Live
Search
Home > एस्ट्रो > 1, 2 या 3 नहीं… कई जन्मों तक सताता है पितृ दोष! छुटकारा पाने के लिए मौनी अमावस्या करें ये 3 काम, पितर होंगे खुश

1, 2 या 3 नहीं… कई जन्मों तक सताता है पितृ दोष! छुटकारा पाने के लिए मौनी अमावस्या करें ये 3 काम, पितर होंगे खुश

Mauni Amavasya 2026 Pitra Dosh Upay: इस बार मौनी अमावस्या 18 जनवरी दिन रविवार को पड़ रही है. इसको माघ या माघी अमावस्या भी कहा जाता है.  क्योंकि, यह माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को होती है. इस दिन आप अपने नाराज पितरों को शांत करने के कुछ उपाय कर सकते हैं. आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: January 16, 2026 16:54:36 IST

Mobile Ads 1x1

Mauni Amavasya 2026 Pitra Dosh Upay: हिन्दू धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व है. इस बार यह शुभ दिन 18 जनवरी दिन रविवार को पड़ रहा है. इसको माघ या माघी अमावस्या भी कहा जाता है.  क्योंकि, यह माघ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को होती है. मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान का विधान है. ज्योतिष आचार्यों की मानें तो इस दिन आप अपने नाराज पितरों को शांत करने के कुछ उपाय कर सकते हैं. ऐसा करने से पितृ दोष समाप्त होगा और उनके जीवन में होने वाली उथल-पुथल से भी बचाव होगा. बता दें कि, अतृप्त पितर अपने परिवार के लोगों को तरह-तरह से परेशान करके अपनी नाराजगी का संकेत देते हैं. पितृ दोष की वजह से लोगों की उन्नति रुक जाती है. अगर आप भी पितृ संकट के संकेत मिल रहे हैं तो मौनी अमावस्या कुछ अचूक उपाय कर सकते हैं. ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी. काम की रुकावटें दूर होंगी और नाराज पितर खुश होकर आशीर्वाद देंगे.

मौनी अमावस्या पर पितृ दोष मुक्ति का अचूक उपाय

गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी के अनुसार, पितरों की शांति के लिए अमावस्या तिथि, पितृ पक्ष और मार्गशीर्ष माह उत्तम होते हैं. इन दिनों में आप अपने पितृ दोष की शांति करा सकते हैं. जिन लोगों को पितृ दोष हो और वे गया जी नहीं जा सकते हैं तो उनको त्रिपिंडी श्राद्ध जरूर करा लेना चाहिए. पितृ दोष से मुक्ति का अचूक उपाय त्रिपिंडी श्राद्ध ही होता है. यदि आप गया जी जाकर अपने पितरों के लिए श्राद्ध, पिंडदान आदि कर लेते हैं तो उससे ब​ढ़िया कुछ भी नहीं है. गया में श्राद्ध और पिंडदान करने से पितर तृप्त हो जाते हैं, शांत हो जाते हैं और दोष मिट जाता है.

क्या होता है त्रिपिंडी?

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि व्यक्ति पर कैसा भी पितृ दोष हो, त्रिपिंडी श्राद्धकरा देने से दूर हो जाता है. त्रिपिंडी श्राद्ध में मुख्य तीन पिंड बनाए जाते हैं. एक पिंड सृष्टि के रचनाकार ब्रह्म देव के लिए, एक पिंड देवों के देव महादेव के लिए और एक पिंड मृत्यृ के देवता यमराज के लिए बनाया जाता है. इस तीन के अलावा एक पिंड प्रेतों के लिए बनाया जाता है. ये चार पिंड बनाने के बाद 16 पिंड बनाए जाते हैं. ये 16 पिंड अपने पूर्वजों के लिए होते हैं. आपको अपने जिन पूर्वजों का नाम नहीं पता, जिनके मरने की तिथि नहीं मालूम, जो अकाल मृत्यु का शिकार हो गए, दुर्घटना आदि में जिनकी मृत्यु हो गई, उन सभी ज्ञात और अज्ञात पितरों के लिए ये 16 पिंड बनाए जाते हैं. आम श्राद्ध की प्रक्रिया से त्रिपिंडी श्राद्ध का प्र​क्रिया लंबी होती है, इसमें काफी समय लगता है. त्रिपिंडी श्राद्ध में कुल 20 पिंड बनाने के बाद पूजन, अर्चना होता है. अंत में इनका विसर्जन कर दिया जाता है.

त्रिपिंडी श्राद्ध करने का उत्तम समय क्या है?

धर्म शास्त्रों के मुताबिक, त्रिपिंडी श्राद्ध आप किसी भी माह की अमावस्या तिथि को कर सकते हैं. इसके अलावा किसी भी महीने के कृष्ण की 15 ति​थियों में इसे कराया जा सकता है. त्रिपिंडी श्राद्ध चैत्र माह के कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष और पितृ पक्ष में कराना अच्छा रहता है. अमावस्या तिथियां पितरों के लिए होती हैं, इस दिन पितर धरती पर आते हैं ताकि उनकी संतान उनको तृप्त करे.

त्रिपिंडी श्राद्ध कहां पर होता है? 

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, त्रिपिंडी श्राद्ध कराने के लिए निश्चित स्थान बताया गया है. भूलकर भी त्रिपिंडी श्राद्ध घर पर नहीं कराना चाहिए. जिन जगहों से गंगा प्रभावित हो रही हैं, उन जगहों पर आप त्रिपिंडी श्राद्ध करा सकते हैं. मोक्ष की नगरी काशी त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए उत्तम स्थान है. काशी में पिशाचमोचन स्थान है, जहां पर त्रिपिंडी श्राद्ध कराया जाता है, उसे मिनी गया कहा जाता है. वाराणसी के अलावा त्रिपिंडी श्राद्ध हरिद्वार और प्रयागराज में भी कराया जा सकता है. पितृ दोष से मुक्ति मिलने के बाद कई प्रकार के कष्ट मिट जाते हैं. व्यक्ति अपने जीवन में तरक्की करता है.

MORE NEWS

Home > एस्ट्रो > 1, 2 या 3 नहीं… कई जन्मों तक सताता है पितृ दोष! छुटकारा पाने के लिए मौनी अमावस्या करें ये 3 काम, पितर होंगे खुश

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: January 16, 2026 16:54:36 IST

Mobile Ads 1x1

MORE NEWS