दुनिया के सबसे महानतम फुटबॉलर्स में से एक पेले हमारे बीच नहीं रहे. ब्राजील के इस दिग्गज का 82 वर्ष की उम्र में गुरुवार (29 दिसंबर) को निधन हो गया. पेले की बेटी केली नैसिमेंटो ने इंस्टाग्राम के जरिए उनके निधन की जानकारी दी. 20वीं सदी के महान फुटबॉलर पेल को कोलन कैंसर था और वह पिछले कुछ दिनों से साओ पाउलो के हॉस्पिटल में भर्ती थे.
ज्यादातर फॉर्वर्ड पोजीशन पर खेलने वाले पेले को दुनिया का सबसे महान फुटबॉलर कहना गलत नहीं होगा. पेले जैसा खिलाड़ी शायद ही आने वाले सदियों तक पैदा हो. पेले का ऑरिजनल नाम एडसन एरंटेस डो नासिमेंटो था. लेकिन शानदार खेल के चलते उन्हें कई दूसरे नामों से भी जाना जाता था. पेले को ‘ब्लैक पर्ल’, ‘किंग ऑफ फुटबॉल’, ‘किंग पेले’ जैसे कई सारे निकनेम मिले. पेले अपने जमाने के सबसे महंगे फुटबॉलर्स में से एक थे.
पेले का जन्म 23 अक्टूबर सन 1940 को ब्राजील के मिनास गेराइस में हुआ. पेले के पिता का नाम डोनडिन्हो तथा माता का नाम सेलेस्टी अरांटेस था. पेले अपने मां-बाप की दो संतानों में सबसे बड़े थे. पिता डोनडिन्हो भी क्लब लेवल फुटबॉल खिलाड़ी थे. वैसे इस दिग्गज फुटबॉलर का निकनेम डिको था, लेकिन स्थानीय फुटबॉल क्लब के एक गोलकीपर बिले की वजह से वह पेले के नाम से जाने-जाने लगे. दरअसल बचपन में डिको यानी कि पेले को कई मुकाबलों में गोलकीपर की भूमिका भी निभानी होती थी. जब वे शानदार बचाव करते थे, तो उन्हें फैन्स दूसरा बिले कहते थे. देखते-देखते ये बिले कब पेले में बदल गया है पता नहीं चला.