<

एक ने जीता आसमान तो दूसरी ने ओलंपिक में किया कमाल, हरियाणा की वो दो बेटियां जिन्होने चौड़ा किया 130 करोड़ भारतीयों का सीना

Kalpana Chawla And Saina Nehwal Birthday: कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च, 1961 को करनाल में हुआ था. वहीं 17 मार्च को ही हरियाणा में जन्मी भारत की दूसरी बेटी का नाम साइना नेहवाल है. बैडमिंटन की दुनिया की टॉप खिलाड़ी साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च, 1990 को हरियाणा के हिसार में हुआ था.

Kalpana Chawla And Saina Nehwal Birthday: 17 मार्च भारतीय इतिहास में एक अहम दिन है खासकर हरियाणा के लिए. क्योंकि इस दिन हरियाणा में दो बेटियों ने जन्म लिया जो पूरी दुनिया में मशहूर हुईं. उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार और राज्य का बल्कि पूरे देश का नाम दुनिया भर में रोशन किया. उनमें से एक कल्पना चावला हैं जिन्होंने अंतरिक्ष में उड़ान भरी. कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च, 1961 को करनाल में हुआ था. वहीं 17 मार्च को ही हरियाणा में जन्मी भारत की दूसरी बेटी का नाम साइना नेहवाल है. बैडमिंटन की दुनिया की टॉप खिलाड़ी साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च, 1990 को हरियाणा के हिसार में हुआ था.

8 साल की उम्र से शुरू किया बैडमिंटन खेलना

साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च 1990 को हरियाणा के हिसार में हुआ था. साइना के माता-पिता दोनों बैडमिंटन प्लेयर थे. उनकी मां उषा रानी स्टेट लेवल पर बैडमिंटन खेलती थीं लेकिन बैडमिंटन में करियर बनाने का उनका सपना अधूरा रह गया. साइना ने अपनी मां के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए बैडमिंटन खेलना शुरू किया. उन्होंने 8 साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया.

गोपीचंद की एकेडमी में ली ट्रेनिंग

एक बैडमिंटन प्लेयर के तौर पर साइना का असली सफर तब शुरू हुआ जब उनके पिता हिसार से हैदराबाद ट्रांसफर हो गए. उनके पिता एक एग्रीकल्चरल साइंटिस्ट थे. तब साइना ने हैदराबाद में मशहूर प्लेयर पुलेला गोपीचंद की एकेडमी में ट्रेनिंग ली. गोपीचंद की एकेडमी में ही साइना एक पूरी और काबिल बैडमिंटन प्लेयर बनीं. बाद में, उन्होंने विमल कुमार से भी ट्रेनिंग ली.

ओलंपिक्स में किया कमाल

गोपीचंद के साथ ट्रेनिंग करते हुए, उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता. वह ओलंपिक्स में बैडमिंटन में मेडल जीतने वाली पहली इंडियन बैडमिंटन प्लेयर हैं. ओलंपिक के अलावा, वह वर्ल्ड चैंपियनशिप और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं. 2015 में, वह दुनिया की टॉप रैंक वाली बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं.

एक छोटे शहर से बैडमिंटन खिलाड़ी के तौर पर शुरुआत करने वाली साइना नेहवाल ने 19 जनवरी, 2026 को इंटरनेशनल लेवल पर बड़ी कामयाबी हासिल करने के बाद अपना सफर खत्म कर दिया. 36 साल की साइना ने फिटनेस की दिक्कतों की वजह से रिटायरमेंट लेने का फैसला किया. साइना ने न सिर्फ अपनी मां का सपना पूरा किया, बल्कि देश की उन लड़कियों के लिए प्रेरणा भी बनीं जो स्पोर्ट्स में आगे बढ़ना चाहती हैं.

