India News (इंडिया न्यूज), Delhi Election Result: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। बीजेपी को 48 और आप को 22 सीटों पर जीत मिली है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कई मंत्री भी चुनाव हार गए। आप के बड़े चेहरों में केवल आतिशी और गोपाल राय अपना सीट बचाने में कामयाब रहे। आपको जानकारी के लिए बता दें कि, दिल्ली विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजों को देखें तो 2015 चुनाव में 67 और 2020 चुनाव में 62 सीटों पर आप को जीत मिली थी। लेकिन इस बार केवल 22 सीटों पर जीत हासिल हुई है।
इन चुनाव नतीजों को आम आदमी पार्टी के लिए गहरा जख्म बताया जा रहा है। साथ ही कहा जा रहा है कि यह जख्म आप के लिए नासूर बनने वाला है। क्योंकि अरविंद केजरीवाल के साथ असली ‘खेल’ अब दिल्ली में होने वाला है। जिसकी अफवाहों ने आप प्रमुख की टेंशन 10 गुना ज्यादा बढ़ा दी है। बता दें कि, शनिवार (8 फरवरी, 2025) को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आए। जिसमें आम आदमी पार्टी की बुरी हार हुई। जबकि बीजेपी ने 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में जोरदार वापसी की है। जिसके बाद सीएम चेहरे को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है। सीएम चेहरे की चर्चा के बीच डिप्टी सीएम का नाम सामने आया है। जिसने सभी को चौंका दिया है।
Delhi Election Result (दिल्ली में अब होगा असली खेला)
दरअसल कहा जा रहा है कि, भारतीय जनता पार्टी केजरीवाल का कांटा पूरी तरह से निकाल देना चाहती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसके लिए भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र वाली चाल चल सकती है। महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के विभाजन के पीछे भारतीय जनता पार्टी ही थी। इसके अलावा मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया को तोड़कर बीजेपी ने कांग्रेस की कमर भी तोड़ दी। दिल्ली में भी भारतीय जनता पार्टी यही दांव चलने की सोच रही है। जिसके लिए वो आतिशी को डिप्टी सीएम का पद ऑफर कर सकती है। इस पद के बदले आतिशी आधे से ज्यादा आप विधायकों के साथ बीजेपी के खेमे में जा सकती हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि, विधायकों को भी सत्ताधारी पार्टी के साथ जाने में कोई खास आपत्ति नहीं होगी। इन चर्चाओं को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि जब आतिशी कालकाजी से जीतीं तो वो खुशी से नाच उठीं। उनके नाचने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इतना ही नहीं उन्होंने देर रात कालकाजी में रोड शो भी किया। जबकि दिल्ली में आप को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि पार्टी सुप्रीमो केजरीवाल भी हार गए हैं। अगर राजनीतिक गलियारों में चल रही ये चर्चाएं सच साबित होती हैं तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी लगभग खत्म हो जाएगी।
वहीं अगर पंजाब में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो यह 2027 तक बना रहेगा। इसके बाद आम आदमी पार्टी की राह बहुत मुश्किल होने वाली है। फिलहाल यही चर्चाएं हैं। देखना काफी दिलचस्प होगा कि हकीकत में क्या होता है।