दिल्ली-NCR, यूपी और बिहार से नेपाल जाना अब होगा और आसान. गोरखपुर-सौनौली 4-लेन हाईवे का 89% काम पूरा. जानें कैसे घटेगा सफर का समय और किसे मिलेगा फायदा.
Image:AI
देशभर में सड़कों और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है. हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में जानकारी दी थी कि देशभर में कुल 1,191 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम प्रस्तावित है. एक तरफ जहाँ दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता जैसे मेगा एक्सप्रेसवे का निर्माण जारी है, वहीं उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बनकर उभरा है.
इसी कड़ी में अब भारत और पड़ोसी देश नेपाल के बीच की दूरी को कम करने के लिए एक बेहद खास अंतरराष्ट्रीय कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है. हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से नेपाल सीमा (सौनौली) को जोड़ने वाले हाईवे की. इसके पूरी तरह शुरू हो जाने से दिल्ली-NCR, यूपी और बिहार के लोगों के लिए नेपाल की यात्रा बेहद आसान और आरामदायक हो जाएगी.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, गोरखपुर से सौनौली (नेपाल बॉर्डर) को जोड़ने वाले इस नए 4-लेन कॉरिडोर का काम अंतिम चरणों में है. जंगल कौड़िया से सौनौली तक के इस पैच का लगभग 89 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इसके चालू होते ही न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि बिहार और दिल्ली-एनसीआर से नेपाल जाने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा.
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ललित प्रताप पाल ने बताया कि 79.5 किलोमीटर लंबा यह सौनौली-गोरखपुर कॉरिडोर दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले जाएगा.
पहले इस रास्ते पर सफर करने में 3 घंटे से अधिक का समय लगता था, जो अब घटकर लगभग आधा रह जाएगा. भारत और नेपाल के बीच बड़े पैमाने पर चलने वाले मालवाहक ट्रकों की आवाजाही अब बिना किसी रुकावट के हो सकेगी.
यह पहले 2-लेन की सड़क हुआ करती थी, जिसे अब 4-लेन में बदला जा रहा है. खास बात यह है कि इसके अंडरपास और मुख्य हिस्सों को 6-लेन की क्षमता के हिसाब से बनाया गया है, ताकि आने वाले समय में अगर गाड़ियों की संख्या बढ़े तो इसका विस्तार आसानी से किया जा सके.
सफर को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए इस पूरे रूट पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है कॉरिडोर पर 1 रेलवे ओवरब्रिज, 2 नए फ्लाईओवर, 24 अंडरपास, 105 छोटी-बड़ी पुलिया (कलवर्ट) और 68 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड बनाई गई है. पूरे हाईवे पर स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम इंस्टॉल किया गया है.
यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, जगह-जगह वेरिएबल मैसेज बोर्ड, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं मौजूद रहेंगी.
गोरखपुर लंबे समय से भारत और नेपाल के बीच आवाजाही का प्रमुख केंद्र रहा है. पहले 2-लेन सड़क होने और बीच में कई छोटे-बड़े कस्बे पड़ने के कारण लोगों को अक्सर भीषण ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता था. इस 4-लेन बाईपास/कॉरिडोर के बनने से अब गाड़ियां बिना रुके फर्राटा भर सकेंगी.
इस हाईवे का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय किसानों को मिलेगा. गोरखपुर, कुशीनगर और महराजगंज के साथ-साथ बिहार के सीमावर्ती इलाकों के किसान अपनी ताजी सब्जियां, फल और अन्य कृषि उत्पाद बेहद कम समय में नेपाल की बड़ी मंडियों तक पहुंचा सकेंगे. इससे फसल खराब होने का जोखिम कम होगा और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा.
यह इंटरनेशनल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश और नेपाल दोनों जगह पर्यटन को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा:
Wrestler murdered in Sant Kabir Nagar: संतकबीरनगर के भकठान गांव में जिला केसरी से सम्मानित…
Cancer Medicine: कैंसर की जरूरी दवाओं की खरीद कीमत और MRP के बीच भारी अंतर…
Social media addiction: ऑफिस के बाद हॉबी और पैशन को समय देने की जगह रील्स…
Delhi Crime: दिल्ली के हौज खास इलाके में बाइक चला रही एक युवती को दो…
Rise and Fall Season 2: वीरेंद्र सहवाग एमएक्स प्लेयर के रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’…
Bollywood Evergreen Song: जब भी पुराने गाने की बात होती है, जो मोहम्मद रफी के…