Is Coffe Really Fat Cutter: शरीर का बढ़ता वजन आज बड़ी मुसीबत बनकर उभरा है. दुनिया भर में इससे पीड़ितों की फेहरिस्त लंबी है. यह न केवल शारीरिक रूप से परेशान करता है, बल्कि कई अन्य गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण भी है. इससे राहत पाने के लिए लोग ऐसी चीजों को डाइट में शामिल करते हैं, जो फैट कटर का काम करती हों. आजकल लोग वजन घटाने के लिए कॉफी का भी खूब सेवन कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘7-सेकंड कॉफी ट्रिक’ और कॉफी को फैट बर्नर बताने वाले दावों की मानो बाढ़ सी आई हुई है. लेकिन, सवाल यह है कि क्या वाकई फॉफी पीने से फैट कम होता है?
एक रिसर्च में के मुताबिक, अतिरिक्त कॉफी पीने से इंसान के वजन बढ़ने की सामान्य दर प्रभावित होती है और वह कम भी हो सकती है. तीन बड़े शोध के बहुत अधिक आकड़ों के विश्लेषण के जरिए शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग, बिना शक्कर बढ़ाए, एक कप अतिरिक्त कॉफी पीते हैं उनके हर चार में बढ़ने वाला वजन उम्मीद के कम बढ़ा. कहा जाता है कि, अगर कॉफी सही तरह से इस्तेमाल की जाए तो वह सेहत के लिए बहुत उपयोगी हो सकती है.
कैफीन मेटाबॉलिज्म में कैसे करता काम?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, कॉफी को फैट बर्नर के रूप में देखने के पीछे का मुख्य कारण इसमें मौजूद कैफीन है. रीजेंसी हॉस्पिटल (गोरखपुर) के डॉ. विजय शर्मा के अनुसार, कैफीन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है और एड्रेनालाईन हार्मोन को रिलीज करता है. यह शरीर को संकेत देता है कि वह ऊर्जा के लिए शरीर में जमा फैट को ‘फ्री फैटी एसिड’ में तोड़ना शुरू कर देता है.
सही सेवन से कई बीमारियों में फायदेमंद
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, अगर कॉफी को सही तरीके से पीया जाए तो ये दिल के रोग, टाइप 2 डायबिटीज और कुछ कैंसर जैसे रोगों में फायदेमंद हो सकती है. शोध में पाया गया कि कॉफी और वजन उम्मीद से कम बढ़ने देने का गहरा संबंध है. जो लोग एक दिन में अतिरिक्त कॉफी पीते हैं वे चार सालों में उम्मीद से 0.12 किलो कम बढ़ाते हैं जबकि उसमें शक्कर डालने से वजन में 0.09 किलो का ज्यादा इजाफा देखने में मिलता है.
रिसर्च में सामने आए चौंकाने आंकड़े
शोधकर्ताओं ने 1986 से 2010 के बीच और, 1991 से 2015 के बीच नर्सेस हेल्थ स्टडीज के 2.3 लाख प्रतिभागियों और 1991 से 2014 के बीच हेल्थ प्रोफेशनल फॉलोअब स्टडी के 50 हजार पुरुष प्रतिभागियों के मिले जुले आंकड़ों को मिलाया. इसमें प्रतिभागियों से भोजन और पेय पदार्थ संबंधी सवाल पूछे गए थे जिसके आधार पर शोधकर्ताओं ने कॉफी पीने की आदतों और चार साल के अंतराल पर उनके वजन के बारे में पूछा गया था. जहां नर्सों के अध्ययन में हर चार साल में 1.2 से 1.7 किलो वजन बढ़ा वहीं हेल्थ प्रोफेशनल के अध्ययन में औसत 0.8 किलो का भार बढ़ा.
वजन घटाने के लिए कॉफी पीने से पहले एक्सपर्ट सलाह जरूरी
शोधकर्ताओं ने पाया कि एक दिन में एक कप बगैर शक्कर की कैफीनेटेड या अनकैफीनेटेड कॉफी पेय बढ़ाने से चार साल में उम्मीद से 0.12 किलो वजन कम बढ़ा. वहीं दूध या अन्य गैर डेयरी पदार्थ मिलाने का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा. जबकि एक चम्मच शक्कर डालने से वजन उम्मीद से 0..09 किलो ज्यादा बढ़ा. यानी अध्ययन यह साबित नहीं करता कि कॉफी पीना वजन में बदलाव का सही कारण है. अध्ययन में पाए गए बदलाव बहुत बड़े नहीं थे. अधिकांश वयस्क रोजाना 400 मिलीग्राम की कैफीन का सेवन करते हैं. अत्यधिक सेवन से घबराहट, अनिद्रा (Insomnia) और एसिडिटी. तनाव हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ने से पेट के आसपास चर्बी जमा हो सकती है. यह दो एस्प्रेसो या चार कप इंस्टेंट कॉफी या आठ कप चाय के बराबर है. सलाह यह है कि व्यक्ति को अपनी सेहत के मुताबिक वजन कम करने लिए डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए.