India News (इंडिया न्यूज), NSG Security With Z Plus : देश में सरकार नेताओं और कुछ ऐसे लोगों को सुरक्षा मुहैया कराती है जिनकी जान को खतरा होता है। सरकार की ओर से कई तरह की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। एक तरह की सुरक्षा होती है जिसे जेड प्लस (एनएसजी कवर) कहते हैं। इस सुरक्षा में एनएसजी कमांडो व्यक्ति को सुरक्षा देते हैं। लेकिन जेड प्लस पाने वाले व्यक्ति को कई नियमों का पालन करना पड़ता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जेड प्लस के साथ एनएसजी कवर पाने वाले लोगों के परिवार के सदस्य उनकी कार में नहीं बैठ सकते। यह नियम इतना सख्त है कि अगर किसी को सुरक्षा मिली हुई है तो वह अपनी पत्नी को कार में नहीं बैठा सकता। इसके लिए एनएसजी सुरक्षा की अनुमति जरूरी है।
एनएसजी कवर के अंदर प्रोटोकॉल के मुताबिक, सुरक्षा पाने वाला व्यक्ति अपनी पत्नी को अपनी कार में नहीं बैठा सकता। उन्होंने बताया था कि उनका परिवार दूसरी कार में सफर करता है। काफिले के साथ कुछ कारें चलती हैं, जिनके बारे में लोगों को पता नहीं होता। यह सुरक्षा कर्मचारी तय करते हैं कि किसे कहां, कब और कैसे जाना है, किस कार में बैठना है और उस कार का नंबर क्या होगा।
NSG Commando : एनएसजी कमांडो
इसके अलावा उन्होंने बताया था कि उनका परिवार दूसरी कार में सफर करता है। काफिले के साथ कुछ गाड़ियां ऐसी होती हैं, जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं होती। इसके अलावा कौन कहां, किसके साथ और कब जाएगा, यह सुरक्षा कर्मचारी तय करते हैं। आपको बता दें कि एनएसजी कवर में एनएसजी का काम मोबाइल सुरक्षा मुहैया कराना होता है, यानी व्यक्ति को एक जगह से दूसरी जगह लाने-ले जाने का काम करते हैं। एनएसजी द्वारा उनके घर में सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाती, वे सिर्फ रास्ते में सुरक्षा मुहैया कराते हैं।
बड़े नेताओं की बात करें तो देश के गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के बड़े चेहरों में से एक राहुल गांधी को यह सुरक्षा मिली हुई है। इतने बड़े नेता होने के बावजूद ये लोग अपनी मर्जी से अपनी पत्नी या परिवार के सदस्यों को अपनी गाड़ी में नहीं बैठा सकते।