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Ramnavami Kab Hai: कब है राम नवमी? रामचरितमानस के अनुसार जानिए भगवान राम के जन्म का शुभ मुहूर्त

Ramnavami Kab Hai: हिंदू धर्म में राम नवमी का पर्व अत्यंत पावन माना जाता है, जिसे भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है.रामचरितमानस के अनुसार इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अवतार हुआ था.  इस बार साल 2026 में राम नवमी का पर्व 26 और 27 अप्रैल के बीच पड़ रहा है, जिसके चलते लोगों में भ्रम की स्थिती बनी हुई है,आइए जानते हैं सही तिथि के बारे में.

Written By: Shivashakti narayan singh
Edited By: Sujeet Kumar
Last Updated: 2026-03-25 16:38:51

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Ramnavami kab hai Date 2026: सनातन धर्म  में राम नवमी  का त्योहार बहुत ही धुम-धाम से मनाया जाता है,मान्यता है कि इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था,हर साल यह त्योहार चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, इस बार यह तिथी  26 और 27 अप्रैल दो दिन में पड़ रही है जिसके वजह से लोगों में कन्फ्यूजन कि स्थिती है, लेकिन आइए जानते हैं  गोस्वामी तुलसीदास  द्वारा रचित रामचरित मानस के ‘बालकाण्ड’ के अनुसार राम नवमी  की सटीक तिथि व शुभ मुहूर्त के बारे में.

चैत्र नवरात्र में अष्टमी और नवमी तिथि का अपना एक महत्व होता है.नवमी को भगवान श्रीराम के जन्म के रूप में मनाया जाता है तो वहीं अष्टमी व नवमी के दिन कन्या पूजन भी किया जाता है,इसमें छोटी कन्याओं को देवी के रूप में पूजा होता है,रामचरित मानस और द्रिक पंचांग के मुताबिक जानिए  सटीक तिथि के बारे में.

रामचरित मानस के अनुसार

भगवान श्रीराम के जन्म और उनकी बाललीलाओं का वर्णन गोस्वामी तुलसीदास  द्वारा रचित रामचरित मानस के  ‘बालकाण्ड’ में मिलता है, इसी ‘बालकाण्ड’  के एक दोहे की चौपाई में  श्रीराम के जन्म की  सारी जानकारी मिलती है,दोहा 190 की चौपाई 1 के अनुसार समझिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्म की कहानी को

चौपाई-
 नौमी तिथि मधु मास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता॥
मध्यदिवस अति सीत न घामा। पावन काल लोक बिश्रामा॥1॥

समान्य भाषा में  इसका मतलब होता है कि जब भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, उस समय चैत्र का पवित्र  महीना था,नवमी की तिथि थी, भगवान को प्रिय शुक्ल पक्ष और भिजित्‌ मुहूर्त था.दोपहर का समय था,न बहुत सर्दी थी, न धूप (गरमी) थी.  इसलिए रामचरित मानस के इस वर्णन के अनुसार साल 2026 में राम नवमी  का त्योहार 26 मार्च को मनाना अति उत्तम रहेगा क्योंकि भगवान श्रीराम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में माना जाता है, इसलिए राम नवमी का पर्व 26 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. जबकि उदया तिथि के अनुसार बहुत सारे लोग 27 को भी  मनाएंगे.

कब होगा कन्या पूजन

इस वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 25 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर होगी. यह तिथि अगले दिन यानी 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी.उदयातिथि के आधार पर देखा जाए तो चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी. इसी दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व रहेगा और भक्त पूरे विधि-विधान से पूजा करेंगे.कन्या पूजन के लिए शुभ समय की बात करें तो 26 मार्च को सुबह 6 बजकर 18 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक पहला उत्तम मुहूर्त है. इसके अलावा सुबह 10 बजकर 55 मिनट से दोपहर 3 बजकर 31 मिनट तक भी पूजा करना शुभ माना गया है.

