुवर्चला को समर्पित एक अनोखा मंदिर भारत में मौजूद है. यह मंदिर तेलंगाना के खम्मम जिले में है. इस मंदिर में भक्त बजरंगबली और सुवर्चला देवी की एक साथ पूजा करते हैं. इसे इस कहानी का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है और भक्त दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं. मान्यता है कि जो भी भक्त इस मंदिर में दर्शन करने आते हैं, उनके सारे दुख दूर होते हैं. 

बेटे मकरध्वज की कहानी

हनुमान जी के बेटे मकरध्वज की कहानी तो आप सबने ही सुनी होगी. वाल्मीकि रामायण में मकरध्वज के बारे में वर्णन है. जब हनुमान जी लंका में आग लगाकर अपनी पूंछ की आग बुझाने एक तालाब में पहुंचे तो उनके शरीर से पसीने की एक बूंद पानी में गिरी. इसी पसीने की बूंद को पीकर मकर यानी मछली के गर्भ ठहर गया था. इससे एक पुत्र का जन्म हुआ जो मकरध्वज कहलाए. वह हनुमान जी की तरह तेजस्वी और बलवान थे. 

नोट – यह जानकारी विभिन्न स्त्रोतों, धार्मिक ग्रंथों, मान्यताओं और आस्था पर आधारित है. Indianews.in तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है. पाठक अपने विवेक से निर्णय लें और एक्सपर्ट की सलाह ले. इंडिया न्यूज किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही आडंबर फैलाता है. यह मनोरंजन और सामान्य जानकारी के लिए लेख है.

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