<
Categories: धर्म

शिव पूजा के लिए सोमवार ही क्यों माना जाता है सर्वश्रेष्ठ? जानें जलाभिषेक से लेकर मंत्र जाप तक के खास उपाय

Sawan Somwar 2026: सावन सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. सोमवार का संबंध चंद्रमा से होने और भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान होने के कारण इस दिन शिव पूजा का महत्व और बढ़ जाता है. सावन सोमवार पर व्रत, जलाभिषेक, गंगाजल अर्पित करने, पार्थिव शिवलिंग की पूजा और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र के जाप की परंपरा है. साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित लोग भी शिव आराधना कर सकते हैं.

Sawan Somwar 2026: का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र और फलदायी माना जाता है. इस पूरे महीने में शिव भक्त महादेव की पूजा, जलाभिषेक, व्रत और मंत्र जाप करते हैं, लेकिन सावन के सोमवार का महत्व विशेष माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार के दिन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने का आशीर्वाद देते हैं. ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र के अनुसार, सोमवार का संबंध चंद्रमा से है और भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्र देव को धारण करते हैं. यही वजह है कि सावन में पड़ने वाले सोमवार को शिव आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है.

सोमवार का शिव पूजा से क्या है संबंध?

शास्त्रों में सोमवार को चंद्र देव का दिन बताया गया है. भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं, इसलिए सोमवार के दिन शिव पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और व्रत करने से महादेव के साथ चंद्र देव की कृपा भी प्राप्त होती है. ज्योतिष में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक ग्रह माना गया है. ऐसे में सोमवार को भगवान शिव की आराधना करने से मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक सोच बढ़ने की मान्यता है. खासतौर पर मन में चल रही परेशानियों और नकारात्मक विचारों से राहत पाने के लिए सावन सोमवार की पूजा को शुभ माना जाता है.

सावन सोमवार का व्रत क्यों माना जाता है खास?

सावन सोमवार का व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के सबसे सरल उपायों में से एक माना गया है. मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत रखने और पूरे नियम के साथ शिवजी की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं. विवाह की इच्छा रखने वाले स्त्री और पुरुष भी सावन सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव से अच्छे जीवनसाथी की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत केवल इच्छाओं की पूर्ति के लिए ही नहीं, बल्कि मन को संयमित करने और भगवान शिव के प्रति आस्था मजबूत करने का माध्यम भी माना जाता है. व्रत के साथ शिवलिंग का अभिषेक, बेलपत्र अर्पित करना और मंत्र जाप करने की परंपरा है.

मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग की पूजा से मिलता है विशेष फल

शास्त्रों में पार्थिव शिवलिंग यानी मिट्टी से बनाए गए शिवलिंग की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है. सावन सोमवार के दिन मिट्टी का शिवलिंग बनाकर विधि-विधान से उसकी पूजा और अभिषेक किया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, पार्थिव शिवलिंग की पूजा भगवान शिव को प्रसन्न करने वाली मानी जाती है और इससे विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. यदि श्रद्धालु मंदिर जाकर पूजा नहीं कर पा रहे हैं, तो धार्मिक विधि और अपनी परंपरा के अनुसार घर पर भी शिव आराधना कर सकते हैं. पूजा के दौरान श्रद्धा, स्वच्छता और नियमों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण माना जाता है.

गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक माना जाता है बेहद शुभ

सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव को गंगाजल अत्यंत प्रिय है. इसलिए सावन सोमवार पर गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करना शुभ और फलदायी माना जाता है. जो श्रद्धालु सामर्थ्य रखते हैं, वे इस दिन रुद्री पाठ या रुद्राभिषेक भी करा सकते हैं. मान्यता है कि रुद्राभिषेक के दौरान भगवान शिव की विशेष आराधना करने से जीवन की परेशानियों से मुक्ति और सुख-शांति की कामना की जाती है.

‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप दूर करता है नकारात्मकता

भगवान शिव की कृपा पाने के लिए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप सबसे सरल उपायों में से एक माना जाता है. सावन सोमवार के दिन शिवलिंग की पूजा के साथ इस मंत्र का जाप करने की परंपरा है. श्रद्धालु अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार मंत्र का जाप कर सकते हैं. वहीं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रोग, मानसिक परेशानी या कठिन परिस्थितियों से राहत की कामना रखने वाले लोग महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी करते हैं. हालांकि, मंत्र जाप को आस्था और धार्मिक परंपरा के रूप में ही देखना चाहिए.

साढ़ेसाती और ढैय्या से परेशान लोग भी करें शिव आराधना

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि की महादशा का प्रभाव चल रहा हो, उनके लिए भी सावन सोमवार की शिव आराधना को शुभ माना जाता है. ऐसे लोग भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर सकते हैं और शिव मंत्रों का जाप कर सकते हैं. इसके अलावा नौकरी, कारोबार, आर्थिक स्थिति या किसी अन्य मनोकामना से जुड़ी प्रार्थना के लिए भी सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना गया है. मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई आराधना से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास मिलता है.

sharma ranjana

Share
Published by
sharma ranjana

Recent Posts

IPS Mother Death: मुंह में तौलिया, खून और चोट… IPS की मां की मौत का खुला राज, बंद दरवाजे के पीछे खौफनाक कांड

IPS Mother Death: उत्तर प्रदेश के लखनऊ के आईपीएस अधिकारी की मां की मौत के…

Last Updated: August 17, 2026 14:00:37 IST

पति की अर्थी को कंधा देकर सिर्फ 50 मीटर चली पत्नी, फिर खुद भी तोड़ दिया दम…एक साथ उठीं दो अर्थियां

Ballia Husband Wife Death: बलिया में पति की मौत के बाद उनकी अंतिम यात्रा के…

Last Updated: August 17, 2026 13:50:15 IST

UP News: कानपुर में 16 रुपये में कपड़ों का ऑफर देना पड़ा भारी, दुकानदार को उठा ले गई पुलिस

UP Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक दुकानदार ने ऑफर निकाला कि रात…

Last Updated: August 17, 2026 13:27:31 IST

गांजा या कुछ और…डोप टेस्ट में फंसे 3 और पायलट; 4,700 पायलटों पर मंडराया बड़ा खतरा

Air India Pilots Drug Test: एयर इंडिया के ड्रग टेस्ट में तीन पायलट शुरुआती जांच…

Last Updated: August 17, 2026 13:08:47 IST