Census 2027 Question List: देश में 2027 की जनगणना की तैयारियां अब जमीनी स्तर पर शुरू होने वाली हैं. केंद्र सरकार के राजपत्र अधिसूचना के द्वारा, पहले चरण में होने वाली जनगणना में कुल 33 सवालों पूछें जाएंगे जो कि 1 अप्रैल से शुरू होगा और 30 सिंतबर तक चलेगा. इस चरण का मुख्य ज़ोर 'हाउस लिस्टिंग और आवास जनगणना' पर होगा यानी, घरों की गिनती करना और उनकी स्थिति का आकलन करना. भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जनगणना अधिकारी घर की बनावट से लेकर उसमें रहने वालों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं तक की जानकारी इकट्ठा करेंगे. सवालों का उद्देश्य क्या हैं? सरकार के अनुसार, इन सवालों का उद्देश्य केवल आबादी की गिनती करना नहीं है, बल्कि यह समझना है कि लोग किस तरह के घरों में रहते हैं, उन्हें कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं, और उनका जीवन स्तर कैसा है. इसलिए, इस सूची में घर के भीतर बुनियादी और आधुनिक, दोनों तरह की सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़े सवाल शामिल हैं जैसे पीने का पानी, शौचालय, बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी. जनगणना अधिकारी यह भी पूछेंगे कि क्या घर का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या किसी अन्य समुदाय से है; क्या घर अपना है या किराए का; और घर के सदस्य मुख्य रूप से किस तरह के अनाज का सेवन करते हैं. इसके अलावा, परिवार के पास मौजूद विभिन्न वाहनों जैसे साइकिल, मोटरसाइकिल, कार या परिवहन के अन्य साधनों के बारे में भी जानकारी इकट्ठा की जाएगी. घर में रहने वाले लोगों की कुल संख्या; वहाँ रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या; और घर का मुखिया पुरुष है या महिला इन सभी के बारे में भी पूछताछ की जाएगी. सरकार कौन से 33 सवाल पूछेगी? अधिसूचना में साफ़ तौर पर कहा गया है कि सभी जनगणना अधिकारियों को पूरे देश से एक समान और मानकीकृत डेटा इकट्ठा करने के लिए ये 33 सवाल पूछने का अधिकार है. यह प्रक्रिया सरकार को उन विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगी जहां कुछ प्रकार की सुविधाओं की कमी है, और तदनुसार भविष्य की विकास योजनाएं बनाने में भी सहायता करेगी. यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि 2027 की जनगणना के पहले चरण के दौरान सरकार कौन से 33 सवाल पूछेगी. 1. भवन संख्या (नगरपालिका, स्थानीय प्राधिकरण, या जनगणना संख्या) 2. जनगणना मकान संख्या 3. जनगणना मकान के फर्श के लिए इस्तेमाल की गई मुख्य सामग्री 4. जनगणना मकान की दीवारों के लिए इस्तेमाल की गई मुख्य सामग्री 5. जनगणना मकान की छत के लिए इस्तेमाल की गई मुख्य सामग्री 6. जनगणना मकान का उपयोग 7. जनगणना मकान की स्थिति 8. परिवार संख्या 9. परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या 10. परिवार के मुखिया का नाम 11. परिवार के मुखिया का लिंग 12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य का सदस्य है? 13. मकान के स्वामित्व की स्थिति 14. परिवार के रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या 15. परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या 16. पीने के पानी का मुख्य स्रोत 17. पीने के पानी के स्रोत की उपलब्धता 18. रोशनी का मुख्य स्रोत 19. शौचालय तक पहुंच 20. शौचालय सुविधा का प्रकार 21. गंदे पानी की निकासी की सुविधा 22. नहाने की सुविधाओं की उपलब्धता 23. रसोई और LPG/PNG कनेक्शन की उपलब्धता 24. खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ईंधन 25. रेडियो/ट्रांजिस्टर 27. टेलीविज़न 27. इंटरनेट सुविधा 28. कंप्यूटर/लैपटॉप 29. टेलीफ़ोन/मोबाइल फ़ोन/स्मार्टफ़ोन 30. साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड 31. कार/जीप/वैन 32. परिवार द्वारा खाया जाने वाला मुख्य अनाज 33. मोबाइल नंबर (केवल जनगणना से संबंधित संचार के लिए) आखिरी बार कब हुई थी जनगणना? बता दें कि, भारत में पिछली पूर्ण जनगणना 2011 में आयोजित की गई थी. यह भारत की 15वीं राष्ट्रीय जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की 7वीं जनगणना थी, जिसके अंतिम आंकड़े 30 अप्रैल, 2013 को जारी किए गए थे. कुल मिलाकर, सरकार का उद्देश्य केवल आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित करना नहीं है, बल्कि लोगों के रहन-सहन की स्थिति की एक व्यापक तस्वीर पेश करना है. 1 अप्रैल से शुरू होने वाली यह पहल, आने वाले वर्षों के लिए नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करने में एक अहम भूमिका निभाएगी.