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Home > मनोरंजन > जब बुझती तीली पर लिखा गया बॉलीवुड का सदाबहार गाना, आज भी लोगों को करता है मदहोश; जानिए कौन सा है सॉन्ग

जब बुझती तीली पर लिखा गया बॉलीवुड का सदाबहार गाना, आज भी लोगों को करता है मदहोश; जानिए कौन सा है सॉन्ग

Chingari Koi Bhadke: किसी भी फिल्म के लिए गाना लिखना बड़ा पेंचीदा काम है. पहले तो उसके लिरिक्स फिर, उसे बनाने की मशक्कत. कुछ गाने ऐसे हैं, जिन्हें लिखने के पीछे काफी रोचक किस्सा है. आज हम आपको एक ऐसे ही एक गाने की स्टोरी बताएंगे, जिसे बुझती हुई माचिस की तीली पर तैयार किया गया था.

Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: March 23, 2026 14:11:29 IST

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Story Behind The Song: 70 के दशक में बहुत से ऐसे गाने गाए, जो ब्लॉकबस्टर साबित हुए. ऐसा ही एक सॉन्ग 1972 में रिलीज हुई फिल्म का था. उस गाने को गीतकार ने खराब मौसम में लिख डाला. वो भी तब जब उनकी सिगरेट हवा और बारिश के कारण माचिस से बार-बार जलाने पर भी नहीं जल रही थी. उसी दौरान उनके दिमाग में एक गाना गया, जो उस दौर का बहुत पॉपुलर गाना रहा. आज भी उस सॉन्ग को सुन लोग मदहोश हो जाया करते हैं. 

कौन सा है गाना?

हम जिस सॉन्ग की बात कर रहे हैं वो साल 1972 में आई फिल्म ‘अमर प्रेम’ का गाना ‘चिंगारी कोई भड़के तो सावन उसे बुझाए, सावन जो अग्न लगाए तो उसे कौन बुझाए’ है. इस फिल्म में राजेश खन्ना शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका में थे.

कैसे लिखा गया ये सॉन्ग?

‘चिंगारी कोई भड़के..’ गाने के गीतकार हैं आनंद बक्शी. बताया जाता है कि ‘अमर प्रेम’ फिल्म के निर्देशक शक्ति सामंत जब एक पार्टी में गीतकार आनंद बक्शी से मिले, तो उन्होंने फिल्म के लिए एक इमोशनल गाना लिखने की इच्छा जताई. जैसे ही दोनों पार्टी से बाहर निकले, उस समय तेज बारिश और हवा चल रही थी. फिर डायरेक्टर शक्ति सामंत जाकर गाड़ी में बैठ गए. लेकिन आनंद बक्शी बाहर ही खड़े रहे और कुछ सोचने लगे. इसके बाद उन्होंने अपनी सिगरेट जलाने के लिए माचिस निकाली, लेकिन हवा के चलते बार-बार माचिस की जलती हुई तीली बुझ जा रही थी. फिर तुरंत उन्होंने कागज मांगा और उसपर गाना लिख दिया. 

किसने गाया ये गाना?

इस सदाबहार गाने को आवाज दी किशोर कुमार ने. वहीं इसका संगीत तैयार किया आर डी बर्मन ने. आनंद बक्शी का लिया गया ये गीत रिलीज होते ही सबकी जुबां पर छा गया था. गाने के वीडियो में दिखता है कि राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर एक नाव पर बैठे हुए हैं और अभिनेता अपना दर्द-ए-दिल बयां कर रहे हैं. 

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Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: March 23, 2026 14:11:29 IST

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Story Behind The Song: 70 के दशक में बहुत से ऐसे गाने गाए, जो ब्लॉकबस्टर साबित हुए. ऐसा ही एक सॉन्ग 1972 में रिलीज हुई फिल्म का था. उस गाने को गीतकार ने खराब मौसम में लिख डाला. वो भी तब जब उनकी सिगरेट हवा और बारिश के कारण माचिस से बार-बार जलाने पर भी नहीं जल रही थी. उसी दौरान उनके दिमाग में एक गाना गया, जो उस दौर का बहुत पॉपुलर गाना रहा. आज भी उस सॉन्ग को सुन लोग मदहोश हो जाया करते हैं. 

कौन सा है गाना?

हम जिस सॉन्ग की बात कर रहे हैं वो साल 1972 में आई फिल्म ‘अमर प्रेम’ का गाना ‘चिंगारी कोई भड़के तो सावन उसे बुझाए, सावन जो अग्न लगाए तो उसे कौन बुझाए’ है. इस फिल्म में राजेश खन्ना शर्मिला टैगोर मुख्य भूमिका में थे.

कैसे लिखा गया ये सॉन्ग?

‘चिंगारी कोई भड़के..’ गाने के गीतकार हैं आनंद बक्शी. बताया जाता है कि ‘अमर प्रेम’ फिल्म के निर्देशक शक्ति सामंत जब एक पार्टी में गीतकार आनंद बक्शी से मिले, तो उन्होंने फिल्म के लिए एक इमोशनल गाना लिखने की इच्छा जताई. जैसे ही दोनों पार्टी से बाहर निकले, उस समय तेज बारिश और हवा चल रही थी. फिर डायरेक्टर शक्ति सामंत जाकर गाड़ी में बैठ गए. लेकिन आनंद बक्शी बाहर ही खड़े रहे और कुछ सोचने लगे. इसके बाद उन्होंने अपनी सिगरेट जलाने के लिए माचिस निकाली, लेकिन हवा के चलते बार-बार माचिस की जलती हुई तीली बुझ जा रही थी. फिर तुरंत उन्होंने कागज मांगा और उसपर गाना लिख दिया. 

किसने गाया ये गाना?

इस सदाबहार गाने को आवाज दी किशोर कुमार ने. वहीं इसका संगीत तैयार किया आर डी बर्मन ने. आनंद बक्शी का लिया गया ये गीत रिलीज होते ही सबकी जुबां पर छा गया था. गाने के वीडियो में दिखता है कि राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर एक नाव पर बैठे हुए हैं और अभिनेता अपना दर्द-ए-दिल बयां कर रहे हैं. 

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