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Home > Uncategorized > कबूतर की बीट से गंभीर बीमारियों का खतरा! दाना खिलाएं मगर संभलकर, वरना… फेफड़ों में पहुंचा देंगे धीमा विष!

कबूतर की बीट से गंभीर बीमारियों का खतरा! दाना खिलाएं मगर संभलकर, वरना… फेफड़ों में पहुंचा देंगे धीमा विष!

Pigeon Droppings and a Silent Public Health Crisis: कबूतर को दाना खिलाने से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं. इसलिए लोग उन्हें दाना खिलाते हैं. लोग अपनी बालकनी, आंगन या फिर पार्क में जाकर कबूतरों को दाना खिलाते हैं. इसका चलन शहरी इलाकों में अधिक है. बेशक कबूतर को दाना खिलाना पुनीत का कार्य हो, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट इसके लिए थोड़ा सचेत करते हैं. आइए जानते हैं कि कबूतर की बीट से फेफड़ों को क्या नुकसान-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: 2026-01-13 15:12:38

Pigeon Droppings and a Silent Public Health Crisis: कबूतर देखने में सभी को बहुत ही सुन्दर लगते हैं. कबूतर से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं. कहते हैं कि कबूतर को दाना खिलाने से भाग्य अच्छा रहता है. इसलिए लोग उन्हें दाना खिलाते हैं. लोग अपनी बालकनी, आंगन या फिर पार्क में जाकर कबूतरों को दाना खिलाते हैं. कुछ लोग उनके झुंड में बैठकर दाना खिलाते हैं. इसका चलन शहरी इलाकों में अधिक है. बेशक कबूतर को दाना खिलाना पुनीत का कार्य हो, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट इसके लिए थोड़ा सचेत करते हैं. क्योंकि, कई बार ये पक्षी परेशानी का सबब भी बन सकते हैं. बता दें कि, कबूतर के बीट अपने साथ सांस संबंधी कई खतरनाक बीमारियां साथ लाते हैं. जिससे, पर्यावरण और लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. अब सवाल है कि आखिर कबूतर की बीट फेफड़ों को कैसे नुकसान पहुंचाती है? अगर कबूतर को दाना खिलाते समय किन बातों का रखें ध्यान? इस बारे में India News को बता रहे हैं नोएडा के जनरल फिजिशियन डॉ. संजय वार्ष्णेय-

कबूतर की बीट से किन बीमारियों का जोखिम?

एक्सपर्ट के मुताबिक, कबूतरों की बीट से जुड़ी बीमारियों में क्रिप्टोकोकोसिस, हिस्टोप्लाज़मोसिस और सिटाकोसिस शामिल हैं. बीट साफ करते समय पैदा होने वाली धूल में सांस लेने से आप इन बीमारियों से संक्रमित हो सकते हैं. जो लोग घर पर रोजाना दाना डालते हैं और कबूतर उनके यहां आते-जाते रहते हैं उनके यहां भी परिजनों को सेहत से जुड़ी तमाम दिक्कतें होती रहती हैं. कबूतर के बीट की समय पर सफाई न होने से वो हवा मे मिलकर लोगो में फंगल इन्फेक्शन करते हैं.

कबूतर की बीट फेफड़ों को कैसे नुकसान पहुंचाती?

डॉक्टर बताते हैं कि, पक्षियों की बीट और पंखों से उत्पन्न होने वाला सांस लेने वाला एंटीजन फेफड़ों में जाता है और इम्यूनोलॉजिकल रिएक्‍शन का कारण बनता है. यह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है. अगर आपके आसपास भी कबूतर की बीट या पंख रहते हैं तो उन्हें साफ़ करें. इसकी सफाई करते समय खुद को कवर करके रखें और मास्क पहन कर रखें जिससे कि आपकी सेहत को कोई नुकसान न हो.

कबूतर को दाना खिलाते समय क्या सावधानियां बरतें?

एक्सपर्ट कहते हैं कि, कबूतर को दाना खिलाते समय कुछ सावधानियां जरूर रखनी चाहिए. जैसे- कबूतरों को दाना खिलाते समय मास्क पहनें, साफ जगह चुनें. घर की छत, बालकनी या फिर पब्लिक प्लेस पर उन्हें दाना डालने से बचें. क्योंकि, इनके पंख और बीट से संक्रमण (जैसे फेफड़ों के रोग) फैल सकते हैं. साथ ही, दाना एक निश्चित समय पर, साफ-सुथरे बर्तन में और केवल साबुत अनाज दें. इसके अलावा, कबूतरों को घर के आस-पास जमा होने से रोकें.

