Mauni Amavasya Vrat 2026: आज पूरे देश में मौनी अमावस्या मनाई जा रही है. इस दिन लोग स्नान और दान के साथ ही मौन व्रत रखते हैं. मौन व्रत काफी कठिन माना जाता है क्योंकि आप पूरे दिन न बोलने का संकल्प लेते हैं. यदि गलती से भी एक शब्द आपके मुख से निकलता है तो आपका मौन व्रत टूट जाता है. ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी से जानिए कि अगर मौन व्रत टूट जाए तो क्या होगा? दोष मुक्ति के लिए क्या करें?
जानिए, मौनी अमावस्या पर व्रत टूट जाए तो क्या करें? (Canva)
Mauni Amavasya Vrat 2026: आज पूरे देश में मौनी अमावस्या मनाई जा रही है. इस बार की मौनी अमावस्या अधिक फलदायी साबित होती दिख रही है. क्योंकि, इसबार सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है. इस दिन लोग स्नान और दान के साथ ही मौन व्रत रखते हैं. मौन व्रत काफी कठिन माना जाता है क्योंकि आप पूरे दिन न बोलने का संकल्प लेते हैं. यदि गलती से भी एक शब्द आपके मुख से निकलता है तो आपका मौन व्रत टूट जाता है. इससे दोष लगता है. बता दें कि, एक मौन व्रत स्नान करने तक का होता है, जब आप उठते हैं और जब तक स्नान नहीं कर लेते तब तक कुछ नहीं बोलते हैं, मौन धारण करके रखते हैं. लेकिन, अक्सर लोगों में एक कंफ्यूजन होती है कि अगर मौन व्रत टूट जाए तो क्या करें? इस दोष से मुक्ति कैसे मिलेगी? इस बारे में India News को बता रहे हैं गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-
धर्म शास्त्रों की मानें तो, मौनी अमावस्या पर कोई विशिष्ट दोष तुरंत नहीं लगता है, अगर मौन व्रत किसी कारण‑वश टूट भी जाए तो. परंपरा के अनुसार, मौन व्रत भंग होने पर व्यक्ति को अपने व्यवहार और विचारों पर पुनः ध्यान देने की सलाह दी जाती है. मौन का संकल्प टूटने से मानसिक संयम और स्थिरता में कमी आ सकती है, जिससे मनोवैज्ञानिक तनाव और विचारों में अस्थिरता बढ़ सकती है. धार्मिक लेखों में स्पष्ट कहा गया है कि यह दोष नहीं, बल्कि अपनी साधना को बेहतर बनाने का संकेत माना जाता है.
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि, मौनी अमावस्या पर मौन व्रत के नियम हैं, जिसका पालन करना चाहिए. यदि आपको मौन व्रत रखना ही है तो एक दिन पहले तय कर लें. उसके अनुसार मौनी अमावस्या की सुबह उठकर दैनिक क्रिया से निवृत हो जाएं और स्नान कर लें. स्नान करने तक कुछ भी न बोलें. जो संकल्प लेकर पूरे दिन का मौन व्रत रखते हैं, वे प्रण कर लें कि वे नहीं बोलेंगे. फिर भी किसी कारण से उनका मौन व्रत टूट जाता है तो परेशान न हों.
मौन व्रत का उद्देश्य आत्म चिंतन, ईश्वर से आत्मा के जुड़ाव, अंतर्मन की यात्रा, आध्यात्मिक उन्नति का है. इस वजह से लोग मौन होकर एक दिन स्वयं को तलाशते हैं. वे कौन हैं, उनके जन्म का उद्देश्य क्या है, यह मानव जीवन क्यों मिला है? मौन व्रत के माध्यम से आप अपने करियर, आध्यात्म आदि का विश्लेषण कर सकते हैं. इस दौरान मानसिक मंत्र जाप, अपने इष्ट के नाम का जाप कर सकते हैं.
जिन लोगों का मौन व्रत टूटता है, तो उनको दोष लगता है. वे लोग मौन व्रत टूटने के बाद विशेषकर काले तिल का दान करें. तिल के अलावा आप सप्तधान्य या अन्न, वस्त्र, फल आदि का दान करें. व्रत टूट गया है तो मन में कष्ट या ग्लानि हो सकती है, इसका भी निवारण जरूरी है.
इस कष्ट से मुक्ति का सबसे आसान उपाय है कि आप अपने मुख से भजन-कीर्तन करें. किसी गुरु से दीक्षा ली है तो उनसे प्राप्त गुरु मंत्र का जाप करें. आपके जो भी इष्ट देव हैं, उनके नाम का जाप कर सकते हैं. या फिर जो मंत्र आपको अच्छा लगता है, जिसके जाप से आपको मानसिक शांति मिलती है, उस मंत्र का जाप कर सकते हैं.
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