India News (इंडिया न्यूज़), Rahul Gandhi, दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 4 अगस्त को ‘मोदी’ सरनेम टिप्पणी मामले में उनकी सजा पर रोक लगाने के बाद लोकसभा सचिवालय ने सोमवार को राहुल गांधी की सदस्यता बहाल कर दी। मार्च 2023 में निचले सदन से अयोग्य घोषित किए गए कांग्रेस नेता को वायनाड सांसद के रूप में बहाल किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश में टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि मामले में गांधी की सजा पर रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता की अपील पर जुलाई में गुजरात सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया। 24 मार्च को केरल के वायनाड से सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
Rahul Gandhi
Lok Sabha Secretariat restores membership of Wayanad MP Rahul Gandhi after the Supreme Court on Friday (August 4) stayed his conviction in the ‘Modi’ surname remark case.
He was disqualified from the lower house in March 2023. pic.twitter.com/UBE3FvCGEN
— ANI (@ANI) August 7, 2023
13 अप्रैल 2019 लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी के कर्नाटक के कोलार में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी। सभी चोरों का नाम ‘मोदी’ कैसे है?” भाजपा के पूर्व विधान सभा सदस्य (एमएलए) पूर्णेश मोदी ने उक्त भाषण पर आपत्ति जताते हुए दावा किया कि गांधी ने मोदी उपनाम वाले व्यक्तियों को अपमानित और बदनाम किया।
सूरत की मजिस्ट्रेट अदालत ने मोदी की इस दलील को स्वीकार कर लिया कि गांधी ने अपने भाषण से जानबूझकर ‘मोदी’ उपनाम वाले लोगों का अपमान किया है। मजिस्ट्रेट अदालत ने 23 मार्च 2023 को उनकी टिप्पणी के लिए उन्हें दोषी ठहराया। न्यायाधीश हदीराश वर्मा ने फैसला दिया था। सूरत की एक सत्र अदालत ने 20 अप्रैल को गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा उनकी सजा को निलंबित करने की मांग की गई थी। इस मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण गांधी को लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। 7 जुलाई को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
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