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PM Modi Speech Live: मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा? यहां पढ़ें- पूरा भाषण

PM Modi Speech Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण शुरू हो गया है. मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी जंग को लेकर आज पीएम मोदी अपनी बात रख रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बदलती हुई स्थिति पर भारत का पक्ष रख रहे हैं. जिसमें भारत की कूटनीतिक भागीदारी, क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं, और वैश्विक ऊर्जा व व्यापार मार्गों पर पड़ने वाला असर शामिल है.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: 2026-03-23 14:50:03

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PM Modi Speech Live: मिडिल में जारी ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी. इस जंग की वजह से दुनिया भर में शुरू हुई समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी. इसके अलावा, भारत में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की क्या स्थिति है? इसको लेकर भी पीएम मोदी ने देश की जनता के सामने अपनी बात रखी.

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ईरान युद्ध को तीन सप्ताह से ज्यादा हो गए हैं. भारत के साथ आर्थिक और सामरिक समस्या खड़ी हो गई है.

खाड़ी देशों में कितने भारतीय रहते हैं?

भारत के एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं. भारत की चिंता स्वाभाविक है. भारत की संसद से एकमत एकजुट आवाज दुनिया में जाना चाहिए. हर भारतीय को खाड़ी देशों में जरूरी मदद दी जा रही है. दुर्भाग्य से कुछ लोगों की मौत हुई है और कुछ लोग घायल भी हुए हैं. हमारे विदेशी दूतावास सभी को मदद दे रहे हैं. भारत में और अन्य प्रभावित देशों ने 24 घंटे सातों दिन आपात हेल्प लाइन काम कर रही है कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है.

कितने भारतीय लौटे वापस?

3.75 लाख भारतीय युद्ध के दौरान भारत सुरक्षित लौटे है. ईरान से ही एक हजार भारतीय भारत लौटे है. सरकार संवेदनशील है. सतर्क भी है. भारत ने केमिकल और फर्टिलाइजर हॉर्मूज रूट से आती है जो युद्ध के बाद चुनौतीपूर्ण हो गया है. हमारा फोकस है कि आपूर्ति ना बिगड़े. भारत 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. पेट्रोल डीजल की सप्लाई भी सुनिश्चित करने के उपाय किए गए है. आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है. कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी गई. हमारे पास 53 लाख मीट्रिक टन रिजर्व ऑयल है. सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर के साथ संपर्क में है. किसी भी तरह की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय किए जा रहे हैं.

भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाएं- पीएम मोदी

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए. ये आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए. जबसे ये युद्ध शुरू हुआ है, तबसे ही प्रभावित क्षेत्रों में हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है. मैंने खुद पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है. दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हुई है और कुछ लोग घायल हुए हैं. ऐसे मुश्किल हालात में परिवारजनों को मदद दी जा रही है.

आज एनर्जी हमारी इकोनॉमी की रीढ़ है- पीएम मोदी

हमारा प्रयास है कि हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज सुरक्षित भारत पहुंचें. हम हर पक्ष से संवाद कर रहे हैं. ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं. पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्लेंडिंग पर बहुत काम हुआ है. पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है. इससे भी बचत हो रही है. हमने मेट्रो का नेटवर्क बढ़ाया है. हमने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक बल दिया.

आज वैकल्पिक ईंधन पर जिस कदर काम हो रहा है, भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा. एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है. ग्लोबल एनर्जी जरूरतों को पूरा करने वाला वेस्ट एशिया है. दुनियाभर की अर्थव्यवस्था वर्तमान संकट से प्रभावित हो रही है. सरकार इसके शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म असर के लिए भी रणनीति के साथ काम कर रही है.

हमें फिर से तैयार रहने की जरूरत है- पीएम मोदी

पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस युद्ध से दुनिया में जो मुश्किल हालात बने हैं, उनका असर लंबे समय तक रहने की संभावना है, इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए. हमने COVID के समय में एकता के साथ ऐसी चुनौतियों का सामना किया है और अब हमें फिर से तैयार रहने की ज़रूरत है. 

डीजल पर किसानों की निर्भरता हुई कम

किसानों को 22 लाख से अधिक सोलर पंप दिए गए हैं. इससे भी उनकी डीजल पर निर्भरता कम हुई है. सरकार किसानों की मदद करती रहेगी. गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है. आने वाले समय में बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी. पावर जेनरेशन से सप्लाई तक, सभी सिस्टम की मॉनिटरिंग की जा रही है. रिन्यूएबल एनर्जी से भी मदद मिली है. देश ने बड़े कदम उठाए हैं. आधा हिस्सा रिन्यूएबल सोर्स से आता है.

बीते 11 वर्षों में देश ने अपनी सोलर पावर कैपेसिटी तीन गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट के पार पहुंचा दिया है. गोवर्धन योजना के तहत बॉयो गैस प्लांट भी काम करना शुरू कर चुके हैं. ये सारे प्रयास आज काम आ रहे हैं. सरकार ने न्यूक्लियर एनर्जी को भी प्रोत्साहित किया है. अगले पांच वर्षों में 1500 नई पावर कैपेसिटी जोड़ी जाएगी.

