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कौन हैं मुकेश मल्होत्रा? जानें विधायकी जीतने के बाद भी क्यों कोर्ट ने निर्वाचन को बताया शून्य

Mukesh Malhotraसुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगेगा. चुनाव आयोग के रिकॉर्ड, नॉमिनेशन पेपर और क्रिमिनल केस के खुलासे की पूरी जांच के बाद ही कोई आखिरी फैसला लिया जाएगा. फिलहाल, विजयपुर की पॉलिटिक्स होल्ड पर है, न पूरी जीत है और न ही पूरी हार. आने वाला फैसला ही तय करेगा कि असल में सीट किसकी है.

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Published: March 19, 2026 17:50:00 IST
Last Updated: 2026-03-20 11:34:48

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Mukesh Malhotra: श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. गुरुवार को उनकी पिटीशन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें चुनाव को रद्द घोषित किया गया था. यह फैसला 9 मार्च को सुनाया गया था, जिसमें उन्हें अपील करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि यह राहत लिमिटेड है, और आखिरी फैसले तक सख्त पाबंदियां लागू रहेंगी.

कौन हैं मुकेश मल्होत्रा?

श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​ने बड़ी जीत हासिल की थी, जिसके बाद मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री बनाए गए राम निवास रावत को नतीजे आने से पहले ही अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद BJP उम्मीदवार ने हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में एक याचिका दायर की थी, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा ​​पर अपने नॉमिनेशन में झूठा हलफनामा देने का आरोप लगाया गया था.

अपराधों की जानकारी छिपाई

आरोप था कि मुकेश मल्होत्रा ​​ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ दो अलग-अलग अपराधों की जानकारी छिपाई थी. इसी आधार पर उनके विरोधी राम निवास रावत ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री राम निवास रावत की याचिका स्वीकार कर ली और उनके आरोपों को सही पाते हुए विजयपुर विधानसभा उपचुनाव जीतने वाले सुनील मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द कर दिया और BJP उम्मीदवार राम निवास रावत को विजेता घोषित कर दिया.. मल्होत्रा ​​ने इस ऑर्डर को चैलेंज करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, पिटीशनर ने दलील दी कि कथित जानकारी छिपाना एक टेक्निकल बात थी और इसकी डिटेल्ड जांच की जरूरत थी. यह भी तर्क दिया गया कि निचली अदालत ने तथ्यों की पूरी तरह से जांच किए बिना आदेश को पलट दिया. अदालत ने इन तर्कों को पहली नज़र में गंभीर पाते हुए, निचली अदालत के आदेश को लागू करने पर अंतरिम रोक लगा दी. इस रोक का सीधा असर यह हुआ कि राम निवास रावत को विजेता घोषित करने की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है, और मुकेश मल्होत्रा ​​की सदस्यता बरकरार रहेगी. हालांकि, अदालत ने यह भी साफ किया कि मल्होत्रा ​​को पूरे अधिकार नहीं मिलेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा ​​पर लगाईं सख्त शर्तें 

  • वह विधानसभा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन किसी भी वोटिंग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.
  • वह MLA फंड का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.
  • MLA के तौर पर उन्हें मिलने वाले खास अधिकार सीमित रहेंगे.
  • वह गवाहों, सबूतों या दस्तावेजों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे.
  • वह इस मामले में सार्वजनिक मंचों पर कोई गुमराह करने वाला या दबाव डालने वाला बयान नहीं देंगे.

सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगेगा. चुनाव आयोग के रिकॉर्ड, नॉमिनेशन पेपर और क्रिमिनल केस के खुलासे की पूरी जांच के बाद ही कोई आखिरी फैसला लिया जाएगा. फिलहाल, विजयपुर की पॉलिटिक्स होल्ड पर है, न पूरी जीत है और न ही पूरी हार. आने वाला फैसला ही तय करेगा कि असल में सीट किसकी है.

अगली सुनवाई 4 महीने बाद

सुप्रीम कोर्ट ने विजयपुर सीट विवाद में अगली सुनवाई 23 जुलाई, 2026 को तय की है. इसका मतलब है कि यह केस लगभग चार महीने तक अंतरिम रोक के तहत पेंडिंग रहेगा. इस दौरान, मुकेश मल्होत्रा ​​लिमिटेड पावर्स के साथ MLA बने रहेंगे, जबकि रामनिवास रावत की जीत पर रोक रहेगी. इतनी देरी इस केस को पॉलिटिकल रूप से और भी अहम बनाती है, क्योंकि आखिरी फैसले से ही सीट का स्टेटस साफ होगा.

