इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
Changes In The Body Of Children Before Age: आजकल के खानपान की वजह से बच्चों में शारीरिक बदलाव काफी तेजी से हो रहे हैं। उम्र के पहले शरीर का विकसित होना लड़कों से ज्यादा लड़कियों में देखा जाता है। लड़कों में 13-14 साल की उम्र में ही दाढ़ी-मूंछ विकसित होने लगती है। वहीं लड़कियों में चौथी-पांचवी क्लास में ही महावारी आना शुरू हो जाता है। तो चलिए जानते हैं उम्र से पहले बच्चों के शरीर में क्यों होने लगता है बदलाव।
आपको बता दें कि बदलती लाइफस्टाइल इसकी सबसे बड़ी वजह है। बच्चों को मिलता ओवर एक्सपोजर उन्हें उम्र से पहले बड़ा कर रहा है। सोशल मीडिया पर मौजूद अडल्ट कंटेंट भी इसकी एक वजह है। इन सबके अलावा खानपान, एक्स्ट्रा स्क्रीन टाइम, और फिजिकल एक्टिविटी में आई कमी भी प्रीकोशियस प्यूबर्टी का कारण बनती है।
बच्चे की चंचलता उम्र के साथ गंभीरता में बदलती है। प्री-टीन (13 साल से पहले की उम्र) से टीनएज (13 साल के बाद) का सफर बदलाव का एक बड़ा दौर होता है। एक दशक पहले तक उम्र के नए पड़ाव को छूने के लक्षण लड़कियों में 13-14 साल, जबकि लड़कों में 15-16 साल हुआ करती थी। जैसे-जैसे लाइफस्टाइल बदली है, उम्र की यह सीमा भी घटती गई है। अब लड़कियों को 11-12 साल में पीरियड्स जबकि लड़कों में 13-14 साल में दाढ़ी-मूंछ आने लगे हैं। इससे अलग जिन लड़कियों में 8 साल और लड़कों में 9 साल की उम्र से अडल्ट होने के लक्षण शुरू हो जाते हैं, उनपर माता- पिता को खास ध्यान देना चाहिए।
उम्र से पहले शरीर में होने वाले बदलाव को प्रीकोशियस प्यूबर्टी कहते हैं। यह इस बात का इशारा होती है कि बच्चे के हॉर्मोन में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। जब शरीर में गोनाडोट्रोपिन हॉर्मोन विकसित होने लगता है, तब सेक्स ग्लैंड्स यानी लड़कियों में ओवरी और लड़कों में टेस्टिस विकसित होते है। बच्चा बढ़ रहा है इसका आकलन उसकी बढ़ती हाइट और वजन से तो होता ही है। इसके अलावा आवाज में भारीपन आना, बॉडी मसल्स में अचानक हुई ग्रोथ, पीरियड्स शुरू होने जैसी चीजें बच्चे के बढ़ने का इशारा करती हैं।
सेंट्रल प्रीकोशियस प्यूबर्टी : बच्चे में सेंट्रल प्रीकोशियस प्यूबर्टी के लक्षण तब देखे जाते हैं, जब सेक्स हॉर्मोन उम्र से पहले रिलीज होने लगे। आमतौर पर सेंट्रल प्रीकोशियस प्यूबर्टी दिमागी सदमे, हाइपोथैलेमस के ट्यूमर, ब्रेन इंफेक्शन की वजह से देखा जाता है। ज्यादातर मामलों में सेंट्रल प्रीकोशियस प्यूबर्टी के कारणों का पता नहीं चल पाता।
पेरीफेरल प्रीकोशियस प्यूबर्टी : पेरीफेरल प्रीकोशियस प्यूबर्टी की वजह हॉर्मोनल चेंज (आसपास के माहौल की वजह से), ओवरी, टेस्टिकल्स या एड्रेनल ग्लैंड में किसी तरह प्रॉब्लम से हो सकता है। कुछ सप्लीमेंट की वजह से भी ऐसा होता है।
इनकंप्लीट प्रीकोशियस प्यूबर्टी : इस स्थिति में बच्चे में अडल्ट होने के लक्षण पूरी तरह विकसित नहीं होती। जैसे लड़कियों में ब्रेस्ट डेवलपमेंट शुरू हो जाते हैं, लेकिन पीरियड्स नहीं आते। वहीं लड़कों में दाढ़ी-मूंछ आने लगते हैं, लेकिन टेस्टिकल्स की ग्रोथ नहीं होती। ज्यादातर बच्चों में इनकंप्लीट प्रीकोशियस प्यूबर्टी देखे जाते हैं।
Changes In The Body Of Children Before Age
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