Shivalik Ship: देश भर में LPG संकट के बीच 44 हजार मेट्रिक टन एलपीजी लेकर शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है. सूत्रों ने बताया कि शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का ये जहाज IOCL के लिए एलपीजी लेकर आया है.
मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक जहाज
Shivalik Ship: देश भर में LPG संकट के बीच 44 हजार मेट्रिक टन एलपीजी लेकर शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है. सूत्रों ने बताया कि शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का ये जहाज IOCL के लिए एलपीजी लेकर आया है. 20 हजार मेट्रिक टन LPG मुंद्रा पर खाली किया जाएगा, जिसमें करीब 24 घंटे लगेंगे. बाकी 24 हज़ार मेट्रिक टन एलपीजी लेकर जहाज मेंगलोर के लिए रवाना होगा.
भारतीय नौसेना कड़ी सुरक्षा में आज एलपीजी टैंकर शिवालिक मुंद्रा बंदरगाह पर लंगर डाली है. इसके आगमन को ध्यान में रखते हुए मुंद्रा पोर्ट प्रशासन ने युद्ध स्तर पर लॉजिस्टिक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि गैस की इस खेप को तुरंत अनलोड कर देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाया जा सके.
इस इलाके में ईरान-इज़राइल लड़ाई की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाज़ फंसे हुए थे. भारत सरकार की लगातार डिप्लोमैटिक कोशिशों के बाद, दो भारतीय LPG जहाज़ों को जाने की इजाज़त मिली. पहला जहाज़, “शिवालिक,” अब मुंद्रा पोर्ट पर आने वाला है. दूसरा जहाज़, “नंदा देवी,” कल, 17 मार्च को कांडला पोर्ट पर आएगा.
इस बीच, एक और भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर, “जग लाडकी,” संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से लगभग 80,800 टन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित रूप से भारत के लिए निकल गया है.
सरकार ने कहा कि इस इलाके में भारतीय जहाज़ों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है, और समुद्री व्यापार और एनर्जी सप्लाई को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं.
पूर्वी हिस्से में फंसे जहाजों में से एक, भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर “जग प्रकाश,” शुक्रवार को युद्धग्रस्त होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गया. यह जहाज़ ओमान के सोहर पोर्ट से अफ्रीका के तंजानिया के तांगा पोर्ट तक पेट्रोल ले जा रहा है और इसके 21 मार्च को वहाँ पहुँचने की उम्मीद है.
सरकार ने कहा है कि इस इलाके में काम कर रहे भारतीय जहाज़ और नाविक सुरक्षित हैं और समुद्री गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जा रही है. अभी, फारस की खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज़ और 611 नाविक मौजूद हैं.
भारत अपनी ज़रूरतों का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत नैचुरल गैस और 60 प्रतिशत LPG इंपोर्ट करता है. 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों और तेहरान के जवाबी हमलों से पहले, भारत का आधे से ज़्यादा कच्चा तेल, लगभग 30 प्रतिशत गैस और 85 से 90 प्रतिशत LPG इंपोर्ट सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था.
इस लड़ाई ने होर्मुज स्ट्रेट पर असर डाला है, जो खाड़ी इलाके से एनर्जी सप्लाई का एक बड़ा रास्ता है. भारत ने रूस समेत दूसरे देशों से तेल खरीदकर सप्लाई में रुकावट की कुछ हद तक भरपाई की है, लेकिन गैस की सप्लाई सिर्फ़ इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स तक ही सीमित रखी गई है और होटल और रेस्टोरेंट जैसी कमर्शियल जगहों पर LPG की सप्लाई भी कम कर दी गई है.
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