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Iran Israel US War: भारत में पेट्रोल-डीजल का स्टॉक हुआ खत्म? मंत्रालय के बयान से लोगों को मिली बड़ी राहत

Indian Energy Threat: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच अब कच्चे तेल और एलएनजी गैसों को लेकर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. हालांकि, अभी किसी भी देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैसों की किल्लत नहीं हुई है.लेकिन अगर जंग लंबे दिनों तक चला तो इसका असर दुनिया के अधिकतर देशों में पड़ेगा.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: March 4, 2026 12:26:13 IST

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Petrol Diesel Stock: ईरान और इजराइल-अमेरिका की जंग का असर पर पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है. ऐसा इसलिए हो रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को ईरान ने बंद कर दिया है. ऐसे में क्रूड ऑयल के जहाज इस इलाके से पार नहीं कर पार पा रहे हैं. जिसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल पर संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं. भले ही अभी इसका असर किसी भी देश पर पड़ता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है. लेकिन ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी जंग (iran Israel us war) लंबा खींचती है तो इसका असर सभी देशों में देखने को मिल सकता है.

इस बीच तेल के संकट की अफवाहों के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी भारत में तेल और एनर्जी की कोई किल्लत नहीं होगी.

क्या भारत में कच्चे तेल का स्टॉक है?

वेस्ट एशिया की लड़ाई से भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को तुरंत कोई खतरा नहीं है. इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से ये बात सामने आई है. जिसमें उन्होंने बताया कि उनके पास 25-25 दिनों का क्रूड ऑयल और फ्यूल स्टॉक है. सरकार ने खाड़ी में बार-बार दुश्मनी बढ़ने के बाद ऑब्जर्वर की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की. खाड़ी एक ऐसा इलाका है जहां से भारत का लगभग आधा क्रूड ऑयल इंपोर्ट होता है. पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत के पास मौजूदा हालात से निपटने के लिए काफी एनर्जी रिज़र्व है और पेट्रोल, डीज़ल और कुकिंग गैस के कंज्यूमर्स को तुरंत कोई कमी नहीं होगी.

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हर दिन कितना क्रूड ऑयल इंपोर्ट करता भारत

भारत हर दिन पांच मिलियन बैरल से थोड़ा ज़्यादा क्रूड ऑयल इंपोर्ट करता है, जिसमें से लगभग 2.5 मिलियन bpd होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है. यह ईरान और ओमान के बीच 33 किलोमीटर का रास्ता है, जिससे खाड़ी में ईरान के जवाबी हमलों के बाद शिपिंग लगभग रुक गई है. कतर, जो LNG के मुख्य सप्लायर में से एक है. उन्होंने सोमवार को प्रोडक्शन रोक दिया. इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा कि उसने पूरे देश में सप्लाई और स्टॉक की स्थिति पर नजर रखने के लिए 24×7 कंट्रोल रूम बनाया है.

मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा?

मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि अभी सरकार स्टॉक के मामले में काफी आरामदायक है और कहा कि उम्मीद है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए धीरे-धीरे कदम उठाए जा सकते हैं. इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि भारत के पास 25 दिनों के लिए कच्चे तेल का स्टॉक और 25 दिनों के लिए फ्यूल का स्टॉक है, जो स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व के स्टॉक के अलावा है और उसने 40 से ज्यादा देशों से अपनी एनर्जी सोर्सिंग को डायवर्सिफाई किया है, जिससे होर्मुज सप्लाई पर निर्भरता 40% तक कम हो गई है.

