India News (इंडिया न्यूज),Indian Railways/IRCTC: अगर आप छठ पूजा पर बिहार या उत्तर प्रदेश में अपने घर जाना चाहते हैं, तो आपको इसकी तैयारी अभी से शुरू कर देनी होगी। छठ पूजा के दौरान टिकटों की मारामारी से बचने के लिए आपको अभी से अपनी प्लानिंग दुरुस्त कर लेनी चाहिए। हर साल दिवाली-छठ के दौरान ट्रेनों में भीड़ का बुरा हाल देखने को मिलता है। रेलवे कई पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाता है, लेकिन वे नाकाफी हैं। बिहार-यूपी के लोग बड़ी संख्या में काम के सिलसिले में दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में रहते हैं। वे साल में एक बार भी घर नहीं जाते, लेकिन महापर्व छठ पर घर जरूर पहुंचते हैं। बिहार-यूपी जाने वालों की संख्या इतनी हो जाती है कि ट्रेनों में खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती।
रेलवे के नियमों के मुताबिक, यात्रा से 120 दिन पहले टिकटों की बिक्री शुरू हो जाती है. अगर आपको छठ पूजा पर घर जाना है, तो आप 6 जुलाई से छठ पूजा के लिए टिकट (Chhath Puja Train Ticket) बुक कर सकते हैं. 6 जुलाई को आप 3 नवंबर के लिए टिकट बुक कर सकते हैं. 3 नवंबर को रविवार है और अपनी छुट्टी को देखते हुए आप इस दिन भी ट्रेन पकड़ सकते हैं। 4 नवंबर को आप अपने घर पहुंच जाएंगे और पूजा शुरू होने से पहले आपको एक दिन का आराम मिलेगा। इसी तरह 7 जुलाई को आप 4 नवंबर और 8 जुलाई को 5 नवंबर की टिकट बुक कर सकते हैं। 6 नवंबर की टिकटों की बिक्री 9 जुलाई से शुरू होगी। ज्यादातर लोग 5 और 6 नवंबर को ट्रेन पकड़ेंगे। अगर आप 5 नवंबर को दिल्ली से ट्रेन पकड़ते हैं तो 6 तारीख को बिहार पहुंचेंगे। 6 नवंबर को खरना है। इसी तरह अगर आप 6 नवंबर को ट्रेन पकड़ते हैं तो आप 7 नवंबर को संध्या अर्घ्य के दिन अपने घर पहुंचेंगे।
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इस बार महापर्व छठ की शुरुआत 5 नवंबर को नहाय खाय से होगी। इसके बाद 6 नवंबर को खरना मनाया जाएगा। इस दिन से व्रतियों का 36 घंटे का व्रत शुरू हो जाता है। इस दिन प्रसाद के तौर पर दूध-गुड़ की खीर और रोटी बनाई जाती है। 7 नवंबर को खरना पर डूबते सूर्य की पूजा की जाएगी और फिर 8 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और इसके साथ ही छठ पूजा का समापन हो जाएगा।
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