नवमी कन्या पूजन

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 48 मिनट से आरंभ होगी और इसका समापन 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर होगा.इसलिए नवमी के दिन होने वाला कन्या पूजन 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 06 मिनट तक किया जा सकेगा. इसी दिन चैत्र नवरात्रि 2026 के व्रत का पारण भी किया जाएगा.

 Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Edited By: Sujeet Kumar
Last Updated: 2026-03-25 16:38:51

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Ramnavami kab hai Date 2026: सनातन धर्म  में राम नवमी  का त्योहार बहुत ही धुम-धाम से मनाया जाता है,मान्यता है कि इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था,हर साल यह त्योहार चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है, इस बार यह तिथी  26 और 27 अप्रैल दो दिन में पड़ रही है जिसके वजह से लोगों में कन्फ्यूजन कि स्थिती है, लेकिन आइए जानते हैं  गोस्वामी तुलसीदास  द्वारा रचित रामचरित मानस के ‘बालकाण्ड’ के अनुसार राम नवमी  की सटीक तिथि व शुभ मुहूर्त के बारे में.

चैत्र नवरात्र में अष्टमी और नवमी तिथि का अपना एक महत्व होता है.नवमी को भगवान श्रीराम के जन्म के रूप में मनाया जाता है तो वहीं अष्टमी व नवमी के दिन कन्या पूजन भी किया जाता है,इसमें छोटी कन्याओं को देवी के रूप में पूजा होता है,रामचरित मानस और द्रिक पंचांग के मुताबिक जानिए  सटीक तिथि के बारे में.

रामचरित मानस के अनुसार

भगवान श्रीराम के जन्म और उनकी बाललीलाओं का वर्णन गोस्वामी तुलसीदास  द्वारा रचित रामचरित मानस के  ‘बालकाण्ड’ में मिलता है, इसी ‘बालकाण्ड’  के एक दोहे की चौपाई में  श्रीराम के जन्म की  सारी जानकारी मिलती है,दोहा 190 की चौपाई 1 के अनुसार समझिए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्म की कहानी को

चौपाई-
 नौमी तिथि मधु मास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता॥
मध्यदिवस अति सीत न घामा। पावन काल लोक बिश्रामा॥1॥

समान्य भाषा में  इसका मतलब होता है कि जब भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, उस समय चैत्र का पवित्र  महीना था,नवमी की तिथि थी, भगवान को प्रिय शुक्ल पक्ष और भिजित्‌ मुहूर्त था.दोपहर का समय था,न बहुत सर्दी थी, न धूप (गरमी) थी.  इसलिए रामचरित मानस के इस वर्णन के अनुसार साल 2026 में राम नवमी  का त्योहार 26 मार्च को मनाना अति उत्तम रहेगा क्योंकि भगवान श्रीराम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में माना जाता है, इसलिए राम नवमी का पर्व 26 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. जबकि उदया तिथि के अनुसार बहुत सारे लोग 27 को भी  मनाएंगे.

कब होगा कन्या पूजन

इस वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 25 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर होगी. यह तिथि अगले दिन यानी 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी.उदयातिथि के आधार पर देखा जाए तो चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी. इसी दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व रहेगा और भक्त पूरे विधि-विधान से पूजा करेंगे.कन्या पूजन के लिए शुभ समय की बात करें तो 26 मार्च को सुबह 6 बजकर 18 मिनट से 7 बजकर 50 मिनट तक पहला उत्तम मुहूर्त है. इसके अलावा सुबह 10 बजकर 55 मिनट से दोपहर 3 बजकर 31 मिनट तक भी पूजा करना शुभ माना गया है.

नवमी कन्या पूजन

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 48 मिनट से आरंभ होगी और इसका समापन 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर होगा.इसलिए नवमी के दिन होने वाला कन्या पूजन 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 06 मिनट तक किया जा सकेगा. इसी दिन चैत्र नवरात्रि 2026 के व्रत का पारण भी किया जाएगा.

 Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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