Ratha Saptami 2026 Date: साल 2026 में एक के बाद एक कई व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं. रथ सप्तमी व्रत भी इनमें से एक है. इसको भानु सप्तमी भी कहा जाता है. बता दें कि, जिस माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रविवार का दिन होता है, उस दिन रथ सप्तमी मनाते हैं. इस बार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को रविवार पड़ने से उस दिन रथ सप्तमी है. आइए जानते हैं शुभ संयोग और सूर्य दोष निवारण के उपाय-
आज 5 शुभ संयोग में रथ सप्तमी आज. (Canva)
Ratha Saptami 2026 Date: सनातन धर्म में व्रत एवं त्योहारों का विशेष महत्व होता है. साल 2026 में एक के बाद एक कई व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं. रथ सप्तमी व्रत भी इनमें से एक है. इसको भानु सप्तमी भी कहा जाता है. बता दें कि, जिस माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रविवार का दिन होता है, उस दिन रथ सप्तमी मनाते हैं. इस बार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को रविवार पड़ने से उस दिन रथ सप्तमी है. इस रथ सप्तमी पर 5 शुभ संयोग बन रहे हैं. यदि आपकी कुंडली में सूर्य दोष है तो उसके निवारण के लिए यह बहुत अच्छा दिन है. इस दिन कुछ उपाय भी फलदायी साबित हो सकते हैं. आइए जानते हैं कि रथ सप्तमी कब है? रथ सप्तमी पर कौन से 5 शुभ संयोग बन रहे हैं और सूर्य दोष उपाय क्या हैं?
दृक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 25 जनवरी दिन रविवार को 12:39 एएम से शुरू हो रही है और यह 25 जनवरी को ही रात 11 बजकर 10 मिनट पर खत्म हो रही है. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर रथ सप्तमी 25 जनवरी को है.
रथ सप्तमी के दिन सूर्योदय 07:13 ए एम पर होगा. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त 05:26 ए एम से 06:19 ए एम तक है. रथ सप्तमी पर अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:12 पी एम से 12:55 पी एम तक है. सुबह 08:33 ए एम से लेकर 12:34 पी एम तक का समय अच्छा है. इसमें आप रथ सप्तमी का पूजा, दान आदि कर सकते हैं.
रथ सप्तमी के अवसर पर आप सूर्य दोष के निवारण के लिए व्रत रखें. सुबह में स्नान करने के बाद सूर्य देव की पूजा करें और अर्घ्य दें. इसके लिए तांबे के लोटे में पानी भरकर उसमें गुड़, लाल रंग के फूल, लाल चंदन आदि डालकर अर्घ्य दें. उस समय सूर्य मंत्र का उच्चारण करें. सूर्य देव की पूजा के बाद लाल रंग के वस्त्र, लाल रंग के फल, गेहूं, गुड़, केसर, लाल चंदन, तांबा, सोना आदि का दान कर सकते हैं. आप चाहें तो सूर्य दोष को दूर करने के लिए माणिक्य धारण कर सकते हैं.
– रथ सप्तमी के दिन पहला संयोग रवि योग का है. इस दिन रवि योग सुबह में 07:13 ए एम से लेकर दोपहर 01:35 पी एम तक है. रवि योग में सूर्य देव का प्रभाव अधिक होता है, जिसकी वजह से सभी प्रकार के दोष मिट जाते हैं.
– इस दिन दूसरा शुभ संयोग सर्वार्थ सिद्धि योग का है. सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर में 01:35 पी एम से लेकर अगले दिन 26 जनवरी को सुबह 07:12 ए एम तक है. सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्य सफल होते हैं. यह एक बेहद ही शुभ योग है.
– रथ सप्तमी पर तीसरा शुभ संयोग सिद्ध योग का है. इस दिन सिद्ध योग प्रात:काल से लेकर दिन में 11:46 ए एम तक है. यह योग ध्यान, जप, योग, साधना आदि के लिए अच्छा माना जाता है.
– इस दिन का चौथा शुभ संयोग साध्य योग है. साध्य योग दिन में 11:46 ए एम से बनेगा और 26 जनवरी को सुबह 9 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. यह योग भी कार्यों में सफलता के लिए शुभ है.
– रथ सप्तमी पर रेवती नक्षत्र का संयोग बना है. रेवती नक्षत्र प्रात:काल से लेकर दोपहर 01 बजकर 35 मिनट तक है. उसके बाद से अश्विनी नक्षत्र है. रेवती नक्षत्र के स्वामी ग्रह बुध हैं. रेवती नक्षत्र में शुभ कार्य करना अच्छा होता है.
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