Live
Search
Home > देश > पहले पुलिसकर्मी की मौत, अब बाघिन के शव से मचा हड़कंप, अरुणाचल में प्रकृति प्रेमियों ने खड़े किए अहम सवाल

पहले पुलिसकर्मी की मौत, अब बाघिन के शव से मचा हड़कंप, अरुणाचल में प्रकृति प्रेमियों ने खड़े किए अहम सवाल

अरुणाचल प्रदेश मयोदिया बाघिन मौत: मयोदिया में एक बाघिन का शव मिलने से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है. बाघिन के शव पर कई घाव मिले और साथ ही ये भी पता चला कि उसे गोली मारी गई है. ऐसे में बाघिन की मौत पर अब सवाल खड़े हो रहे है.

Written By: Shristi S
Last Updated: February 6, 2026 15:37:54 IST

Mobile Ads 1x1
Arunachal Pradesh Tigress Death: अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग वैली जिले के मयोदिया में एक बाघिन का शव मिलने से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है. बाघिन के शव पर कई घाव मिले और साथ ही ये भी पता चला कि उसे गोली मारी गई है. ऐसे में बाघिन की मौत पर अब सवाल खड़े हो रहे है. दरअसल उस बाघिन ने कुछ दिन पहले मयोदिया के एक पुलिसकर्मी को अपना शिकार बनाया था, जिसके बाद अब यह अटकले लगाए जा रहे है कि किसी ने यह सारा काम बदले की भावना से किया है. मौत के अन्य संभावित कारणों पर भी विचार किया जा रहा है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि यह पूरा मामला क्या है और बाघिन और पुलिसकर्मी की मौत का सच में आपस में कोई कनेक्शन है या नहीं?

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, 2 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश पुलिस के हेड कांस्टेबल चिक्सेंग मनपांग का क्षत-विक्षत शव मयोदिया इलाके में मिला था. बाद में पता चला कि जंगल में एक बाघिन ने उन पर हमला किया था. चिक्सेंग मनपांग नामसाई जिले के मनफाइशेंग गांव के रहने वाले थे और रोइंग पुलिस स्टेशन में रेडियो ऑपरेटर के पद पर तैनात थे. यह हमला तब हुआ जब वह अपनी मोटरसाइकिल से यात्रा कर रहे थे. उन पर 2 फरवरी की शाम को हमला हुआ था, और तलाशी अभियान के बाद, पुलिस और वन अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने अगले दिन उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया. उनकी मौत के बाद अब बाघिन का शव मिलने पर अब प्रकृति प्रेमी कई तरह के सावल खड़े कर रहे हैं.

प्रकृति प्रेमियों ने बाघिन के मौत पर खड़े किए सवाल

बता दें कि, घटना के तुरंत बाद, लोअर दिबांग वैली जिला प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें मेहाओ वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में बाघों की आवाजाही को देखते हुए रात में यात्रा, खासकर दोपहिया वाहनों से यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया. इस खास घटना ने एक बार फिर वन विभाग के कर्मचारियों की कार्यक्षमता और उनकी कथित अक्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

एक प्रकृति प्रेमी ने बाघिन की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बाघिन के शरीर पर गोली के निशान यह सवाल उठाते हैं कि उसे किसने और क्यों मारा? उन्होंने आगे कहा कि इंसानों ने पहले इन जानवरों के प्राकृतिक आवास को नष्ट कर दिया है और अब वे खुद जानवरों को मार रहे हैं. मायोडिया इलाके में पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई थी. जानवर जंगल से बाहर आ रहे हैं क्योंकि उनके आवास नष्ट हो गए हैं, और लोगों को इस बुनियादी तथ्य को समझने की जरूरत है.

वन विभाग के कामकाज पर उठे गंभीर सवाल

 प्रकृति प्रेमी ने वन विभाग के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वन विभाग पूरी तरह से फेल हो गया है और उनकी अक्षमता के कारण एक पुलिसकर्मी की जान चली गई, और अब जानवर को किसी शरारती तत्व ने मार दिया है.  उन्होंने आगे कहा कि कोई नहीं जानता कि पुलिसकर्मी को असल में किसने मारा. सभी को उसी बाघ पर शक है जिसे एक वायरल वीडियो में देखा गया था. इस मामले में ठीक से जांच होनी चाहिए थी, और वन विभाग के अधिकारियों को बाघ को बेहोश करना चाहिए था. उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के सुस्त और लापरवाह रवैये के कारण बदमाशों ने जानवर को मार डाला. फिलहाल, वन और पुलिस अधिकारी बाघिन की मौत के असली कारण की जांच कर रहे हैं और यह पता लगा रहे हैं कि इसका पिछले हमले से कोई संबंध है या नहीं.

MORE NEWS

Home > देश > पहले पुलिसकर्मी की मौत, अब बाघिन के शव से मचा हड़कंप, अरुणाचल में प्रकृति प्रेमियों ने खड़े किए अहम सवाल

Written By: Shristi S
Last Updated: February 6, 2026 15:37:54 IST

Mobile Ads 1x1

MORE NEWS