एक घंटे में पार्सल डिलीवरी! जानें कैसे इस नई टेक्नोलॉजी ने बदल दी लॉजिस्टिक्स की दुनिया

Delivery Spacecraft Technique: आज हम आपको एक ऐसी टेक्नोलॉजी के बारे में बताने वाले हैं जो मात्र 1 घंटे में दुसरे देश का पार्सल आपके घर में पहुंचा देगा.

Space Parcel Delivery: आज के आधुनिक काल में हर चीजे काफी तेजी से बदली है, चाहें वह बात करने का जरिया हो या फिर सामन मंगवाने का. पार्सल डिलीवरी का व्यवसाय भी इसी तरह तेजी से बदलता जा रहा है. जहां काफी क्विक कॉमर्स कंपनिया 10 से 15 मिनट में घर का सामान डिलवर कर रही है, वहीं पारंपरिक डिलीवरी सिस्टम में शहर से शहर तक या दुसरे देशों में पार्सल पहुंचाने में कई दिन लग जाते है, लेकिन अब अमेरिका की कंपनी  Inversion ने लॉजिस्टिक्स की दुनिया में एक ऐसा कदम उठाया है, जो पूरी तरह क्रांतिकारी है. उनका दावा है कि अब आपका पार्सल दुनिया के किसी भी कोने में सिर्फ एक घंटे में पहुंच सकता है.

क्या हैं Arc Vehicle?

Inversion ने एरोस्पेस और डिफेंस टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए दुनिया का पहला स्पेस डिलीवरी व्हीकल तैयार किया है, जिसका नाम Arc Vehicle है. यह एक Re-Entry Vehicle है, यानी यह अंतरिक्ष में जाकर सुरक्षित वायुमंडल में लौट सकता है. एक बार में यह वाहन 227 किलो तक का सामान ले जा सकता है.

 

कैसे काम करती है Arc Vehicle?

Arc Vehicle पर पार्सल लोड करने के बाद यह धरती से 1000 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में उड़ान भरता है. वहां से यह सीधे डिलीवरी पॉइंट की ओर बढ़ता है और वायुमंडल में प्रवेश करके पैराशूट की मदद से सुरक्षित लैंड करता है. इस वाहन की रफ्तार 25,000 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पार्सल सिर्फ एक घंटे में दूरी तय कर सकता है.

इमरजेंसी और युद्ध समय में भी होगी उपयोगी

स्पेस डिलीवरी तकनीक केवल तेज़ पार्सल डिलीवरी तक ही सीमित नहीं है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह तकनीक युद्ध और इमरजेंसी परिस्थितियों में भी बेहद मददगार साबित हो सकती है. Arc Vehicle स्पेस में लंबी अवधि तक रुक सकता है और इसे 5 साल तक सक्रिय रखा जा सकता है, जिससे यह मुश्किल हालात में भी उपयोगी बनता है.

कम खर्च और ऑटोनोमस संचालन

कंपनी का कहना है कि यह ऑटोनोमस स्पेसक्राफ्ट है और इसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे लंबी अवधि में खर्च काफी कम होगा. हालांकि, अभी इस सर्विस की कीमत और लॉन्च की तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है. इस तकनीक के साथ, पारंपरिक लॉजिस्टिक्स की धारणाएँ पूरी तरह बदल सकती हैं. कल्पना कीजिए अब सिर्फ कुछ घंटे में अंतरराष्ट्रीय पार्सल आपके दरवाजे पर हो सकता है. भविष्य की डिलीवरी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है.

Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024.

Share
Published by
Shristi S

Recent Posts

DC W vs UP W: रोमांचक मुकाबले में जीती दिल्ली, यूपी की लगातार तीसरी हार, लिजेल ली फिफ्टी

वूमेंस प्रीमियर लीग 2026 (Women's Premier League 2026) का सातवां मुकाबला यूपी वॉरियर्स और दिल्ली…

Last Updated: January 14, 2026 22:54:11 IST

NEET PG 2025: माइनस स्कोर वाले भी बनेंगे स्पेशलिस्ट! कट-ऑफ में ऐतिहासिक गिरावट, जानें वजह

डॉक्टरी के क्षेत्र में जाने की तैयारी करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है.…

Last Updated: January 14, 2026 22:47:58 IST

US Supreme Court Tariff Decision: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर दोबारा क्यों टाला अपना फैसला?

US Supreme Court Tariff Decision:  सबसे बड़ा और हैरान कर देने वाला मसला यह है…

Last Updated: January 14, 2026 22:47:12 IST

Hussain Ustara : कौन थी लेडी डॉन सपना, जो टकरा गई दाऊद इब्राहिम से; फिर जो हुआ उससे 1988 में हिल गई पूरी मुंबई

Hussain Ustara Lady Don Sapna O Romeo Movie:  हुसैन उस्तारा की बेटी सनोबर शेख ने…

Last Updated: January 14, 2026 22:27:01 IST

IND vs NZ 2nd ODI: डैरिल मिचेल के शतक से जीता न्यूजीलैंड, केएल राहुल की सेंचुरी बेकार, सीरीज का फैसला इंदौर में…

भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में हार का सामना करना पड़ा. केएल राहुल…

Last Updated: January 14, 2026 21:36:19 IST