Solapur Latest News: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मोबाइल फोन की लत लगने की वजह और घर में हुए झगड़े के बाद 13 साल के किशोर ने आत्महत्या कर ली. इस हैरान करने वाले घटना के बाद से इलाके में मातम छाया हुआ है. पुलिस के मुताबिक, यह घटना 1 मार्च की शाम करीब 7 बजे मोहोल तालुका के पेनूर गांव में घटित हुई. जहां, मृतक किशोर की पहचान यशराज धर्मराज डोके के रूप में हुई है, जो सोशल मीडिया रील्स देखने का बेहद ही शौकीन था.
परिजनों द्वारा मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने से मना किए जाने पर यशराज इतना ज्यादा दुखी हुआ कि उसने कमरे के अंदर लोहे के एंगल से साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. लेकिन, जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे मृत अवस्था में पाया. उसे इस हालत में देखने के बाद परिजनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई. तो वहीं, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मौके पर ही मृत घोषित कर दिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज कर गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
मोबाइल की लत ने उजाड़ा परिवार
यह घटना आधुनिक समय में किशोरों के बीच बढ़ती मोबाइल निर्भरता (Mobile Dependency) और उनके कमजोर होते मानसिक स्वास्थ्य की तरफ भी तेजी से इशारा करती है. जहां, 13 साल की आयु एक अत्यंत संवेदनशील अवस्था होती है, जहां बच्चे ज्यादातर सही और गलत के बीच फर्क नहीं कर पाते और छोटी-सी डांट या फिर रोक-टोक को भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं. ऐसे में यशराज का यह मामला ‘रील्स’ और सोशल मीडिया के उस प्रभाव को दर्शाता है, जो बच्चों के डोपामाइन लेवल को नियंत्रित करता है, जिससे मोबाइल न मिलने पर उनमें चिड़चिड़ापन पैदा होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है.
घटना को लेकर क्या बोले विशेषज्ञ?
हालांकि, इस मामले में विशेषज्ञों ने जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों को अचानक किसी भी चीज से रोकने की कोशिश के बजाय उनके साथ ज्यादातर संवादात्मक दृष्टिकोण (Communicative Approach) अपनाना ही सबसे ज्यादा बेहतरीन माना जाता है. तो वहीं, सोलापुर की इस घटना ने एक तरह से अभिवावकों के लिए चेतावनी की तरह भी है कि वे अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर खास तौर से नजर रखें. फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है. लेकिन, यह घटनाकम्र ने एक बार फिर से समाज के लिए चिंता का विषय बना दिया है.