India News (इंडिया न्यूज), Jama Masjid Survey Controversy: उत्तरप्रदेश के संभल जामा मस्जिद को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले याचिकाकर्ता विष्णु शंकर जैन चर्चाओं में हैं। ऐसे में आज हम आपको इसके बारे में विस्तृत जानकारी देने वाले है। दरअसल, हरिशंकर जैन यूपी की राजधानी लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने 1976 में वकालत शुरू की और करीब 48 साल से इस पेशे में सक्रिय हैं। उनके बेटे विष्णु जैन भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। उन्होंने बालाजी लॉ कॉलेज से डिग्री लेने के बाद 2010 में वकालत शुरू की। तब से वे अपने पिता के साथ हैं। विष्णु जैन ने श्री राम जन्मभूमि मामले से वकालत शुरू की थी।
एडवोकेट हरि शंकर जैन 1976 से वकालत कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ कोर्ट से अपनी प्रैक्टिस शुरू की और धीरे-धीरे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी केस लड़े। उनके बेटे विष्णु शंकर जैन ने बचपन से ही अपने पिता को हिंदू हितों के लिए केस लड़ते देखा और फिर अपने पिता के नक्शेकदम पर चल पड़े। विष्णु शंकर जैन ने 2010 में अपनी कानून की पढ़ाई पूरी की और तब से अपने पिता के मुकदमों में उनकी सहायता कर रहे हैं, जो सामान्य रूप से भारतीय समाज और विशेष रूप से भारतीय सभ्यता में अद्वितीय महत्व रखते हैं।
Jama Masjid Survey Controversy(संभल जामा मस्जिद मामले को कोर्ट ले जाने वाले विंष्णु शंकर जैन कौन हैं)
विष्णु शंकर जैन हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रवक्ता हैं। उन्होंने अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मामले से अपनी वकालत शुरू की और 2011 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले को चुनौती दी। उन्होंने इस मामले में अपने पिता हरि शंकर जैन की सहायता की। 2016 में, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड परीक्षा पास की और उसी वर्ष अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज कराई। विष्णु शंकर जैन यह बताना कभी नहीं भूलते कि वह और उनका परिवार, खासकर उनके पिता और गुरु हरि शंकर जैन, खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें वह काम करने का मौका मिला है जिसमें वे लगे हुए हैं।
हम आपको जानकारी के लिए बता दें कि, हरिशंकर जैन और उनके बेटे विष्णु जैन ने हिंदुओं से जुड़े करीब 110 मामलों में अदालत में पेश हुए हैं। किसी में हरिशंकर जैन तो किसी में विष्णु जैन कोर्ट में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इनमें सबसे पुराना मामला साल 1990 का है। दिलचस्प बात यह है कि पिता-पुत्र की जोड़ी ने ज्यादातर केस जीते हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो अभी भी चल रहे हैं। संभल का मामला इनमें सबसे ताजा है और संभल मामले को लेकर विष्णु शंकर जैन ने बहुत कम समय में हिंदू पक्ष के लिए काफी सफलता हासिल की है।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले की एक अदालत ने जामा मस्जिद का सर्वे करने का आदेश दिया था। जिसके बाद मंगलवार को मस्जिद का सर्वे किया गया। दावा किया जा रहा है कि, यह मस्जिद एक मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने जामा मस्जिद के सर्वे के लिए ‘एडवोकेट कमीशन’ गठित करने का निर्देश दिया है। इसको लेकर कोर्ट ने कहा कि, कमीशन के जरिए वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी सर्वे कराकर कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की जाए।