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कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक्टर रणवीर सिंह को फिल्म ‘कांतारा’ के पवित्र ‘दैवा’ अनुष्ठान का मजाक उड़ाने पर आड़े हाथों लिया है. जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि आप भले ही बहुत बड़े स्टार हो और लाखों लोग आपको फॉलो करते हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी की सांस्कृतिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करे. कोर्ट ने साफ लहजे में कहा कि एक सेलिब्रिटी होने के नाते आपको सार्वजनिक मंचों पर अधिक जिम्मेदार होना चाहिए.
क्या था पूरा मामला और ‘दैवा’ का अपमान?
यह विवाद पिछले साल गोवा में आयोजित IFFI (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल) के दौरान शुरू हुआ था. वहां रणवीर सिंह ने ‘कांतारा’ के एक्टर ऋषभ शेट्टी की मौजूदगी में मंच पर पवित्र ‘दैवा’ की मिमिक्री की थी. आरोप है कि रणवीर ने जूते पहनकर यह एक्ट किया और दैवा को ‘फीमेल घोस्ट’ (चुड़ैल) कहकर संबोधित किया. तटीय कर्नाटक (कोस्टल कर्नाटका) के लोगों के लिए ‘दैवा’ बेहद पूजनीय और पवित्र परंपरा है, इसलिए इस हरकत से उनकी धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई थी.
FIR दर्ज और कोर्ट से मिली अस्थायी राहत
इस मामले में बेंगलुरु के एक वकील ने रणवीर सिंह के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में FIR दर्ज कराई थी. हालांकि, कोर्ट ने सुनवाई के दौरान रणवीर सिंह को फिलहाल 2 मार्च 2026 तक के लिए राहत दी है. अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक रणवीर के खिलाफ कोई भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई न की जाए. कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि डिजिटल दुनिया में इंटरनेट कभी कुछ नहीं भूलता, इसलिए स्टार्स को अपनी हरकतों पर गौर करना चाहिए.