Hindi News / Dharam / Shri Krishnas Life Was Lost At The Hands Of An Ordinary Person

एक साधारण से व्यक्ति के हाथों निकले थे श्री कृष्ण के प्राण, फिर भी नहीं लगा था कोई पाप?

Shri Krishna's Death:  एक दिन श्रीकृष्ण पीपल के पेड़ के नीचे ध्यान में बैठे थे। तभी, जरा नामक एक बहेलिया वहां आया।

BY: Prachi Jain • UPDATED :
Advertisement · Scroll to continue
Advertisement · Scroll to continue

India News (इंडिया न्यूज), Shri Krishna’s Death: यह कहानी महाभारत के अंत की है, जब द्वारका नगरी का विनाश हो चुका था और भगवान श्रीकृष्ण ने अपने लीला को समाप्त करने का निश्चय किया था। श्रीकृष्ण जानते थे कि उनका धरती पर अवतार लेने का उद्देश्य पूरा हो चुका है और अब उनके लौटने का समय आ गया है। महाभारत के युद्ध के बाद, श्रीकृष्ण ने देखा कि यादव कुल में आपसी संघर्ष और कलह बढ़ गया है। उन्होंने इसे भी अपनी लीला का हिस्सा माना और इसका अंत होने दिया। अंततः, यादव कुल के अधिकांश लोग आपसी लड़ाई में मारे गए, और श्रीकृष्ण ने जंगल में एकांत में समय बिताने का निर्णय लिया।

125 वर्ष के हो चुके थे श्री कृष्ण

कहानी के अनुसार, एक दिन श्रीकृष्ण पीपल के पेड़ के नीचे ध्यान में बैठे थे। तभी, जरा नामक एक बहेलिया वहां आया। जरा को श्रीकृष्ण के पैर का अंगूठा हिरण का मुंह प्रतीत हुआ और उसने इसे निशाना बनाते हुए बाण चलाया। वह बाण सीधे श्रीकृष्ण के पैर में लगा। जब जरा करीब आया, तो उसने देखा कि उसने भगवान श्रीकृष्ण को बाण मारा है। वह बहुत ही दुखी और पश्चाताप से भर गया। उसने श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी।

मां सरस्वती के इस श्राप से कांप गए थे ब्रह्माजी, पूरी दुनिया में क्यों हैं बस एक ही मंदिर? पीछे छिपा रहस्य जान उड़ जाएंगे होश

अर्जुन को कैसे प्राप्त हुआ था सृष्टि को विनाश कर देने वाला पाशुपतास्त्र? पीछे छिपी हैं रहस्यमयी कहानी!

सब धागे जुड़े हैं व्यक्ति के पीछे जन्म से

श्रीकृष्ण ने उसे शांत किया और कहा, “जरा, यह सब पहले से ही निर्धारित था। तुम्हारे इस कार्य में कोई दोष नहीं है, यह मेरी लीला का हिस्सा है।” श्रीकृष्ण ने उसे यह भी बताया कि पिछले जन्म में वह वही बाण था जिसने रामावतार में बाली को मारा था, और आज उसने उसी बाण के रूप में अपना कर्म पूरा किया है।

इस प्रकार, भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शरीर को त्याग दिया। चूंकि यह भगवान की इच्छा और लीला का हिस्सा था, इसलिए जरा के हाथों श्रीकृष्ण के प्राण निकलने के बावजूद उसे कोई पाप नहीं लगा। यह भी दिखाता है कि सब कुछ पहले से ही तय था, और जरा केवल एक माध्यम बना। इसलिए, उसे किसी भी प्रकार का पाप नहीं लगा।

Mahabharata: द्रौपदी के इस राज को जान दंग रह गए थे पांडव, भगवान कृष्ण भी नहीं कर सकें थे मदद!

Disclaimer: इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इंडिया न्यूज इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।

Tags:

DevotionalDharamKaramDharmkiBaatindianewslatest india newsPaathKathayeShri Krishna.today india newsइंडिया न्यूज
Advertisement · Scroll to continue

लेटेस्ट खबरें

मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने 2024-25 में 133 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई की दी रिपोर्ट, अगले वित्त वर्ष के लिए 154 करोड़ रुपये का अनुमान
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने 2024-25 में 133 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई की दी रिपोर्ट, अगले वित्त वर्ष के लिए 154 करोड़ रुपये का अनुमान
कुमारी सैलजा ने सरकार पर साधा निशाना, कहा – सरकार की नज़र लोगों की जेब पर, टोल टैक्स, बिजली दरें बढ़ाई..अब वसूला जाएगा ‘गार्बेज कलेक्शन चार्ज’
कुमारी सैलजा ने सरकार पर साधा निशाना, कहा – सरकार की नज़र लोगों की जेब पर, टोल टैक्स, बिजली दरें बढ़ाई..अब वसूला जाएगा ‘गार्बेज कलेक्शन चार्ज’
यहां कौड़ियों के दाम मिलते हैं लाखों के iPhone और Gold, चिल्लर देकर खरीदा जाता है हर लग्जरी सामान! होश उड़ा देगी वजह
यहां कौड़ियों के दाम मिलते हैं लाखों के iPhone और Gold, चिल्लर देकर खरीदा जाता है हर लग्जरी सामान! होश उड़ा देगी वजह
1857 में कुंवारी लड़कियों को चुन-चुन कर उठाते थे अंग्रेज, बड़ी बेरहमी से करते थे ये घिनौना काम, रहस्य जान तिलमिला उठेंगे आप
1857 में कुंवारी लड़कियों को चुन-चुन कर उठाते थे अंग्रेज, बड़ी बेरहमी से करते थे ये घिनौना काम, रहस्य जान तिलमिला उठेंगे आप
देश में किस पार्टी के पास है सबसे ज्यादा मुस्लिम सांसद ? पहले स्थान पर है कांग्रेस, दूसरे नंबर पर है ये पार्टी, नाम जानकर उड़ जाएंगे आपके भी होश
देश में किस पार्टी के पास है सबसे ज्यादा मुस्लिम सांसद ? पहले स्थान पर है कांग्रेस, दूसरे नंबर पर है ये पार्टी, नाम जानकर उड़ जाएंगे आपके भी होश
Advertisement · Scroll to continue