Sweet Potato vs Potato For Weight loss: एक कंफ्यूजन अक्सर लोगों में बनी रहती है, कि वजन घटाने के लिए आलू खाएं या फिर शकरकंद? अगर आप भी इसी कंफ्यूजन में हैं तो एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए. इस बारे में India News को बता रही हैं नोएडा की डाइटिशियन अमृता मिश्रा-
Sweet Potato vs Potato For Weight loss: शरीर का बढ़ता वजन आज सबसे बड़ी परेशानी बनकर उभरा है. दुनियाभर में इससे पीड़ितों की फेहरिस्त लंबी है. मोटापा घटाने के लिए लोग तमाम हेल्दी चीजों का खानपान करते हैं. लेकिन, एक कंफ्यूजन अक्सर लोगों में बनी रहती है, कि वजन घटाने के लिए आलू खाएं या फिर शकरकंद? अगर आप भी इसी कंफ्यूजन में हैं तो एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, वजन घटाने में ज्यादा फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स की वजह से शकरकंदी थोड़ा बेहतर विकल्प माना जाता है. हालांकि, अगर आलू को सही मात्रा में और हेल्दी तरीके से पकाकर खाया जाए, तो वह भी वजन कम करने में मदद कर सकता है. इसलिए वजन कम करने के लिए खाने का चुनाव बहुत जरूरी होता है. खासकर, कार्बोहाइड्रेट वाले खाने को लेकर लोगों में अक्सर कन्फ्यूजन रहते हैं. ऐसे में, आलू और शकरकंदी में से कौन सा वजन कम करने के लिए अच्छा है? इस बारे में India News को बता रही हैं नोएडा की क्लीनिकल डाइटिशियन अमृता मिश्रा-
एक्सपर्ट की मानें तो, अगर सही तरीके और सही मात्रा चुनी जाए, आलू और शकरकंदी दोनों को ही बैलेंस्ड डाइट में शामिल किया जा सकता है. बता दें कि, ये दोनों ही नेचुरल फूड्स हैं, बेहद कम कीमत में मिलते हैं और कई तरह से पकाकर खाए जा सकते हैं. हालांकि, इनका न्यूट्रिशन, पाचन और ब्लड शुगर पर असर अलग-अलग होता है.
आलू और शकरकंदी की कैलोरी की बात करें तो, दोनों में लगभग बराबर की कैलोरी होती है. फिर भी, शकरकंदी में थोड़ी कम कैलोरी होती है, जो वजन घटाने वालों के लिए फायदेमंद हो सकती है. फाइबर वजन कम करने में बहुत जरूरी है. शकरकंदी में आलू से ज्यादा फाइबर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है, बार-बार भूख नहीं लगती और पाचन भी अच्छा रहता है. इसी वजह से डाइट करने वालों के लिए शकरकंदी को बेहतर माना जाता है.
एक्सपर्ट की मानें तो, आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर जल्दी बढ़ता है और जल्दी भूख लग सकती है. वहीं, शकरकंदी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम या मीडियम होता है, जिससे एनर्जी धीरे-धीरे मिलती है और ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. दोनों ही पेट भरने वाले होते हैं, लेकिन शकरकंदी में ज्यादा फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स होते हैं, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और बार-बार स्नैक्स खाने की आदत कम हो सकती है.
आलू या शकरकंदी में से कुछ भी खाएं, अगर उसे तला जाए तो वजन कम करने के फायदे कम हो जाते हैं, क्योंकि उसमें ज्यादा तेल और कैलोरी आ जाती है. इसकी जगह कम तेल में उबालना, भूनना या एयर फ्राई करना बेहतर है. इसलिए, कैसे पकाकर खाते हैं, उसी में फायदा छुपा है. अगर वजन कम करना है, तो ज्यादा फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स की वजह से शकरकंदी थोड़ा बेहतर है. फिर भी, आलू को भी सही मात्रा और हेल्दी तरीके से खाया जाए तो वह भी वजन कम करने में मदद कर सकता है.
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