किन-किन देशों से पूरी होती भारत की एनर्जी जरूरतें

भारत की 60% से ज्यादा एनर्जी ज़रूरतें अब नॉर्थ अमेरिका, लैटिन अमेरिका, वेस्ट अफ्रीका और रूस के एशियाई हिस्से के प्रोड्यूसर्स से पूरी होती हैं, उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि स्ट्रेट से नहीं जाने वाले कार्गो किसी भी टेम्पररी रुकावट को कम करने के लिए उपलब्ध रहेंगे. नेचुरल गैस की बात करें तो भारत के पास तीन हफ़्ते से ज़्यादा चलने के लिए काफी कुकिंग गैस का स्टॉक भी है. नई दिल्ली और LNG सप्लाई के लिए कनाडा और नॉर्वे सहित प्रोड्यूसर्स के संपर्क में है, क्योंकि ईरान के हमले ने भारत के बड़े सप्लायर्स में से एक कतर की प्रोडक्शन कैपेसिटी में रुकावट डाली है.

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Last Updated: March 4, 2026 12:26:13 IST

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Petrol Diesel Stock: ईरान और इजराइल-अमेरिका की जंग का असर पर पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है. ऐसा इसलिए हो रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को ईरान ने बंद कर दिया है. ऐसे में क्रूड ऑयल के जहाज इस इलाके से पार नहीं कर पार पा रहे हैं. जिसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल पर संकट के बादल मंडराते हुए नजर आ रहे हैं. भले ही अभी इसका असर किसी भी देश पर पड़ता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है. लेकिन ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी जंग (iran Israel us war) लंबा खींचती है तो इसका असर सभी देशों में देखने को मिल सकता है.

इस बीच तेल के संकट की अफवाहों के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी भारत में तेल और एनर्जी की कोई किल्लत नहीं होगी.

क्या भारत में कच्चे तेल का स्टॉक है?

वेस्ट एशिया की लड़ाई से भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को तुरंत कोई खतरा नहीं है. इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से ये बात सामने आई है. जिसमें उन्होंने बताया कि उनके पास 25-25 दिनों का क्रूड ऑयल और फ्यूल स्टॉक है. सरकार ने खाड़ी में बार-बार दुश्मनी बढ़ने के बाद ऑब्जर्वर की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की. खाड़ी एक ऐसा इलाका है जहां से भारत का लगभग आधा क्रूड ऑयल इंपोर्ट होता है. पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत के पास मौजूदा हालात से निपटने के लिए काफी एनर्जी रिज़र्व है और पेट्रोल, डीज़ल और कुकिंग गैस के कंज्यूमर्स को तुरंत कोई कमी नहीं होगी.

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हर दिन कितना क्रूड ऑयल इंपोर्ट करता भारत

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मंत्रालय ने अपने बयान में क्या कहा?

मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि अभी सरकार स्टॉक के मामले में काफी आरामदायक है और कहा कि उम्मीद है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए धीरे-धीरे कदम उठाए जा सकते हैं. इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि भारत के पास 25 दिनों के लिए कच्चे तेल का स्टॉक और 25 दिनों के लिए फ्यूल का स्टॉक है, जो स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व के स्टॉक के अलावा है और उसने 40 से ज्यादा देशों से अपनी एनर्जी सोर्सिंग को डायवर्सिफाई किया है, जिससे होर्मुज सप्लाई पर निर्भरता 40% तक कम हो गई है.

किन-किन देशों से पूरी होती भारत की एनर्जी जरूरतें

भारत की 60% से ज्यादा एनर्जी ज़रूरतें अब नॉर्थ अमेरिका, लैटिन अमेरिका, वेस्ट अफ्रीका और रूस के एशियाई हिस्से के प्रोड्यूसर्स से पूरी होती हैं, उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि स्ट्रेट से नहीं जाने वाले कार्गो किसी भी टेम्पररी रुकावट को कम करने के लिए उपलब्ध रहेंगे. नेचुरल गैस की बात करें तो भारत के पास तीन हफ़्ते से ज़्यादा चलने के लिए काफी कुकिंग गैस का स्टॉक भी है. नई दिल्ली और LNG सप्लाई के लिए कनाडा और नॉर्वे सहित प्रोड्यूसर्स के संपर्क में है, क्योंकि ईरान के हमले ने भारत के बड़े सप्लायर्स में से एक कतर की प्रोडक्शन कैपेसिटी में रुकावट डाली है.

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