Who Is Gen Z: चाहे काम की जगह पर होने वाली बहस हो, सोशल मीडिया पर मीम्स हों या मार्केटिंग कैंपेन, मिलेनियल्स (Millennials), Gen Z और Gen Alpha जैसे शब्द हर जगह सुनने को मिलते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आज के युवा वयस्कों को Gen Z क्यों कहा जाता है?
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Who Is Gen Z: चाहे काम की जगह पर होने वाली बहस हो, सोशल मीडिया पर मीम्स हों या मार्केटिंग कैंपेन, मिलेनियल्स (Millennials), Gen Z और Gen Alpha जैसे शब्द हर जगह सुनने को मिलते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आज के युवा वयस्कों को Gen Z क्यों कहा जाता है? और शायद इससे भी दिलचस्प बात यह है कि ये नाम आखिर तय कौन करता है? इसका जवाब समाजशास्त्र, पॉपुलर कल्चर और पब्लिशिंग के इतिहास के मेल में छिपा है.
आम धारणा के उलट, पीढ़ियों के नाम रखने वाली कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय संस्था नहीं है. इसके बजाय, ये नाम रिसर्चर, लेखक, डेमोग्राफर (जनसांख्यिकी विशेषज्ञ), मीडिया संगठन और मार्केटर की वजह से पॉपुलर होते हैं. अगर कोई नाम लोगों को पसंद आता है और बड़े पैमाने पर अपनाया जाता है, तो आखिरकार वह उस उम्र के ग्रुप के लिए स्वीकार्य नाम बन जाता है.
अल्फाबेट के हिसाब से नाम रखने का ट्रेंड ‘Generation X’ से शुरू हुआ. इस शब्द को कनाडाई लेखक डगलस कूपलैंड ने 1991 में अपने नॉवेल ‘Generation X: Tales for an Accelerated Culture’ में पॉपुलर बनाया था. हालांकि यह शब्द पहले भी अलग-अलग संदर्भों में इस्तेमाल हुआ था, लेकिन कूपलैंड की किताब ने 1965 से 1980 के बीच पैदा हुए लोगों के लिए “Gen X” नाम को पक्का कर दिया. “X” उस पीढ़ी का प्रतीक था जिसे परिभाषित करना मुश्किल था और जो पारंपरिक लेबल में दिलचस्पी नहीं रखती थी.
इसके बाद आने वाली पीढ़ी को शुरू में ‘Generation Y’ कहा गया, क्योंकि अल्फाबेट में यह Gen X के बाद आती थी. हालांकि, यह नाम ज़्यादा समय तक नहीं चला. इतिहासकारों विलियम स्ट्रॉस और नील होवे ने 1991 में अपनी प्रभावशाली किताब ‘Generations’ में ‘Millennials’ शब्द का इस्तेमाल किया. यह शब्द उन लोगों के लिए था जो 2000 के आसपास युवावस्था में कदम रखने वाले थे. इस नाम को जल्द ही बड़े पैमाने पर स्वीकार कर लिया गया और आम बोलचाल में इसने काफी हद तक “Gen Y” की जगह ले ली.
जब मिलेनियल्स को अपना खास नाम मिल गया, तो अगली पीढ़ी स्वाभाविक रूप से ‘Generation Z’ बन गई. यह नाम टाइमलाइन में Gen X और मिलेनियल्स के बाद आने वाली पीढ़ी के तौर पर उनकी स्थिति को दिखाता है. आम तौर पर, Gen Z में 1990 के दशक के आखिर और 2010 के दशक की शुरुआत के बीच पैदा हुए लोग शामिल होते हैं, हालांकि अलग-अलग संगठनों के हिसाब से जन्म के साल थोड़े अलग हो सकते हैं. उन्हें बड़े पैमाने पर पहले सच्चे ‘डिजिटल नेटिव’ (डिजिटल युग में पले-बढ़े लोग) माना जाता है, क्योंकि वे स्मार्टफोन, हाई-स्पीड इंटरनेट और सोशल मीडिया को रोज़मर्रा की ज़िंदगी का सामान्य हिस्सा मानते हुए बड़े हुए हैं.
Gen Z के बाद, नाम रखने का सिस्टम इंग्लिश अल्फाबेट से हट गया. चूंकि “Z” पर यह क्रम खत्म हो गया था, इसलिए ऑस्ट्रेलियाई सोशल रिसर्चर मार्क मैकक्रिंडल ने ग्रीक वर्णमाला से फिर से शुरुआत करने का सुझाव दिया, जिससे लगभग 2010 से 2024 के बीच पैदा हुए बच्चों के लिए “जेन अल्फा” (Gen Alpha) नाम सामने आया.
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