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350 से ज्यादा छात्रों पर सिर्फ 4 टीचर,  विरोध प्रर्दशन में बच्चों ने स्कूल यूनिफॉर्म के साथ किया ऐसा काम; देख दंग रह गए शिक्षक

ओडिशा स्कूल के छात्रों का विरोध प्रदर्शन: स्कूल में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं चलती हैं. यहां 350 से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन पूरे स्कूल में केवल चार शिक्षक ही तैनात हैं.

Odisha School Students Protest: ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले के पट्टामुंडई ब्लॉक के कखारुनी यू.जी.यू.पी. विद्यालय से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की भारी कमी के विरोध में अनोखा कदम उठाया है. बच्चों ने स्कूल की यूनिफॉर्म वापस कर दी है और सरकारी मिड-डे मील लेने से भी इनकार कर दिया है. इतना ही नहीं, कई छात्र-छात्राएं भूखे रहकर कक्षा के बाहर बैठकर विरोध जता रहे हैं.

कहा जाता है कि किसी भी देश के विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य की अहम भूमिका होती है. सरकार भी शिक्षा के विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. बच्चों को स्कूल की ओर आकर्षित करने के लिए मुफ्त यूनिफॉर्म और पौष्टिक मिड-डे मील जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन कखारुनी यू.जी.यू.पी. विद्यालय की स्थिति इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है.

स्कूल में केवल चार शिक्षक

जानकारी के अनुसार इस स्कूल में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं चलती हैं. यहां 350 से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन पूरे स्कूल में केवल चार शिक्षक ही तैनात हैं. ऐसे में जब एक शिक्षक एक कक्षा को पढ़ाते हैं तो बाकी बच्चे बिना पढ़ाई के खाली बैठे रहते हैं या खेल में व्यस्त हो जाते हैं. इससे स्कूल में पढ़ाई का माहौल ही नहीं बन पा रहा है.

नहीं उठाया गया कोई ठोस कदम

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को लेकर प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. बार-बार शिकायतों के बावजूद जब शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई, तो बच्चों ने मजबूर होकर विरोध का रास्ता चुना.

इस पूरे मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक ने भी शिक्षकों की कमी को स्वीकार किया है. उन्होंने माना कि इतने कम शिक्षकों के सहारे 350 से ज्यादा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं है. प्रधानाध्यापक ने उच्च अधिकारियों से जल्द से जल्द अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की है.

‘यूनिफॉर्म या भोजन से ज्यादा जरूरी पढ़ाई है’

बच्चों का कहना है कि उन्हें यूनिफॉर्म या भोजन से ज्यादा जरूरी पढ़ाई है. अगर शिक्षक ही नहीं होंगे, तो वे ठीक से पढ़ाई कैसे कर पाएंगे? उनका साफ संदेश है कि जब तक स्कूल में आवश्यक शिक्षक नहीं भेजे जाएंगे, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.

Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

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