<
Categories: हेल्थ

Glaucoma: आंखों के लिए जहर है ‘काला मोतिया’, डॉक्टर से जानिए क्यों होती है यह परेशानी, किस उम्र में खतरा अधिक

Glaucoma Cause: ग्लूकोमा यानी काला मोतिया आंखों की गंभीर बीमारी है. एक्सपर्ट कहते हैं कि, काला मोतिया का जल्द पता लगाने के लिए 40 से अधिक उम्र वालों को हर 3 साल के अंतराल में आंखों और ऑप्टिक तंत्रिका की जांच करवानी चाहिए. अब सवाल है कि आखिर काला मोतिया है क्या? क्या ग्लूकोमा की रिकवरी संभव है? इस बारे में बता रहे हैं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मयंक जैन-

Glaucoma Cause: आंखें शरीर की सबसे नाजुक और जरूरी अंगों में से एक है. क्योंकि, आंखें ही तो हैं जो हमें रंगीन दुनिया का आभास कराती हैं. इसलिए आंखों का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट, समय-समय पर आंखों की जांच कराने की सलाह देते हैं. आंखों से जुड़ी कई ऐसी बीमारी हैं जो आपको अंधा बना सकती हैं. ग्लूकोमा यानी काला मोतिया ऐसी ही बीमारियों में से एक है. एक्सपर्ट कहते हैं कि, काला मोतिया का जल्द पता लगाने के लिए 40 से अधिक उम्र वालों को हर 3 साल के अंतराल में आंखों और ऑप्टिक तंत्रिका की जांच करवानी चाहिए.

बता दें कि, आंखों की अनदेखी से देश में काला मोतिया के मरीजों की संख्या बढ़कर 1.20 करोड़ पहुंच गई है. ऐसे में जरूरी है कि आंखों का ठीक से ख्याल रखते हुए प्रॉपर जांच कराएं. अब सवाल है कि आखिर काला मोतिया है क्या? क्या ग्लूकोमा की रिकवरी संभव है? क्या हैं काला मोतिया के लक्षण? ग्लूकोमा का रिस्क कम कैसे करें? इस बारे में India News को बता रहे हैं मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मयंक जैन-

काला मोतिया क्या है?

डॉक्टर कहते हैं कि, काला मोतिया (ग्लूकोमा) आंखों की एक गंभीर बीमारी है. इसमें आंख के अंदर दबाव (Intraocular Pressure) बढ़ने से दृष्टि नस (Optic Nerve) को नुकसान पहुंचता है. इससे रोशनी धीरे-धीरे कम होकर स्थायी अंधापन हो सकता है. इसे “साइलेंट थीफ ऑफ साइट” (दृष्टि का चोर) कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण नहीं होते हैं.

काला मोतिया की रिकवरी संभव?

काला मोतिया या ग्लूकोमा से बचने के लिए आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए. अगर परिवार का कोई सदस्य काला मोतिया से पीड़ित है तो ऐसे परिवार के सदस्यों में इसका खतरा 10 गुना तक बढ़ जाता है. बता दें कि, कैमरों की तरह काम करने वाली आंखों को मस्तिष्क से जोड़ने वाली नसों (ऑप्टिक नर्व) में ग्लूकोमा के कारण कमी आ गई तो इसकी रिकवरी करना संभव नहीं है. इस बीमारी के शरीर में कोई शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते. इसलिए नियमित जांच न कराने से अक्सर एक आंख की रोशनी जा सकती है.

आंखों की रुटीन जांच जरूरी

एक्सपर्ट के मुताबिक, 40 साल के ऊपर वालों को 2 से 3 साल के अंतराल में और 60 साल से ऊपर वालों को प्रत्येक साल आंखों की जांच करानी चाहिए. इसके अलावा, बच्चों की आंखों की भी समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए, खासतौर उनकी जिन्हें कभी आंख में चोट लगी हो. ऐसा करने से अंधापन का शिकार होने से बचा जा सकते हैं. एक खास बात, आंखों में एलर्जी होने पर खुद से या अप्रशिक्षित से दवा न लें.