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Written By: Sohail Rahman
Last Updated: 2026-03-23 14:50:03

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PM Modi Speech Live: मिडिल में जारी ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी. इस जंग की वजह से दुनिया भर में शुरू हुई समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी. इसके अलावा, भारत में एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की क्या स्थिति है? इसको लेकर भी पीएम मोदी ने देश की जनता के सामने अपनी बात रखी.

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ईरान युद्ध को तीन सप्ताह से ज्यादा हो गए हैं. भारत के साथ आर्थिक और सामरिक समस्या खड़ी हो गई है.

खाड़ी देशों में कितने भारतीय रहते हैं?

भारत के एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं. भारत की चिंता स्वाभाविक है. भारत की संसद से एकमत एकजुट आवाज दुनिया में जाना चाहिए. हर भारतीय को खाड़ी देशों में जरूरी मदद दी जा रही है. दुर्भाग्य से कुछ लोगों की मौत हुई है और कुछ लोग घायल भी हुए हैं. हमारे विदेशी दूतावास सभी को मदद दे रहे हैं. भारत में और अन्य प्रभावित देशों ने 24 घंटे सातों दिन आपात हेल्प लाइन काम कर रही है कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है.

कितने भारतीय लौटे वापस?

3.75 लाख भारतीय युद्ध के दौरान भारत सुरक्षित लौटे है. ईरान से ही एक हजार भारतीय भारत लौटे है. सरकार संवेदनशील है. सतर्क भी है. भारत ने केमिकल और फर्टिलाइजर हॉर्मूज रूट से आती है जो युद्ध के बाद चुनौतीपूर्ण हो गया है. हमारा फोकस है कि आपूर्ति ना बिगड़े. भारत 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. पेट्रोल डीजल की सप्लाई भी सुनिश्चित करने के उपाय किए गए है. आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है. कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी गई. हमारे पास 53 लाख मीट्रिक टन रिजर्व ऑयल है. सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर के साथ संपर्क में है. किसी भी तरह की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय किए जा रहे हैं.

भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाएं- पीएम मोदी

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए. ये आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए. जबसे ये युद्ध शुरू हुआ है, तबसे ही प्रभावित क्षेत्रों में हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है. मैंने खुद पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है. दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हुई है और कुछ लोग घायल हुए हैं. ऐसे मुश्किल हालात में परिवारजनों को मदद दी जा रही है.

आज एनर्जी हमारी इकोनॉमी की रीढ़ है- पीएम मोदी

हमारा प्रयास है कि हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज सुरक्षित भारत पहुंचें. हम हर पक्ष से संवाद कर रहे हैं. ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं. पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्लेंडिंग पर बहुत काम हुआ है. पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है. इससे भी बचत हो रही है. हमने मेट्रो का नेटवर्क बढ़ाया है. हमने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक बल दिया.

आज वैकल्पिक ईंधन पर जिस कदर काम हो रहा है, भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा. एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है. ग्लोबल एनर्जी जरूरतों को पूरा करने वाला वेस्ट एशिया है. दुनियाभर की अर्थव्यवस्था वर्तमान संकट से प्रभावित हो रही है. सरकार इसके शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म असर के लिए भी रणनीति के साथ काम कर रही है.

हमें फिर से तैयार रहने की जरूरत है- पीएम मोदी

पश्चिम एशिया संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस युद्ध से दुनिया में जो मुश्किल हालात बने हैं, उनका असर लंबे समय तक रहने की संभावना है, इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए. हमने COVID के समय में एकता के साथ ऐसी चुनौतियों का सामना किया है और अब हमें फिर से तैयार रहने की ज़रूरत है. 

डीजल पर किसानों की निर्भरता हुई कम

किसानों को 22 लाख से अधिक सोलर पंप दिए गए हैं. इससे भी उनकी डीजल पर निर्भरता कम हुई है. सरकार किसानों की मदद करती रहेगी. गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है. आने वाले समय में बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी. पावर जेनरेशन से सप्लाई तक, सभी सिस्टम की मॉनिटरिंग की जा रही है. रिन्यूएबल एनर्जी से भी मदद मिली है. देश ने बड़े कदम उठाए हैं. आधा हिस्सा रिन्यूएबल सोर्स से आता है.

बीते 11 वर्षों में देश ने अपनी सोलर पावर कैपेसिटी तीन गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट के पार पहुंचा दिया है. गोवर्धन योजना के तहत बॉयो गैस प्लांट भी काम करना शुरू कर चुके हैं. ये सारे प्रयास आज काम आ रहे हैं. सरकार ने न्यूक्लियर एनर्जी को भी प्रोत्साहित किया है. अगले पांच वर्षों में 1500 नई पावर कैपेसिटी जोड़ी जाएगी.

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