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BMC Elections 2026: महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव गुरुवार, 15 जनवरी को पूरे जोश के साथ हुए और आज यानी शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को मतगणना जारी है. इसी कड़ी में एक नाम इस नगर निगम चुनाव में काफी सुर्खियों में है, जिसने सबका ध्यान आकर्षित किया है. हम बात कर रहे है, सईदा फलक की जिसके नाम ने राजनीतिक गलियारों में जोर-शोर से गूंज मचा दी है. हैदराबाद की 31 साल की सईदा ने न सिर्फ़ अपने जोशीले भाषणों और बेबाक अंदाज़ से AIMIM समर्थकों में जोश भरा है, बल्कि अपने विरोधियों के सामने एक बड़ी चुनौती भी पेश की है. आइए विस्तार से सईदा फलक के राजनीतिक सफर के बारे में.
कौन हैं सईदा फलक?
सईदा फलक सिर्फ़ एक राजनेता नहीं हैं. वह एक पेशेवर वकील और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कराटे चैंपियन भी हैं. ‘फलक द फाइटर’ के नाम से मशहूर सईदा ने खेल की दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है. वह तेलंगाना की पहली महिला एथलीट हैं जिन्होंने वर्ल्ड कराटे चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सईदा ने 20 से ज़्यादा नेशनल और 22 इंटरनेशनल गोल्ड मेडल जीते हैं. कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं सईदा राजनीतिक मंच पर भी उतनी ही आक्रामक हैं जितनी वह रिंग में थीं. खेल करियर के दौरान उन्होंने जो अनुशासन और लड़ने का जज़्बा हासिल किया, वही उनकी राजनीतिक ताकत बन गया है.
वह AIMIM में कब और कैसे शामिल हुईं?
सईदा फलक 2020 में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में शामिल हुईं. पार्टी में शामिल होने के बाद, वह जल्द ही ओवैसी के बाद सबसे प्रभावशाली वक्ताओं में से एक बनकर उभरीं. उनके भाषण संवैधानिक मूल्यों, अल्पसंख्यक अधिकारों और खासकर महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित होते हैं, जिससे वह युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं.
क्यों आया सईदा फलक का नाम सुर्खियों में?
सईदा का नाम तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आया जब उन्होंने सोलापुर में एक रैली में सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी. उन्होंने कहा कि सुनो, फडणवीस, अगर अल्लाह ने चाहा, तो एक दिन एक मुस्लिम महिला, यह नकाब और हिजाब पहनकर, भारत की प्रधानमंत्री बनेगी. इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक वैचारिक लड़ाई छेड़ दी है.