बीपी-शुगर एहतियात बरतें

यदि किसी को उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थाइरॉयड की बीमारी है तो उन्हें आंखों का ज्यादा ध्यान देना चाहिए. क्योंकि, इस स्थिति में रिस्क बढ़ जाता है. इसके अलावा, जो लोग खांसी के लिए इन्हेलर, नाक में एलर्जी के कारण नेजल स्प्रे या त्वचा के संक्रमण के लिए कोई क्रीम या एंटी एजिंग के लिए दवा या इंजेक्शन लेते हैं, इनमें भी स्टेरॉयड होने की वजह से रिस्क बढ़ जाता है.

तनाव से बढ़ सकती बीमारी की गंभीरता

तनाव आंखों की बीमारी को अधिक बढ़ावा देती है. ऐसा होने से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है. इसकी वजह से आंख का प्रेशर बढ़ जाता है. इससे कालामोतिया होने की संभावना बढ़ जाती है. एक्सपर्ट के मुताबिक, आंख में सामान्य दबाव की मात्रा 10 से 21 मिमी एचजी होता है. तनाव की वजह से यह कार्टिसोल हार्मोन बढ़ने के साथ-साथ यह दबाव भी बढ़ जाता है, जो आंखों की रोशनी के लिए बेहद खतरनाक है.

योग से काला मोतिया रिस्क होगा कम

एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर लोग भ्रामरी या अनुलोम-विलोम प्रतिदिन करते हैं तो इससे कॉर्टिसोल हार्मोन का संतुलन बनता है और काले मोतिया का रिस्क कम हो जाता है. उन्होंने बताया कि अगर काला मोतिया हो गया है तो ऐसे लोगों को शीर्षासन या ऐसे आसन नहीं करने चाहिए, जिनमें सिर को ह्रदय के स्तर से नीचे ले जाना पड़ता है.

ग्लूकोमा के लक्षण

  • दृष्टि में धीरे-धीरे कमी आना
  • आंखों में लालिमा
  • अचानक दृष्टि का जाना
  • तेज दर्द
  • धुंधली दृष्टि
  • तेज रोशनी के चारों तरफ इंद्रधनुष रंग के गोले नजर आना
  • चश्मा के नंबर में लगातार बदलाव होना
Lalit Kumar

Share
Published by
Lalit Kumar

Recent Posts

RBSE 12th Result 2026: राजस्थान बोर्ड 12वीं रिजल्ट rajeduboard.rajasthan.gov.in होगा जारी, ऐसे कर पाएंगे चेक

Rajasthan Board RBSE Result 2026 Update: राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जल्द जारी…

Last Updated: March 28, 2026 07:18:22 IST

Bill Scam: रेस्तरां में LPG या Fuel Charge के नाम पर वसूली? क्या ये जायज है या ठगी, जानिए नियम और सच्चाई

Bill Scam: अगर आप भी रेस्टोरेंट या होटल के बिल में LPG चार्ज, फ्यूल सरचार्ज…

Last Updated: March 28, 2026 07:10:28 IST

UP Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ा ट्विस्ट! यूपी में आज राहत मिलेगी या जेब पर पड़ेगा जोरदार झटका?

Petrol Diesel Rate Today: सुबह 6 बजे, नेशनल ऑयल कंपनियां‌ (OMCs) अपडेटेड कीमतों की घोषणा…

Last Updated: March 28, 2026 07:00:47 IST

Delhi EV Policy 2.0: नई ईवी पॉलिसी क्या है, एक लाख रुपये तक छूट के अलावा क्या-क्या और मिलेगा फायदा?

Delhi EV Policy 2.0: दिल्ली बजट 2026 के दायरे में, रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली…

Last Updated: March 28, 2026 06:51:07 IST

Today Weather: अगले 48 घंटों में आफत! पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश और ओलों का खतरा; IMD अलर्ट

Aaj Ka Mausam: देशभर में मौसम का मिजाज बदल रहा है. बता दें कि जम्मू…

Last Updated: March 28, 2026 06:38:47 IST

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा खेल! आज खुशखबरी या जेब पर लगेगा झटका?

Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे, नेशनल ऑयल कंपनियां (OMCs) अपडेटेड कीमतों की घोषणा…

Last Updated: March 28, 2026 06:03:09 IST