कल्पना चावला के बारे में खास बातें

  • 1988 में, चावला NASA के एम्स रिसर्च सेंटर में शामिल हुईं, जहाँ उन्होंने स्पेस एक्सप्लोरेशन से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया. उनके डेडिकेशन और एक्सपर्टीज़ की वजह से दिसंबर 1994 में उन्हें एस्ट्रोनॉट कैंडिडेट के तौर पर चुना गया.
  • चावला ने स्पेस में अपनी पहली यात्रा 1997 में स्पेस शटल कोलंबिया से की थी.
  • इस ऐतिहासिक मिशन के दौरान, उन्होंने एक मिशन स्पेशलिस्ट और प्राइमरी रोबोटिक आर्म ऑपरेटर के तौर पर काम किया.
  • उनका दूसरा और आखिरी स्पेस मिशन, STS-107, 2003 में हुआ और यह साइंस और रिसर्च के लिए डेडिकेटेड था.
  • दुख की बात है कि वापसी की यात्रा पर पृथ्वी के एटमॉस्फियर में दोबारा एंटर करते समय, स्पेस शटल कोलंबिया टूट गया, जिससे कल्पना चावला समेत उसमें सवार सभी सात क्रू मेंबर्स की जान चली गई.
  • उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया और उनकी इच्छा के अनुसार, उन्हें यूटा के नेशनल पार्क में बिखेर दिया गया.
  • एयरोनॉटिक्स के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई अवॉर्ड और सम्मान मिले, जिनमें NASA स्पेस फ़्लाइट मेडल, NASA डिस्टिंग्विश्ड सर्विस मेडल और कांग्रेसनल स्पेस मेडल ऑफ़ ऑनर शामिल हैं.
  • कल्पना चावला की शादी जीन-पियरे हैरिसन से हुई थी. हैरिसन, जो एक साथी एस्ट्रोनॉट थे, अपनी पत्नी को खोने से बहुत दुखी हुए और उन्होंने स्पेस एक्सप्लोरेशन में उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपनी ज़िंदगी लगा दी.
  • चावला का समर्पण, हिम्मत और अपने सपनों के प्रति अटूट कमिटमेंट हम सभी के लिए एक शानदार मिसाल है. उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि अगर हम सपने देखने की हिम्मत करें और अपने लक्ष्यों को पाने के लिए बिना थके मेहनत करें तो कुछ भी मुमकिन है.
Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

Share
Published by
Divyanshi Singh

Recent Posts

कौन हैं योगेंद्र कुशवाह? जिनके जुनून के सामने झुके एश्टन हॉल, अमेरिका से आकर गिफ्ट की कार

Indian Ashton Hall: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले का एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने अपनी…

Last Updated: May 17, 2026 13:46:08 IST

अगर साथ जी नहीं सकते तो… मांग में सिंदुर भर प्रेमी जोड़े ने खाया जहर; वीडियो बना मां को भेजा

Bhagalpur Couple Suicide Case: भागलपुर में एक प्रेमी जोड़े ने लव मैरिज कर जहर खा…

Last Updated: May 16, 2026 23:08:25 IST

Maruti Breeza vs Toyota Hyryder: लेना चाहते हैं बड़े साइज की Compact SUV? क्या है वेल्यू फॉर मनी

परफॉर्मेंस, फीचर्स, बजट में फिट बैठने के साथ ही यह दोनों कारें लुक्स में भी…

Last Updated: May 16, 2026 22:14:46 IST

Honor 400 vs Oppo Find X9 Ultra: फीचर्स से लेकर बैटरी तक क्या है अंतर? कौन सा फोन ज्यादा किफायती

कुछ ही हजार की कीमत में आप एक अच्छा स्मार्टफोन ले सकते है, जो वास्तव…

Last Updated: May 16, 2026 22:12:26 IST

Silver Import Rules Change: सोने के बाद अब चांदी को लेकर सरकार ने बदल दिया नियम, जानें क्या पड़ेगा असर

Silver Import Rules Change: चांदी के व्यापार पर बड़ा फैसला लेते हुए केंद्र सरकार ने…

Last Updated: May 16, 2026 21:29:03 IST

दरवाजे के पीछे भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें,  छोटी आदतें बन सकती हैं आर्थिक और मानसिक तनाव की वजह

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से को खास महत्व दिया गया है.…

Last Updated: May 16, 2026 20:36:07 IST