<
Categories: धर्म

Tulsi Puja Ke Niyam: तुलसी पूजा करना किन दिनों और तिथियों में वर्जित होता है? जानें इससे जुड़े कुछ नियम

Tulsi Plant Ke Niyam: सनातन धर्म में तुलसी पूजन का बहुत महत्व होता है लेकिन कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए. तो आइए जानते हैं तुलसी पूजन से जुड़े कुछ नियमों के बारे में.

Tulsi Puja Niyam: सनातन धर्म में तुलसी पूजा का खास महत्व है. इनकी देवी के रूप में पूजा की जाती है. तुलसी माता की पूजा करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है और माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहती है. हिंदू धर्म में तुलसी माता का विशेष महत्व है. तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और इसकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. रोज़ाना तुलसी को जल चढ़ाना और दीपक जलाना शुभ फलदायी माना गया है. मान्यता है कि तुलसी माता को प्रसन्न करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है. हालांकि, शास्त्रों में तुलसी पूजा के कुछ ऐसे नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है. कुछ दिनों और तिथियों पर तुलसी पूजा वर्जित मानी जाती है.

तुलसी पूजा किन दिनों वर्जित है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी तिथि को तुलसी पूजा नहीं करनी चाहिए. विशेषकर देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक तुलसी विवाह तक तुलसी परंपरागत पूजा से बचना चाहिए. इसके अलावा संध्या के समय तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि यह काल असुरों का माना गया है और इस समय पूजा करना शुभ नहीं होता.

शनिवार और रविवार को नियम

शनिवार और रविवार के दिन तुलसी माता को हाथ नहीं लगाना चाहिए. मान्यता है कि इन दिनों तुलसी के पौधे को छूने से पुण्य कम हो जाता है. हां, सुबह-शाम दीपक जलाना और जल अर्पित करना अलग बात है, परंतु पत्तियां तोड़ना वर्जित है.

अमावस्या और संक्रांति पर वर्जना

अमावस्या और संक्रांति तिथि पर तुलसी माता को जल अर्पण और पूजा नहीं की जाती. इन दिनों पूजा करने से अपेक्षित फल प्राप्त नहीं होता. यही कारण है कि इन तिथियों पर लोग तुलसी के पास सिर्फ दीपक जलाते हैं और मौन प्रार्थना करते हैं.

तुलसी पूजा से जुड़े सामान्य नियम

तुलसी को हमेशा तांबे या मिट्टी के पात्र में जल अर्पित करें.

तुलसी पत्तियां तोड़ते समय ध्यान रखें कि गुरुवार को उन्हें तोड़ना अशुभ माना जाता है.

तुलसी के पौधे को पैरों से छूना या उसके ऊपर गंदगी फैलाना बड़ा दोष माना गया है.

तुलसी को प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद ही जल अर्पित करें.

Diwali 2025: इस बार पंचदिवसीय दीपोत्सव होगा छह दिवसीय, खुशियों की इस त्योहार की सारी तिथियां यहां

Shivi Bajpai

Recent Posts

Aaj Ka Panchang 4 February 2026: 2 फरवरी 2026, आज का पंचांग! जानें दिन का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय?

Today panchang 4 February 2026: आज 4 फरवरी 2026, मंगलवार का दिन हिंदू पंचांग के…

Last Updated: February 4, 2026 00:03:34 IST

क्या है ‘डॉल्फिन स्किन नेल्स’? 2026 में धूम मचाने आ गया है नाखूनों का यह नया और चमकदार ट्रेंड

Dolphin Skin Nails : 'डॉल्फिन स्किन नेल्स' 2026 का सबसे बड़ा ब्यूटी ट्रेंड है. यह…

Last Updated: February 3, 2026 23:59:14 IST

WPL Final 2026: गुजरात को हरा फाइनल में पहुंची दिल्ली की टीम, अब 5 फरवरी को आरसीबी से होगा मुकाबला

दिल्ली बनाम बेंगलुरु: महिला प्रीमियर लीग (WPL) के एलिमिनेटर मुकाबले में गुजरात को हराकर दिल्ली…

Last Updated: February 4, 2026 00:38:21 IST

सेलिना जेटली के भाई की यूएई में गिरफ्तारी का मामला: दिल्ली हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को दिए सख्त निर्देश

Delhi High Court: एक्ट्रेस सेलिना जेटली के भाई और पूर्व मेजर विक्रांत जेटली यूएई में…

Last Updated: February 3, 2026 22:57:44 IST

‘पहाड़ों के भूत’ का दुर्लभ दीदार, लद्दाख के कैमरे में कैद हुआ हिम तेंदुओं का पूरा परिवार, वीडियो वायरल

हिम तेंदुओं का परिवार: लद्दाख में हिमालय में ऊपर चढ़ते हुए हिम तेंदुओं के एक परिवार…

Last Updated: February 3, 2026 22:50:59 IST

दिल्ली में दीदी का ‘रुद्र रूप’! बंग भवन के बाहर सुरक्षाकर्मियों से भिड़ीं ममता बनर्जी, क्या है मांजरा?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली के बंग भवन के बाहर सुरक्षाकर्मियों से उलझ गईं, उन्होंने साफ…

Last Updated: February 4, 2026 00:01:31 IST