Odisha Crime News: ओडिशा के बलांगीर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. इस घटना के बारे में पढ़ते ही आपकी रूह कांप जाएगी. एक बार फिर से मानवता से विश्वास उठता है हुआ नज़र आ रहा है. जहां आज भी हम बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नारे लगाते हैं, लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि आखिर बेटों को कौन शिक्षित करेगा. आखिर क्या है पूरा मामला जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए.
क्या है झकझोर देने वाला मामला?
ओडिशा के बलांगीर जिले से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने ने सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश को एक बार फिर से हिलाकर रख दिया है. दरअसल, एक नौवीं कक्षा की एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात सामने आई है. इस जघन्य अपराध की सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि इसमें शामिल छह आरोपियों में से पांच पीड़ित छात्रा के अपने ही सहपाठी थे. हालांकि, इस दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा तब हुआ जब आरोपियों द्वारा बनाया गया इस घिनौनी हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया.
वारदात का घटनाक्रम और दी गई धमकी
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने पहले तो पीड़ित छात्रा को बहला-फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर बुलाया और वहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. लेकिन आरोपियों की क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई, जब उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी. इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता को धमकाने की कोशिश कि, अगर उसने जुबान खोली तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. तो वहीं, आरोपियों ने खुद ही वह वीडियो इंटरनेट पर फैला दिया, तब जाकर परिजनों को इस घटना के बारे में जानकारी हासिल हुई.
घटना को लेकर कहां तक पहुंची पुलिस की जांच?
पीड़िता के पिता ने साहस दिखाते हुए बलांगीर के पुलिस अधीक्षक (SP) जी. अभिलाष से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की. तो वहीं, एसपी के निर्देश पर तुरेकेला पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने घटनाक्रम में गंभीरता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सभी आरोपियों पर धारा 70 और 77 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट धारा 6 (गंभीर मर्मभेदी यौन हमला) के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66E (निजता का उल्लंघन) के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दी है.
वारदात के बाद से समाज में देखने को मिला भारी आक्रोश
तो वहीं, इस घटना को लेकर प्रदेशभर के लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है. जहां, शिक्षण संस्थानों में सहपाठियों द्वारा ही ऐसी वारदात को अंजाम देना किशोरों के मानसिक भटकाव और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. फिलहाल, पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों जैसे फोन और वीडियो की जांच में जुटी हुई है ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा सके.