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इनसाइड स्टोरी: क्या कमजोर पड़ रहा है लॉरेंस बिश्नोई का गैंग? गोल्डी की बगावत और अनमोल की गिरफ्तारी ने तोड़ी कमर!

Lawrence Bishnoi gang: क्या कमजोर हो रहा है दाऊद को चुनौती देने वाला लॉरेंस बिश्नोई गैंग? अनमोल की गिरफ्तारी और गोल्डी की बगावत के बीच B-Company का पूरा सच. पढ़ें इंडिया न्यूज़ की इनसाइड स्टोरी.

इंडिया न्यूज इनसाइड स्टोरी: भारत का लॉरेंस गैंग क्या अब कमज़ोर हो रहा है? ये वो गैंग है जिसने मोस्ट वांटेड अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम  को खुलेआम चुनौती दे डाली थी. गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर एक खास इनसाइड स्टोरी, लॉरेंस के दुश्मन गैंग देश से लेकर क्या विदेश तक एक्टिव हो रहे हैं? अंडरवर्ल्ड की दुनिया में आखिर ये खबरें क्यों फैल गई कि भारत के साबरमती जेल के हाईरिस्क वार्ड में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग अब कमज़ोर हो रहा है?

लॉरेंस के दुश्मन लॉरेंस को खुली चुनौती दे रहे हैं?

दरअसल, साल 2025 में देश की सुरक्षा एजेंसियों से लेकर देश की खुफियां एजेंसियों ने अपने चलाए सीक्रेट ऑपरेशन से देश से लेकर देश के बाहर विदेशो में छुपे बैठे भारत के वो तमाम गैंगस्टर जो खुद को बड़े गैंगस्टर होने का दावा करते हैं, उनकी पूरी तरह से कमर तोड़ दी थी, या यूं कहें कि उनके ग्लोबलाइज़ क्राइम सिंडिकेट का रूट नेक्सस को पूरी तरह से डैमेज कर दिया है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को हुआ है.

जहां एक तरफ लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई भारतीय सुरक्षा और खुफियां एजेंसी के जॉइंट ऑपरेशन में कैलिफोर्निया में पकड़ा जा चुका था तो वही दूसरी तरफ साल 2025 में ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सबसे मजबूत पिलर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और गैंगस्टर रोहित गोदारा अलग हो चुका था. गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा का गैंग से अलग होना और लॉरेंस से हटकर खुद का गैंग लॉरेंस के सामने खड़ा करना, बिश्नोई के लिए सबसे बड़ा झटका था.

टॉप एजेंसी सूत्रों के हवाले से, अनमोल गिरफ्तार हो चुका था, उसे सात समंदर पार से भारत लाने की कवायद शुरू हो गई थी. लॉरेंस गैंग से जुड़े विदेश में छुपे कुछ भारतीय मूल के गैंगस्टर लॉरेंस का साथ छोड़ गोल्डी गैंग से हाथ मिला चुके थे, ऐसा माना जा रहा था कि लॉरेंस गैंग पूरी दुनियां के अंडरवर्ल्ड ग्लोबलाइज़ में अकेला पड़ रहा है. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह ये भी मानी जा रही थी, पाकिस्तान का अंडरवर्ल्ड डॉन शहज़ाद भट्टी का लॉरेंस से दुश्मनी, अनमोल बिश्नोई का कैलिफोर्निया में पकड़ा जाना और सबसे अहम लॉरेंस बिश्नोई का दोस्त और गैंग का मजबूत पिलर माने जाने वाला गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का लॉरेंस से अलग होना, बेहद अहम माना जा रहा था. कहा जाता है कि गोल्डी बराड़ के भाई गुरलाल बराड़ की 10 -11 अक्टूबर साल 2020 में बंबिहा गैंग ने हत्या कर दी थी. साल 2009 में लॉरेंस की क्राइम की दुनिया में एंट्री हो चुकी थी, लेकिन बताया जाता है कि गोल्डी के भाई की हत्या के बाद लारेंस एक गैंग की तरह उभरा था.

B गैंग मतलब बिश्नोई गैंग, ये वो गैंग है जो साल 2019 के बाद काफी सुर्खियों में रहा है.

29 मई 2022: पंजाबी सिंगर सिद्धू मुसेवाला की खुलेआम हत्या.

14 अप्रैल 2024: बॉलीवुड भाईजान सलमान खान के घर पर खुलेआम फायरिंग.

5 दिसंबर 2023: राजस्थान के जयपुर में करनी सेना अध्य्क्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या.

12 अक्टूबर 2024: हाई प्रोफाइल बाबा सिद्दीकी की हत्या का दावा, बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके पूरे D Company को खुली चुनौती देने वाला ये गैंग क्या वाक्य साल 2025 के बाद कमज़ोर हो गया है, इस गैंग का नेटवर्क, सिंडिकेट क्या वाक्य कम होता जा रहा है.

