India News(इंडिया न्यूज), NASA Alert On Asteroid: दुनिया इस समय आधुनिकता के उड़ान पर है। मानवता को लंबे वक़्त से खगोलीय यात्रियों ने आकर्षित और चिंतित किया है। जब भी वे धरती के पास से गुजरते हैं तो वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। इनमें से अधिकतर अंतरिक्ष चट्टानें कोई खतरा तो पैदा नहीं करती हैं। परंतु कुछ चट्टानें अपने विशाल आकार की वजह से चिंता का कारण बनती हैं। बता दें कि इस समय धरती के करीब पांच क्षुद्रग्रह सबसे करीब पहुंच रहे हैं। उनमें से क्षुद्रग्रह 2024 CJ8 है, जो 250 फुट का विशालकाय जहाज जैसा है जो तेज गति के साथ पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। वहीं, अब नासा ने भी इसको लेकर बड़ा खुलासा किया है।
नासा के मुताबिक, एस्टेरॉयड 2024 CJ8 एक 250 फुट का विशालकाय क्षुद्रग्रह है। यह 250 फीट के असामान्य आकार की वस्तु पृथ्वी के निकट होने का दावा करती है। जो इसे हमारे ब्रह्मांडीय पड़ोस में आने वाले अधिकांश अन्य क्षुद्रग्रहों से बड़ा बनाती है। बता दें कि इस क्षुद्रग्रह का आकर एक बड़ी इमारत जितना बड़ा है! नासा के सीएनईओएस डेटा के मुताबिक, अंतरिक्ष में इसकी तीव्र गति भी उतनी ही उल्लेखनीय है। दरअसल, यह 43445 किमी प्रति घंटे की तेज गति से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। जानकारों की माने तो पृथ्वी के साथ क्षुद्रग्रह की नज़दीकी मुठभेड़ बड़ी दिलचस्पी का विषय है। एस्टेरॉयड 2024 CJ8 के आज (16 मार्च) को अपने सबसे करीब पहुंचने की उम्मीद है। नासा के मुताबिक, यह 4.1 मिलियन मील के भीतर आएगा, जो खगोलीय दृष्टि से बहुत दूर है।
NASA Alert On Asteroid
ये भी पढ़े:- AIR India: बिना लगेज यात्री लेकर फ्लाइट पहुंची एम्सटर्डम, फिर हुआ कुछ ऐसा
नासा ने बताया है कि इस क्षुद्रग्रह से फिलहाल घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। नासा लगातार क्षुद्रग्रह के पथ और गति पर नज़र रखे हुए है। नासा ने पुष्टि की है कि यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से गुजरते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखेगा। गौरतलब है कि, क्षुद्रग्रह की ट्रैकिंग की जानकारी का बड़ा हिस्सा मुख्य रूप से वेधशालाओं द्वारा एकत्र किया जाता है। जिसमें पैन-स्टारआरएस, कैटालिना स्काई सर्वे, नासा के NEOWISE मिशन और आगामी NEO सर्वेक्षक जैसे दिग्गज प्रमुख शामिल हैं। इन वेधशालाओं का पूरक ग्रहीय राडार पहल है, जिसमें जेपीएल का गोल्डस्टोन सोलर सिस्टम राडार समूह भी शामिल है, जो नासा एनईओ अवलोकन कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ये भी पढ़े:- LNG Buses: देश की पहली एलएनजी बसें मुंबई में शुरू, राज्य को 5,000 बसों पर 235 करोड़ रुपये की बचत का लक्ष्य