Farooq Abdullah Attack Update: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को एक शादी समारोह में एक बुज़ुर्ग ने गोली मार दी. अब्दुल्ला इस हमले में बाल-बाल बच गए. गोली उनको छूकर निकल गई. पुलिस ने 61 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है.
मौके पर लोगों ने आरोपी की धुनाई कर दी. आइए जानते हैं कि कमल सिंह जमवाल कौन है, जिसने पूर्व मुख्यमंत्री को गोली मारी और उसने ऐसा क्यों किया?
कमल सिंह जमवाल कौन हैं?
कमल सिंह जमवाल करीब 70 साल के बुजुर्ग हैं. कमल सिंह जम्मू के ओल्ड सिटी इलाके के रहने वाले हैं. उनका जन्म सन 1963 में हुआ था. जम्मू के ओल्ड सिटी इलाके में उनकी कई दुकानें हैं और वे इन दुकानों के किराए से अपना गुज़ारा करते हैं. पुलिस को उनके पास से एक लाइसेंसी पिस्तौल मिली है, जिसका इस्तेमाल उन्होंने फारूक अब्दुल्ला पर हमला करने के लिए किया था. कमल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला की हत्या की योजना बना रहा था और सही मौके का इंतज़ार कर रहा था. आज उसे पता चला कि फारूक अब्दुल्ला अपने चचेरे भाई के बेटे की शादी में जा रहे हैं. इसलिए उसने हमले की योजना बनाई.
BJP नेता ने क्या कहा?
BJP नेता रविंदर रैना ने कहा कि जम्मू शहर में कल देर रात एक शादी समारोह में गोलीबारी की घटना हुई. यह बहुत चिंताजनक और गंभीर मामला है. शादी में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद थे. शूटर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, और अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियां और जम्मू-कश्मीर पुलिस जांच कर रही हैं. सुरक्षा एजेंसियां सभी एंगल से जांच कर रही हैं. हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीनियर अधिकारियों का मानना है कि इस गोलीबारी की घटना में कोई आतंकवादी साजिश नहीं लगती फिर भी वे सभी एंगल से जांच कर रहे हैं.
मेरे पिता बाल-बाल बचे: उमर अब्दुल्ला
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अल्लाह मेहरबान हैं कि मेरे पिता बाल-बाल बच गए. हालांकि, अभी भी पूरी जानकारी नहीं है लेकिन यह पता चला है कि एक आदमी लोडेड पिस्तौल लेकर आया और उसने गोली चला दी. उन्होंने आगे लिखा कि सुरक्षा टीम ने खुद संदिग्ध को रोका और हत्या की कोशिश को नाकाम कर दिया. उमर अब्दुल्ला ने सवाल किया कि कोई पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कैसे पहुंच गया, जिनकी सुरक्षा नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) करती है.
उनकी पीठ पर बंदूक तान दी गई
जैसे ही डॉ. फारूक अब्दुल्ला पार्किंग लॉट के पास पहुंचे, शादी की भीड़ में से एक आदमी अचानक उनके पीछे आया और उनकी पीठ पर बंदूक तान दी. इससे पहले कि वह गोली चला पाते, एक सिक्योरिटी गार्ड ने उनके कंधे से बंदूक हटा दी, और डॉ. फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए.
तीन बार सीएम रह चुके हैं
डॉ. फारूक जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के प्रेसिडेंट हैं. वे तीन बार जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उनके पिता शेख अब्दुल्ला भी मुख्यमंत्री थे. फारूक के बेटे उमर अब्दुल्ला अभी राज्य के मुख्यमंत्री हैं. फारूक ने मेडिसिन की पढ़ाई की और कुछ समय तक डॉक्टर के तौर पर काम किया, लेकिन बाद में वे राजनीति में आ गए और अपने पिता की पार्टी में शामिल हो गए. वह एक एक्टिव पॉलिटिशियन बन गए. फारूक का मुख्यमंत्री के तौर पर पहला कार्यकाल 1982 से 1984 तक रहा. वे दूसरी बार 1986 से 1990 तक और तीसरी बार 1996 से 2002 तक मुख्यमंत्री रहे. वे लोकसभा के सदस्य भी रहे हैं. अब्दुल्ला 2009 से 2014 तक केंद्रीय ऊर्जा मंत्री भी रहे.