Rare Sensorineural Hearing Loss: बॉलीवुड की सुरों की मल्लिका अलका याग्निक आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है. उन्होंने अपनी आवाज से करोड़ों लोगों का दिल जीता है. लेकिन, हाल में आई उनकी सेहत से जुड़ी एक खबर ने लोगों को चौंका दिया है. बता दें कि, 2024 में अलका याग्निक ने अपने फैंस को चौंकाते हुए खुलासा किया कि वह एक दुर्लभ कान की बीमारी से जूझ रही हैं, जिसके चलते उन्होंने कुछ समय के लिए सबसे दूरी बना ली थी. हाल में उन्होंने फिर अपने इंस्टाग्राम पर हेल्थ अपडेट शेयर किया है. जिसमें अलका याग्निक (Alka Yagnik) ने बताया कि, उन्हें एक रेयर सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस (Rare Sensory Neural Nerve Sensory Loss) डाइग्नोज हुआ है. यह परेशानी फिर बढ़ी है. अपनी इस शारीरिक स्थिति के कारण उन्होंने फिलहाल नए काम को स्वीकार करने से मना कर दिया है. अब सवाल है कि आखिर SNHL बीमारी क्या है? कानों से जुड़ी SNHL बीमारी कितनी खतरनाक? कितने तरह की होती है यह परेशानी? क्या हैं इसके लक्षण? आइए जानते हैं इस बारे में-
वो खतरनाक वायरस, जिसने छीनी सुनने की क्षमता?
बता दें कि, अलका याग्निक जिस बीमारी का सामना कर रही हैं, उसे ‘सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस’ कहा जाता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह समस्या एक अचानक हुए वायरल अटैक की वजह से हुई थी. दरअसल, एक गायक के लिए उसके कान और आवाज ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी होती है, ऐसे में इस बीमारी ने न केवल उनकी सुनने की क्षमता को प्रभावित किया है, बल्कि उन्हें उनकी गायकी से भी दूर रहने पर मजबूर कर दिया है.
सेंसेरिन्यूरल हियरिंग लॉस क्या है?
क्लीवलैंड क्लीनिक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसोरिन्यूरल हियरिंग लॉस (SNHL) तब होता है जब ध्वनि आपके भीतरी कान तक नहीं पहुंच पाती है. यानी इस स्थिति में आपके आंतरिक कान या आपके श्रवण तंत्रिका में संरचनाओं को नुकसान हो जाता है. यह वयस्कों में 90 फीसदी से ज्यादा श्रवण हानि यानी बहरेपन का कारण है. एसएनएचएल (SNHL) के सामान्य कारणों में तेज आवाज, आनुवंशिक कारक या प्राकृतिक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया शामिल है. उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में सेंसेरिन्यूरल हियरिंग लॉस (Sensorineural hearing loss (SNHL) एक स्वाभाविक हिस्सा है. हालांकि, तेज़ आवाज़ के संपर्क में आने से आपके आंतरिक कान या श्रवण तंत्रिका को स्थायी नुकसान भी हो सकता है. SNHL की गंभीर स्थिति में इसका इलाज मुश्किल है, लेकिन कुछ इम्प्लांट फिर से सुनने में मदद कर सकते हैं.
SNHL कितने प्रकार का होता है?
- तंत्रिका बहरापन (Nerve Deafness)
- संवेदी श्रवण हानि (Sensory Hearing Loss)
- अचानक संवेदी श्रवण हानि (Sudden SNHL – SSNHL)
- प्रेस्बीक्यूसिस (Age-related hearing loss)
SNHL के लक्षण क्या हैं?
- दूसरों की बात आसानी से समझ में न आना. खासकर शोर-शराबे वाली जगह पर यह परेशानी अधिक हो सकती है.
- धीमी आवाजें न सुनाई देना और तेज आवाजें असहज महसूस होना.
- कानों में सीटी या भनभनाहट महसूस होना.
- कुछ मामलों में, 72 घंटों के भीतर एक या दोनों कानों की सुनने की क्षमता घटना.
- कभी भी चक्कर आ जाना.