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‘शार्क टैंक इंडिया’ सीजन 5 के हालिया एपिसोड में ‘ऑर्बिट वॉलेट’ (Orbit Wallet) नाम की कंपनी के फाउंडर्स – हर्षवर्धन झवेरी, अमन बिष्ट और शिखा चौकसे- अपना बिजनेस लेकर पहुंचे. उन्होंने एक ऐसा ‘टैप कार्ड’ पेश किया जिसे बस और मेट्रो जैसे सफर के साथ-साथ दुकानों पर पेमेंट के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने 50 करोड़ की वैल्यूएशन पर 50 लाख रुपये की मांग की.
अनुपम मित्तल का गुस्सा: मुझसे नहीं होगा
शुरुआत में तो सब ठीक रहा, लेकिन जल्द ही शार्क अनुपम मित्तल का धैर्य जवाब दे गया. जब उन्होंने कंपनी के कंपटीशन और भविष्य के बारे में सवाल पूछे, तो फाउंडर्स के जवाबों से वह संतुष्ट नहीं हुए. अनुपम ने कड़े शब्दों में कहा, तुम्हारी बातें समझ नहीं आ रही है, तुम्हें अपने नंबर्स का अंदाजा नहीं है. यह बिजनेस निवेश के लायक ही नहीं है, बल्कि यह बिजनेस ही नहीं है. मुझसे यह नहीं होगा. इसके बाद नमिता थापर और कुणाल ने भी डील से हाथ खींच लिए.
शिखा चौकसे ने पलटी बाजी
जब तीन शार्क्स बाहर हो गए और पिच डूबती नजर आई, तब को-फाउंडर शिखा चौकसे ने कमान संभाली. उन्होंने बहुत ही आत्मविश्वास के साथ समझाया कि उनकी कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में क्या हासिल किया है और बेंगलुरु व चेन्नई जैसे शहरों में उन्हें कैसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. उन्होंने साफ किया कि उनका मुकाबला गूगल पे (Google Pay) से नहीं, बल्कि एसबीआई (SBI) और एयरटेल (Airtel) जैसे बड़े खिलाड़ियों से है.
अमन गुप्ता ने दिया 60 लाख का निवेश
शिखा के आत्मविश्वास और उनकी बात करने के तरीके से अमन गुप्ता काफी प्रभावित हुए. उन्होंने शिखा की तारीफ करते हुए कहा, तुमने मुझे वापस खींच लिया. अमन को फाउंडर्स पर भरोसा हो गया और उन्होंने अंत में 60 लाख रुपये का निवेश किया. यह डील कंपनी की 4 प्रतिशत हिस्सेदारी (इक्विटी) के बदले हुई, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन 15 करोड़ रुपये तय हुई.