JEE 2026 IIT: 10वीं के बाद ज्यादातर छात्र IIT के लिए JEE की तैयारी शुरू कर देते हैं, लेकिन अब बिना JEE Main और JEE Advanced के भी IIT के एक खास कोर्स में दाखिले का मौका मिल सकता है.
IIT without JEE Exam: अक्सर 10वीं बोर्ड परीक्षा पास करते ही कई छात्र-छात्राएं आईआईटी में दाखिले का सपना लेकर जेईई मेंस और जेईई एडवांस्ड की तैयारी में जुट जाते हैं. क्योंकि आमतौर पर यही रास्ता आईआईटी तक पहुंचने का माना जाता है. इन कठिन परीक्षाओं को पास किए बिना आईआईटी में पढ़ाई करना लगभग नामुमकिन समझा जाता है. लेकिन अब छात्रों के लिए एक नई उम्मीद सामने आई है. अब ऐसा भी संभव है कि बिना JEE Main और JEE Advanced पास किए भी आईआईटी के एक खास कोर्स में प्रवेश लिया जा सके. इस वैकल्पिक मार्ग से उन विद्यार्थियों को भी मौका मिलेगा जो पारंपरिक प्रवेश प्रक्रिया से अलग राह चुनना चाहते हैं और आईआईटी में पढ़ाई का सपना पूरा करना चाहते हैं.
देश के प्रतिष्ठित संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने एरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए एक नया बैचलर ऑफ साइंस (BS) प्रोग्राम लॉन्च किया है. यह अंडरग्रेजुएट कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन मोड में उपलब्ध होगा और स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग पर केंद्रित रहेगा. तेजी से विकसित हो रहे एयरोस्पेस सेक्टर में प्रशिक्षित पेशेवरों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह पहल की गई है.
इस प्रोग्राम की आधिकारिक शुरुआत 9 फरवरी को IIT मद्रास कैंपस में हुई. कार्यक्रम में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और सिविल एविएशन सेक्टर के प्रतिनिधियों सहित कई इंडस्ट्री विशेषज्ञ वर्चुअली शामिल हुए. संस्थान का मानना है कि अकादमिक और इंडस्ट्री के बीच तालमेल से छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे.
IIT मद्रास के अनुसार, यह कोर्स अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV), सिविल एविएशन और स्पेस सिस्टम जैसे उभरते क्षेत्रों में मौजूद स्किल गैप को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. प्लेसमेंट और इंटर्नशिप की प्रक्रिया को सेंटर फॉर आउटरीच एंड डिजिटल एजुकेशन (CODE) के माध्यम से समन्वित किया जाएगा, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके.
इस BS प्रोग्राम में प्रवेश के लिए JEE क्वालिफाई करना अनिवार्य नहीं है. कक्षा 12वीं या समकक्ष परीक्षा पास कर चुके छात्र, साथ ही डिप्लोमा धारक भी आवेदन कर सकते हैं. नामांकन की कोई सीमा नहीं रखी गई है, जिससे अधिक से अधिक छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकें. कोर्स को लचीले ढंग से डिजाइन किया गया है, जिससे विद्यार्थी निर्धारित माइलस्टोन के भीतर अपनी गति से पढ़ाई पूरी कर सकते हैं. परीक्षाएं रविवार को सेंटर-बेस्ड टेस्ट और ऑनलाइन प्रॉक्टर्ड असेसमेंट के मिक्स्ड फॉर्मेट में आयोजित होंगी.
पाठ्यक्रम में रिकॉर्डेड लेक्चर, लाइव ट्यूटोरियल सेशन और इंटरैक्टिव ऑनलाइन फोरम शामिल होंगे. डिप्लोमा स्तर पर छात्र कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डायनामिक्स (CFD) और फाइनाइट एलिमेंट मेथड (FEM) जैसे एडवांस टूल्स का उपयोग करते हुए प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे. BS स्तर पर उन्हें एयरक्राफ्ट या स्पेसक्राफ्ट डिजाइन से जुड़ा कैपस्टोन प्रोजेक्ट पूरा करना होगा.
संस्थान का कहना है कि इस प्रोग्राम के ग्रेजुएट्स को पब्लिक सेक्टर कंपनियों, प्राइवेट एयरोस्पेस फर्मों, स्टार्टअप्स और इंजीनियरिंग एनालिसिस कंपनियों में करियर के अवसर मिल सकते हैं. साथ ही, यह कोर्स GATE परीक्षा और IITs व IISc में उच्च शिक्षा के लिए भी मजबूत आधार तैयार करेगा. IIT मद्रास का यह नया ऑनलाइन BS प्रोग्राम उन छात्रों के लिए एक बेहतरीन मौका है जो एरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी में भविष्य बनाना चाहते हैं.
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