Alzheimers Disease: अल्जाइमर (Alzheimer's) सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जो धीरे-धीरे इंसान की पहचान छीन लेती है. अल्जाइमर से पीड़ित व्यक्ति को लोगों का नाम उनकी पहचान कुछ भी याद नहीं रहता है. हैरानी की बात तो यह है कि, इतना सबकुछ भूलने के बाद भी वह शारीरिक संबंध बनाना नहीं भूलता है. इसके पीछे की वजह क्या है? इस बारे में बता रहे हैं मनोचिकित्सक डॉ. विवेक कुमार-
जानिए, किस बीमारी में इंसान संबंध बनाने के अलावा सबकुछ भूल जाता है? (Canva)
Alzheimers Disease: कभी-कभार किसी चीज को भूलना इंसानी फितरत है, लेकिन क्या हो अगर आप अपनों के चेहरे, घर का रास्ता या रोज़मर्रा के छोटे-छोटे काम ही भूलने लगें? अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ है तो नजरअंदाज नहीं, डॉक्टर से मिलने की जरूरत है. क्योंकि, ये लक्षण गंभीर बीमारी अल्जाइमर के हो सकते हैं. जी हां, अल्जाइमर (Alzheimer’s) सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जो धीरे-धीरे इंसान की पहचान छीन लेती है. अल्जाइमर से पीड़ित व्यक्ति को लोगों का नाम उनकी पहचान कुछ भी याद नहीं रहता है. हैरानी की बात तो यह है कि, इतना सबकुछ भूलने के बाद भी वह शारीरिक संबंध बनाना नहीं भूलता है. अब सवाल है कि आखिर, अल्जाइमर की बीमारी याददास्त को कैसे पहुंचाती है नुकसान? अल्जाइमर से पीड़ित व्यक्ति को शारीरिक संबंध बनाना क्यों रहता है याद? इस बारे में India News को जानकारी दे रहे हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज के मनोचिकित्सक डॉ. विवेक कुमार-
डॉ. विवेक कुमार कहते हैं कि, अल्जाइमर मानसिक विकार डिमेंशिया का कॉमन पार्ट है. इस बीमारी में रोगी धीरे-धीरे हर चीज भूलने लगाता है. लोगों के नाम, उनकी पहचान और यहां तक कि अपने रुटीन की कई बातें भी याद नहीं रहती हैं. अल्जाइमर के चलते व्यक्ति की फैसला लेने की क्षमता प्रभावित होती है, साथ ही उसे बात करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अक्सर लोग इसे ‘बुढ़ापे का असर’ मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हकीकत में इसके संकेत सालों पहले मिलने शुरू हो जाते हैं.
डॉक्टर कहते हैं कि, अल्जाइमर डिमेंशिया की एक ऐसी बीमारी है, जिसमें इंसान धीरे-धीरे अपनी याददास्त खोता है. शुरुआत में मरीज कल की बातों को भूलता है कि, कल किससे मिला, उसने क्या किया, उसने कल क्या सोचा था आदि. लेकिन, आज की चीजें लगभग याद रहती हैं, जैसे- अभी मैं क्या खाया, अभी किसी ने क्या कहा आदि. यही बात शारीरिक संबंध बनाने पर भी लागू होती है. कहने का मतलब है कि, यह याददास्त खोने के बावजूद इसलिए याद रह सकती है क्योंकि यह एक बहुत ही बुनियादी मानवीय आवश्यकता (intimacy) है.
इसका कारण ये है कि इंटीमेसी अपने आप में एक प्राकृतिक घटना है. किसी भी व्यक्ति के लिए संबंध बनाना, उसके वजूद के लिए बहुत जरूरी है. इसे सीखने की जरूरत नहीं होती, इसी तरह से इसे भूलने का कोई कारण नहीं है. शरीर की दूसरी क्रियाएं जैसे सांस लेना, खाना-खाना इन्हीं सभी में शारीरिक संबंध बनाना भी शामिल है.
हालांकि, डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि, अल्जाइमर या किसी भी मानसिक बीमारी से जूझ रहे व्यक्तियों को सेक्स के दौरान कई तरह की समस्याएं आती है, जैसे- एक्साइटमेंट की कमी, ऑर्गेज्म में परेशानी वगैरह. अगर यह बीमारी गंभीर हुई तो शारीरिक संबंध बनाने की भी याददास्त जा सकती है.
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