Jawaharlal Nehru University में नया विवाद खड़ा हो गया है. JNUSU ने VC शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के पॉडकास्ट बयान को लेकर गंभीर आपत्ति जताई और उसे आपत्तिजनक बताया.
Santishree Dhulipudi Pandit VC JNU: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है. यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) ने शुक्रवार को वाइस चांसलर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के हालिया पॉडकास्ट बयान की कड़ी निंदा की. यूनियन ने आरोप लगाया कि UGC रेगुलेशंस पर चर्चा के दौरान VC ने “खुलेआम जातिवादी बयान” दिए, जो बेहद आपत्तिजनक हैं.
यह पूरा मामला 16 फरवरी को जारी 52 मिनट लंबे पॉडकास्ट से जुड़ा है. इस बातचीत में VC विश्वविद्यालय की “एंटी-नेशनल इमेज”, JNUSU पदाधिकारियों के निष्कासन और UGC इक्विटी रेगुलेशंस जैसे मुद्दों पर बोलती दिखाई दीं. यूनियन का कहना है कि UGC नियमों पर उनकी टिप्पणी न केवल गैर-ज़रूरी थी, बल्कि सामाजिक रूप से संवेदनशील मुद्दों को हल्के में लेने वाली भी थी.
यूनियन ने अपने बयान में कहा कि VC के विचार कैंपस के भीतर मौजूद सामाजिक असमानताओं और जातिगत भेदभाव की वास्तविकताओं को नजरअंदाज करते हैं. JNUSU ने उनके इस्तीफे की मांग करते हुए 21 फरवरी को “नेशनल प्रोटेस्ट डे” मनाने का आह्वान भी किया था.
विवाद बढ़ने के बाद VC ने आरोपों को खारिज किया. उनका कहना है कि पॉडकास्ट के कुछ अंशों को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय या वर्ग को आहत करना नहीं था. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि UGC रेगुलेशंस पर उठे सवाल “गैर-ज़रूरी विवाद” हैं और संभव है कि पूरे संदर्भ को सही तरह से नहीं समझा गया. “मेरा वह मतलब नहीं था,” उन्होंने कहा, यह जोड़ते हुए कि वे इतिहास लेखन और विचारधारात्मक बहस के संदर्भ में बोल रही थीं.
यूनियन ने VC की उस टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई हमेशा पीड़ित रहकर या विक्टिम कार्ड खेलकर आगे नहीं बढ़ सकता. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस पर सफाई देते हुए VC ने कहा कि वे स्वयं बहुजन और OBC पृष्ठभूमि से आती हैं, इसलिए उनका उद्देश्य किसी भी वर्ग का अपमान करना नहीं था.
इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर में नई बहस छेड़ दी है. एक ओर छात्र संगठन VC से जवाबदेही और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है. फिलहाल, JNU परिसर में माहौल राजनीतिक रूप से गरमाया हुआ है और छात्र संगठनों की सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है.
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