Shirtless protest in AI Impact: दिल्ली के
भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में शुक्रवार को इंडियन यूध कांग्रेस द्वारा हुए शर्टलेस आंदोलन पर दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बयान जारी किया है. दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किए गए इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता की रिमांड मांगते हुए कहा कि आरोपियों ने नेपाल में हुए विरोध प्रदर्शन जैसा ही प्रोटेस्ट किया था. साथ ही यह देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की साजिश थी.
पटियाला हाउस कोर्ट में हुई सुनवाई
भारत मंडपम में AI समिट में अपने विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए चार
इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शनिवार सुबह पटियाला हाउस कोर्ट लाया गया. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है. शुक्रवार को AI इम्पैक्ट समिट प्रदर्शनी हॉल में उस समय ड्रामा हुआ जब IYC कार्यकर्ता सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार सौदे के खिलाफ नारे लिखी टी-शर्ट पकड़े हुए घूम रहे थे, इससे पहले कि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हटा दिया.
क्या है आरोपी के वकील का कहना?
ANI ने बताया कि आरोपी के वकील ने कहा कि आरोपी एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं, किसी भी वीडियो में कोई हिंसा नहीं दिखी. सभी कथित अपराधों में 7 साल तक की सज़ा हो सकती है. आरोपी के वकील ने कहा कि FIR एक राजनीतिक चाल से ज़्यादा कुछ नहीं है. वकील ने यह भी कहा कि वे पढ़े-लिखे लोग हैं और उनके पास डिग्री है.
देश विरोधी नारे लगाए- सरकारी वकील
इस बीच, सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों ने देश विरोधी नारे लगाए, और कहा कि उन्होंने PM के खिलाफ मैसेज वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी. आरोपियों की पांच दिन की कस्टडी मांगते हुए, दिल्ली पुलिस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं और जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी में देश विरोधी नारे लगाए गए थे.
भागे हुए दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए उनकी कस्टडी ज़रूरी है. पुलिस ने कहा कि तीन पुलिसवाले घायल हुए हैं और आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद करने की ज़रूरत है ताकि यह वेरिफाई किया जा सके कि उन्हें फंडिंग मिली थी या नहीं. चार अलग-अलग जगहों से चार लोग एक साथ आए और टी-शर्ट प्रिंट कीं.
ANI ने पुलिस के हवाले से कहा कि मामले की जांच के लिए पांच दिन की कस्टडी ज़रूरी है. कोर्ट ने जब पूछा कि पांच दिन की कस्टडी क्यों चाहिए, तो जांच अधिकारी ने कहा कि एक गहरी साज़िश है, दूसरे आरोपी मौके से भाग गए, और सही जांच के लिए कस्टडी ज़रूरी है.
कस्टडी का कोई कारण होना चाहिए- आरोपियों के वकील
आरोपियों के वकील ने ज़मानत अर्ज़ी देते हुए कहा कि उन्हें इसलिए टारगेट किया जा रहा है क्योंकि वे एक
विपक्षी पार्टी से हैं और उन्हें बुरी तरह पीटा गया था. वकील ने तर्क दिया कि कस्टडी का कोई कारण होना चाहिए. वे जवान हैं, उनका करियर है, और राजनीतिक विरोध को इस तरह नहीं दबाया जाना चाहिए. यह एक शांतिपूर्ण विरोध था.