सेंट्रल एजेंसियों के सूत्रों की माने तो अभी ऐसा कुछ साफ नही कहा जा सकता क्योंकि लॉरेंस गैंग में अनमोल की गिराफ्तारी के बाद उसे भारत लाया जा चुका है, अनमोल के बाद विदेश में अब रणदीप मालिक, अनिल पंडित यूएसए, हैरी बॉक्सर, आरज़ू बिश्नोई जैसे गैंगस्टर लॉरेंस गैंग की कमान संभाले हुए है और हाल ही में कनाडा से लेकर दूसरे शहरों में कई जगहों पर अपने दुश्मन गैंग के टारगेट पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दे चुके हैं.

लॉरेंस गैंग के दुश्मनों की तादाद बढ़ती जा रही है

जहां एक तरफ ये माना जा रहा है कि क्या लॉरेंस गैंग पहले के मुकाबले अब कमज़ोर हो रहा है, तो वही दूसरी तरफ लॉरेंस गैंग के दुश्मनों की तादाद कुछ सालों में लगातार बढ़ती जा रही है. सूत्रों की माने तो पाकिस्तानी गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा, मनदीप धालीवालगैंगस्टर लक्की पटियाल का दोस्त, कौशल चौधरी, अमित डागर गैंगस्टर, लकी पटियाल, पवन शौकीन गैंगस्टर, रम्मी मसानागोडर गैंगगुरप्रीत शेखोंगोडर गैंग का सरगना, अर्शदीप दल्ला, हिमांशु भाऊ

कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग, दुश्मनों की फेहरिस्त लंबी है जो किसी भी पल गैंगस्टर लॉरेंस और उसके भाई को मारना चाहते हैं, लेकिन इन सबको देखते हुए जेल के अंदर बंद लॉरेंस खुद को मजबूत करने पर लगा हुआ है, जिसे लेकर हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आई है.

B कंपनी में लड़कों की हो रही है एंट्री

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अंडरवर्ल्ड मोस्ट वांटेड डॉन दाऊद इब्राहिम के तर्ज पर जेल के अंदर रहकर अपनी B कंपनी खड़ी कर रहा है. सवाल ये भी है कि आखिर जेल के अंदर से B कंपनी में शूटरों की फौज कैसे खड़ी की जा रही है. कौन है जो इन शूटरों को B कंपनी में शामिल कर रहा है? कौन और कैसे इन शूटरों को हर एंगल की जांच के बाद देता है.

टारगेट किलिंग का टास्क

B कंपनी को मजबूत करने के लिए ये लड़के कैसे खुद की सच्चाई साबित कर देते हैं काबलियत का नमूना और सबसे बड़ा सवाल ये है की इनकी भर्ती कौन और कैसे करता है? देश की केंद्रीय एजेंसी के (सूत्रों) की माने तो B गैंग में नए लड़को की भर्ती करने के लिए साइबर स्पेस और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल हो रहा है. इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो अपलोड किए जाते हैं जो गैंग में शामिल होने के लिए मोटीवेट और उन्हें गैंग जॉइन करने के लिए इनफ्लुएंस करते है. सेंट्रल एजेंसी टॉप सूत्रों की माने तो B गैंग का डॉन लॉरेंस बिश्नोई ने पूरे ग्लोबलाइज गैंग की जिम्मेदारी वीरेंद्र प्रताप, काला राणा को दिया हुआ है. वीरेंद्र इसके लिए सीधा गैंग में शामिल होने वाले लड़कों से संपर्क नहीं करता बल्कि वीरेंद्र का छोटा भाई सूर्य प्रताप और नरेश यादव के पास इसकी जिम्मेदारी है.

सोशल मीडिया के माध्यम से होती है भर्ती

साइबर स्पेस और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नए लड़कों के बॉयोडाटा को एक्जिक्यूट किया जाता है, नए रिक्रूटमेंट के लिए गैंगस्टर काला राणा का भाई सूर्य प्रताप और उसका साथी नरेश यादव फेसबुक और Cyber Space के ज़रिए गैंग की ज़रूरत के हिसाब से वेकैंसी निकालते हैं और जब लड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गैंग में शामिल होने की इच्छा जताते है तो सूर्य प्रताप और नरेश यादव उनकी स्क्रूटनी कर फाइनल किये गए लड़को की जानकारी अपने भाई और गैंगस्टर काला राणा को पहुंचा देता है. उसके बाद B कंपनी का लॉयल्टी चेक ऑपरेशन किया जाता है लेकिन यहां गौर करने वाली बात ये है कि ये सारा प्रोसेस सोशल मीडिया के माध्यम से ही चलता है.

रिपोर्ट: जावेद हुसैन

Shivani Singh

शिवानी सिंह पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया में सब-एडिटर, एंकर और कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में सक्रिय हैं. उन्होंने पत्रकारिता में हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा, महाराष्ट्र से एमए की पढ़ाई पूरी की है. 'Chakde Cricket', 'InKhabar' और 'Bihari News' जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करने के बाद वर्तमान में 'इंडिया न्यूज़' में अपनी सेवाएं दे रही हैं. क्रिकेट से जुड़ी खबरों के साथ-साथ राजनीति, बिजनेस, सरकारी योजनाओं, पर्सनल फाइनेंस और मनोरंजन से जुड़े विषयों पर लेखन और कंटेंट तैयार करने का अनुभव है. ट्रेंडिंग खबरों पर भी उनकी खास नजर रहती है. जटिल विषयों को आसान और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.

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