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Published: March 19, 2026 17:50:00 IST
Last Updated: 2026-03-20 11:34:48

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Mukesh Malhotra: श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. गुरुवार को उनकी पिटीशन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें चुनाव को रद्द घोषित किया गया था. यह फैसला 9 मार्च को सुनाया गया था, जिसमें उन्हें अपील करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि यह राहत लिमिटेड है, और आखिरी फैसले तक सख्त पाबंदियां लागू रहेंगी.

कौन हैं मुकेश मल्होत्रा?

श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​ने बड़ी जीत हासिल की थी, जिसके बाद मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री बनाए गए राम निवास रावत को नतीजे आने से पहले ही अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद BJP उम्मीदवार ने हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में एक याचिका दायर की थी, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा ​​पर अपने नॉमिनेशन में झूठा हलफनामा देने का आरोप लगाया गया था.

अपराधों की जानकारी छिपाई

आरोप था कि मुकेश मल्होत्रा ​​ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ दो अलग-अलग अपराधों की जानकारी छिपाई थी. इसी आधार पर उनके विरोधी राम निवास रावत ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी. मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री राम निवास रावत की याचिका स्वीकार कर ली और उनके आरोपों को सही पाते हुए विजयपुर विधानसभा उपचुनाव जीतने वाले सुनील मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द कर दिया और BJP उम्मीदवार राम निवास रावत को विजेता घोषित कर दिया.. मल्होत्रा ​​ने इस ऑर्डर को चैलेंज करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, पिटीशनर ने दलील दी कि कथित जानकारी छिपाना एक टेक्निकल बात थी और इसकी डिटेल्ड जांच की जरूरत थी. यह भी तर्क दिया गया कि निचली अदालत ने तथ्यों की पूरी तरह से जांच किए बिना आदेश को पलट दिया. अदालत ने इन तर्कों को पहली नज़र में गंभीर पाते हुए, निचली अदालत के आदेश को लागू करने पर अंतरिम रोक लगा दी. इस रोक का सीधा असर यह हुआ कि राम निवास रावत को विजेता घोषित करने की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है, और मुकेश मल्होत्रा ​​की सदस्यता बरकरार रहेगी. हालांकि, अदालत ने यह भी साफ किया कि मल्होत्रा ​​को पूरे अधिकार नहीं मिलेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा ​​पर लगाईं सख्त शर्तें 

  • वह विधानसभा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन किसी भी वोटिंग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.
  • वह MLA फंड का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.
  • MLA के तौर पर उन्हें मिलने वाले खास अधिकार सीमित रहेंगे.
  • वह गवाहों, सबूतों या दस्तावेजों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे.
  • वह इस मामले में सार्वजनिक मंचों पर कोई गुमराह करने वाला या दबाव डालने वाला बयान नहीं देंगे.

सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगेगा. चुनाव आयोग के रिकॉर्ड, नॉमिनेशन पेपर और क्रिमिनल केस के खुलासे की पूरी जांच के बाद ही कोई आखिरी फैसला लिया जाएगा. फिलहाल, विजयपुर की पॉलिटिक्स होल्ड पर है, न पूरी जीत है और न ही पूरी हार. आने वाला फैसला ही तय करेगा कि असल में सीट किसकी है.

अगली सुनवाई 4 महीने बाद

सुप्रीम कोर्ट ने विजयपुर सीट विवाद में अगली सुनवाई 23 जुलाई, 2026 को तय की है. इसका मतलब है कि यह केस लगभग चार महीने तक अंतरिम रोक के तहत पेंडिंग रहेगा. इस दौरान, मुकेश मल्होत्रा ​​लिमिटेड पावर्स के साथ MLA बने रहेंगे, जबकि रामनिवास रावत की जीत पर रोक रहेगी. इतनी देरी इस केस को पॉलिटिकल रूप से और भी अहम बनाती है, क्योंकि आखिरी फैसले से ही सीट का स्टेटस साफ होगा.

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