Healthy Lifestyle Tips: आज की ऑफिस लाइफ और लगातार बैठे रहने की आदतों के कारण शरीर पर असर पड़ रहा है. ऐसे में दिल की सेहत के लिए सही एक्सरसाइज चुनना बेहद जरूरी है. आमतौर पर तेज चलना (Brisk Walking) दिल की सेहत के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल की रिसर्च दिखाती है कि सीढ़ियाँ चढ़ना (Stair Climbing) भी समय की बचत करते हुए दिल को मजबूत बनाने में बहुत असरदार है.
सीढ़ियां चढ़ना एक ‘vigorous-intensity’ एरोबिक एक्सरसाइज है. इसमें शरीर का पूरा वजन गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ उठाना पड़ता है, जिससे दिल तेजी से काम करता है.
सीढ़ियां चढ़ना: हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट
- 2024 की एक स्टडी के अनुसार, रोज सिर्फ 50 स्टेप्स यानी पांच फ्लाइट सीढ़ियां चढ़ना हृदय रोग के जोखिम को 20% तक कम कर सकता है.
- यह VO₂ बढ़ाता है, जो कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस का मुख्य संकेतक है.
- निचले हिस्से की मांसपेशियां (ग्लूट्स, क्वाड्स, हैमस्ट्रिंग्स) मजबूत होती हैं.
- नियमित सीढ़ियां चढ़ना रक्तचाप कम करने और धमनियों की लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है.
- साइड इफेक्ट्स: घुटनों पर दबाव, बछड़े की मांसपेशियों में खिंचाव, अचानक रक्तचाप बढ़ना और पीठ में तनाव.
तेज चलना: मध्यम-इंटेंसिटी वर्कआउट
- तेज चलना (Brisk Walking) एक स्थायी और कम प्रभाव वाला व्यायाम है.
- यह मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है और टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम करता है.
- लंबे समय तक फैट बर्न करने में मदद करता है.
- घुटनों और जोड़ो पर कम दबाव डालता है.
- मानसिक स्वास्थ्य और तनाव कम करने में मददगार है.
साइड इफेक्ट्स: शिन स्प्लिंट्स, हिप बर्साइटिस, त्वचा पर रगड़ या छाले, गर्मी में अधिक समय चलने से डिहाइड्रेशन.
भारतीय लोगों के लिए क्या बेहतर है?
WHO और Heart.org के अनुसार, दक्षिण एशियाई लोगों में Visceral Fat ज्यादा और HDL कम होता है.
शहरी भारत में जहां पार्क कम हैं लेकिन बहु-मंजिला इमारतें हैं, छोटे-छोटे 2 मिनट के सीढ़ियां चढ़ने के ब्रेक ‘exercise snacking’ के रूप में बहुत फायदेमंद साबित हो रहे हैं. यह लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को कम करता है.दिल की सेहत और फिटनेस के लिए दोनों एक्सरसाइज फायदेमंद हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए दी जा रही है. इंडिया न्यूज सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.