<

दोनों तरफ अनंत समुद्र का विस्तार, भारत के अंतिम छोर तक ले जाती है ये सड़क, दिखता है खूबसूरत ‘सनसेट’ का नजारा

भारत की मुख्य भूमि की सड़क जहां खत्म होती है, वहां से शुरू होता है हिन्द महासागर का विस्तार. नेशनल हाईवे 87 का अंतिम हिस्सा रामेश्वरम से शुरू होकर तमिलनाडु के धनुषकोड़ी के पास अरिचल मुन्नई पर समाप्त होता है, जहां भारत की मुख्यभूमि का अंतिम मोटरेबल बिंदु स्थित है.

क्या कभी आपने सोचा है भारत की सड़क का अंतिम छोर कहां पर समाप्त होता है? भारत की मुख्य भूमि की सड़क जहां खत्म होती है, वहां से शुरू होता है हिन्द महासागर का विस्तार.

हम बात कर रहे हैं नेशनल हाईवे 87 की जिसका अंतिम हिस्सा रामेश्वरम से शुरू होकर तमिलनाडु के धनुषकोड़ी के पास अरिचल मुन्नई पर समाप्त होता है, जहां भारत की मुख्यभूमि का अंतिम मोटरेबल बिंदु स्थित है.

अंतिम सड़क का भौगोलिक महत्व

यह सड़क तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है, जो रामेश्वरम से लगभग 20 किलोमीटर दूर धनुषकोड़ी तक जाती है, उसके बाद कुछ किलोमीटर रेतीला ट्रैक अरिचल मुन्नई तक ले जाता है. यहां एक तरफ बंगाल की खाड़ी और दूसरी तरफ हिंद महासागर फैला हुआ है, जिससे सड़क के दोनों ओर समुद्र दिखाई देता है. अरिचल मुन्नई भारत की मुख्यभूमि का अंतिम मोटरेबल पॉइंट है, जहां से आगे खुला समुद्र शुरू हो जाता है.

यह रास्ता न सिर्फ भौगोलिक रूप से अनोखा है, बल्कि दृश्यों के लिहाज से भी अद्भुत है; तेज आर्द्र हवाएं, रेतीले तट और अनंत क्षितिज इसे भारत की सबसे खास कोस्टल ड्राइव बनाते हैं.

इतिहास और पौराणिक महत्व

इस क्षेत्र का गहरा पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व है. रामायण के अनुसार, यहीं से भगवान राम ने लंका पहुंचने के लिए राम सेतु (एडम्स ब्रिज) बनवाया था, जो चूना पत्थर की शोल्स की श्रृंखला है. इस स्थान का नाम धनुष्कोडी है, क्योंकि मान्यता है कि राम ने इस स्थान को अपने धनुष के सिरे से चिह्नित किया था. रामेश्वरम से धनुष्कोडी तक की कुल दूरी लगभग 20 किलोमीटर है, और फिर कुछ अतिरिक्त किलोमीटर का बंजर रेतीला रास्ता आपको अरिचल मुनाई तक ले जाता है, जो सड़क का अंतिम छोर है. 

1964 की भयानक चक्रवात ने इसे तबाह कर दिया, जिसमें कई जानें गईं थीं इसके बाद सरकार ने इसे रहने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया, और आज यहां सिर्फ खंडहर ही बचे हैं, जो दुखद अतीत की गवाही देते हैं. 

सड़क की विशेषताएं

इस सड़क के दोनों ओर समुद्र है. संकरी सड़क पर चलते हुए दोनों तरफ समुद्र नजर आता है, जो यात्रा को अविस्मरणीय और रोमांचक बना देता है. धनुषकोडी से श्रीलंका की दूरी मात्र 18-20 किलोमीटर दूर है. वाहनों को अरिचल मुन्नई से आगे जाने की अनुमति नहीं है. उसके आगे लोग पैदल जाते हैं. आमतौर पर रामेश्वरम की यात्रा पर जाने वाले लोग यहां जरूर जाते हैं. यहां लोग सूर्यास्त देखना विशेष पसंद करते हैं. सूर्यास्त  यहां का नजारा बेहद खूबसूरत होता है.    

Shivangi Shukla

वर्तमान में शिवांगी शुक्ला इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. हेल्थ, बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा रिसर्च बेस्ड आर्टिकल और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करती हैं. तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है. डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Share
Published by
Shivangi Shukla

Recent Posts

न्यायिक सेवा से शिक्षा जगत तक: मिमांशा महेश अग्रवाल को विधि विषय में पीएच.डी. की उपाधि

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के रूप में न्याय, कानूनी जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में…

Last Updated: October 24, 2026 19:52:17 IST

Bihar Politics: अनंत सिंह पर JDU का बड़ा फैसला, 6 साल के लिए पार्टी से निकाला; विधायकी पर भी संकट

Anant Singh: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह के खिलाफ एक्शन…

Last Updated: October 24, 2026 19:18:41 IST

Noida Fire: नोएडा सेक्टर-125 में भीषण आग से मची अफरा-तफरी, चपेट में आईं 5 दुकानें, 1 की मौत

Noida Fire: उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 125 में 24 अक्टूबर 2026 को आग लग…

Last Updated: October 24, 2026 18:57:21 IST

ट्रेन की सीटों पर क्यों नहीं लगाए जाते सीट बेल्ट? क्या है इसके पीछे की वजह, जानकर चौंक जाएंगे!

Why are there no seat belts in trains: कार और विमान में सीट बेल्ट यात्रियों…

Last Updated: October 24, 2026 18:59:46 IST

नीले ड्रम हत्याकांड में नया मोड़, फांसी की सजा के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे मुस्कान और साहिल

Meerut Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को…

Last Updated: October 24, 2026 18:28:28 IST