NPS withdrawal rules 2026:अभी तक के नियमों ये कहते थे कि 60 साल के होते ही एनपीएस के सब्सक्राइबर को अपने कुल फंड का 60 फीसदी हिस्सा एकमुश्त निकालना पड़ता था, जबकि बचा हुआ 40 फीसदी फंड से एक अनिवार्य एन्युटी खरीदनी होती थी, जिससे हर महीने सब्सक्राइबर को पेंशन दी जाती थी, लेकिन नए नियमों के मुताबिक, अब 60 फीसदी फंड को एकमुश्त नहीं निकालना पड़ेगा, बल्कि इस पर ब्याज मिलेगा, जिससे रियाटनमेंट की वेल्थ बढ़ाने में मदद मिलेगी. जानें नियमों में हुए बदलावों के बारे में विस्तार से-
NPS Withdrawal 2026: अब 60% फंड एकमुश्त निकालने की मजबूरी खत्म, SLW से बढ़ाएं रिटायरमेंट के बाद की वेल्थ!
NPS withdrawal rules 2026: नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में निवेश करने वालों के लिए 2026 के नए नियम एक बड़ी राहत लेकर आए हैं. पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण ने निकासी के नियमों में कुछ आवश्यक बदलाव किए गए हैं, जिससे कि अब स्कीम के लाभार्थियों को पैसों की निकासी जैसी पाबंदियों का सामना नहीं करना पड़ेगा.
नेशनल पेंशन स्कीम के पुराने नियमों के मुताबिक, जब एनपीएस के सब्सक्राइबर की उम्र 60 वर्ष हो जाती थी, तब वो अपने निवेश का अधिकतम 60% हिस्सा एक मुश्त निकाल सकते थे, जबकि बचा हुआ 40% हिस्से की एन्युटी खरीदनी पड़ती थी, जिससे सब्सक्राइबर को लाइफलॉन्ग पेंशन के रूप में वापस कर दिया जाता है, लेकिन इन पुराने नियमों से कई निवेशक खुश नहीं थे, वो चाहते थे कि रियाटरमेंट के समय उनकी जमा पूंजी का ज्यादा से ज्यादा पैसा उनके हाथ लगे. वहीं कुछ सब्सक्राइबर्स चाहते थे कि उनकी 60% राशि की निकासी के लिए कुछ ऑप्शन मिल जाए. ऐसे में नियमों में नए बदलाव मददगार साबित हो सकते हैं.
नेशनल पेंशन स्कीम में 2026 में हुए नए बदलावों ने सब्सक्राइबर्स को काफी राहत प्रदान की है. इस साल एनपीएस में सिस्टमैटिक लम्प-सम विड्रॉल यानी SLW लागू कर दिया गया है. इसके मुताबिक, अब सब्सक्राइबर्स चाहें तो 60% हिस्से को मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक आधार पर निकाल सकते हैं.
नेशनल पेंशन स्कीम के नए नियमों के मुताबिक, अब से लाभार्थी को अपने एनपीएस खाते से एक साथ 60% धनराशि नहीं निकालनी पड़ेगी. वो अपने 75 की आयु तक कभी भी, चाहे महीने में, तीन महीने में, 6 महीने में या साल में अपनी मर्जी से धनराशि निकाल सकते हैं. यदि 75 साल तक पैसा नहीं निकालते हैं तो मार्केट रेट के हिसाब से रिटर्न फंड में ही एड होता रहेगा.
नेशनल पेशन स्कीम में नए बदलावों के मद्देनजर अब गैर-सरकारी यानी प्राइवेट सेक्टर के सब्सक्राइबर्स के लिए 80% धनराशि को एकमुश्त निकालने की सुविधा दी गई है यानी प्राइवेट सेक्टर लाभार्थियों को सिर्फ 20% ही एन्युटी खरीदनी होगी.
PFRDA ने नेशनल पेंशन स्कीम के छोटे निवेशकों के लिए भी निकासी की समयसीमा को बढ़ा दिया है. इस उदाहरण से समझे तो यदि छोटे निवेशकों का कुल एनपीएस फंड 8 लाख या उससे कम है तो एन्युटी खरीदना अनिवार्य नहीं होगा. ये सब्सक्राइबर्स चाहें तो 100% पैदा एक साथ निकाल सकते हैं. हालांकि, जो सब्सक्राइबर्स को 60 साल से पहले फंड निकालना चाहते हैं और फंड मात्र 2.5 लाख रुपये है तो अपनी मर्जी से पूरे फंड की निकासी की जा सकती है.
नेशनल पेंशन स्कीम में सब्सक्राइबर्स को गजब की सुविधा दी जा रही है. यानी अब 60 वर्ष के होने पर लाभार्थी चाहें तो 60% टैक्स फ्री फंड को एक साथ ना निकालके पेंशन की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे न सिर्फ लिक्विडिटी बनी रहेगी, बल्कि फंड पर अच्छा रिटर्न भी मिलता रहेगा. ये ऑप्शन उनके लिए ज्याददा फायदेमंद है जो अपने निवेश फंड पर पूरी तरह से फाइनेंशियल कंट्रोल और मार्केट रिटर्न चाहते हैं,
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