India News (इंडिया न्यूज),pumpkin seeds: भारत में कद्दू का खूब सेवन किया जाता है, खासकर सर्दियों में इसकी पैदावार खूब होती है। कद्दू की सब्जी बनाते समय ज्यादातर लोग इसके बीज फेंक देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि असल में कद्दू का सबसे ताकतवर हिस्सा इसके बीज ही होते हैं? कमाल की बात यह है कि कद्दू के बीज मछली से भी ज़्यादा पौष्टिक होते हैं। पिंक सैल्मन इस सूची में 77वें स्थान पर है। कद्दू के बीजों का पोषण मूल्य 84 है जबकि पिंक सैल्मन का सिर्फ़ 52 है। तो अगली बार कद्दू के बीज फेंकने की गलती न करें। आइए जानते हैं कद्दू में ऐसा क्या खास है जो इसे इतना ताकतवर बनाता है और आप इसे अपनी डाइट में कैसे शामिल कर सकते हैं।
कद्दू के बीज आयरन और मैंगनीज का सबसे अच्छा पौधा-आधारित स्रोत हैं। आयरन शरीर में एनीमिया को ठीक करने में मदद करता है जबकि मैंगनीज शरीर में ताकत और हड्डियों के निर्माण के लिए आवश्यक है।
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कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय की लय को बनाए रखने में मदद करता है। ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड सूजन को कम करते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करते हैं, जबकि अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाते हैं।
कद्दू के बीजों में मौजूद जिंक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम होता है। विटामिन ई सूजन को कम करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को और बढ़ाता है। इसमें मौजूद कैरोटीनॉयड और विटामिन ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं।
मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और जिंक हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने के लिए आवश्यक तत्व हैं। कद्दू के बीजों में ये तीनों तत्व अच्छी मात्रा में होते हैं। इनका नियमित सेवन हड्डियों को मजबूत बनाता है।
कद्दू के बीज इंसुलिन को बेहतर बनाने और मधुमेह की जटिलताओं को रोकने में मदद कर सकते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर भूख को नियंत्रित करते हैं और वजन को नियंत्रण में रखते हैं। अच्छी बात यह है कि 100 ग्राम कद्दू के बीजों में केवल 164 कैलोरी होती है।
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