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कबूतर की बीट से गंभीर बीमारियों का खतरा! दाना खिलाएं मगर संभलकर, वरना… फेफड़ों में पहुंचा देंगे धीमा विष!

Pigeon Droppings and a Silent Public Health Crisis: कबूतर को दाना खिलाने से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं. इसलिए लोग उन्हें दाना खिलाते हैं. लोग अपनी बालकनी, आंगन या फिर पार्क में जाकर कबूतरों को दाना खिलाते हैं. इसका चलन शहरी इलाकों में अधिक है. बेशक कबूतर को दाना खिलाना पुनीत का कार्य हो, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट इसके लिए थोड़ा सचेत करते हैं. आइए जानते हैं कि कबूतर की बीट से फेफड़ों को क्या नुकसान-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: 2026-01-13 15:12:38

Pigeon Droppings and a Silent Public Health Crisis: कबूतर देखने में सभी को बहुत ही सुन्दर लगते हैं. कबूतर से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं. कहते हैं कि कबूतर को दाना खिलाने से भाग्य अच्छा रहता है. इसलिए लोग उन्हें दाना खिलाते हैं. लोग अपनी बालकनी, आंगन या फिर पार्क में जाकर कबूतरों को दाना खिलाते हैं. कुछ लोग उनके झुंड में बैठकर दाना खिलाते हैं. इसका चलन शहरी इलाकों में अधिक है. बेशक कबूतर को दाना खिलाना पुनीत का कार्य हो, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट इसके लिए थोड़ा सचेत करते हैं. क्योंकि, कई बार ये पक्षी परेशानी का सबब भी बन सकते हैं. बता दें कि, कबूतर के बीट अपने साथ सांस संबंधी कई खतरनाक बीमारियां साथ लाते हैं. जिससे, पर्यावरण और लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. अब सवाल है कि आखिर कबूतर की बीट फेफड़ों को कैसे नुकसान पहुंचाती है? अगर कबूतर को दाना खिलाते समय किन बातों का रखें ध्यान? इस बारे में India News को बता रहे हैं नोएडा के जनरल फिजिशियन डॉ. संजय वार्ष्णेय-

कबूतर की बीट से किन बीमारियों का जोखिम?

एक्सपर्ट के मुताबिक, कबूतरों की बीट से जुड़ी बीमारियों में क्रिप्टोकोकोसिस, हिस्टोप्लाज़मोसिस और सिटाकोसिस शामिल हैं. बीट साफ करते समय पैदा होने वाली धूल में सांस लेने से आप इन बीमारियों से संक्रमित हो सकते हैं. जो लोग घर पर रोजाना दाना डालते हैं और कबूतर उनके यहां आते-जाते रहते हैं उनके यहां भी परिजनों को सेहत से जुड़ी तमाम दिक्कतें होती रहती हैं. कबूतर के बीट की समय पर सफाई न होने से वो हवा मे मिलकर लोगो में फंगल इन्फेक्शन करते हैं.

कबूतर की बीट फेफड़ों को कैसे नुकसान पहुंचाती?

डॉक्टर बताते हैं कि, पक्षियों की बीट और पंखों से उत्पन्न होने वाला सांस लेने वाला एंटीजन फेफड़ों में जाता है और इम्यूनोलॉजिकल रिएक्‍शन का कारण बनता है. यह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है. अगर आपके आसपास भी कबूतर की बीट या पंख रहते हैं तो उन्हें साफ़ करें. इसकी सफाई करते समय खुद को कवर करके रखें और मास्क पहन कर रखें जिससे कि आपकी सेहत को कोई नुकसान न हो.

कबूतर को दाना खिलाते समय क्या सावधानियां बरतें?

एक्सपर्ट कहते हैं कि, कबूतर को दाना खिलाते समय कुछ सावधानियां जरूर रखनी चाहिए. जैसे- कबूतरों को दाना खिलाते समय मास्क पहनें, साफ जगह चुनें. घर की छत, बालकनी या फिर पब्लिक प्लेस पर उन्हें दाना डालने से बचें. क्योंकि, इनके पंख और बीट से संक्रमण (जैसे फेफड़ों के रोग) फैल सकते हैं. साथ ही, दाना एक निश्चित समय पर, साफ-सुथरे बर्तन में और केवल साबुत अनाज दें. इसके अलावा, कबूतरों को घर के आस-पास जमा होने से रोकें.

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