India News (इंडिया न्यूज), Delhi Assembly Election Results 2025 : दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया से लेकर कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा पाए और हार गए। इसके बाद से आम आदमी पार्टी के खत्म होने की बात कही जा रही है। वहीं दिल्ली में आप को मिली हार का असर महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) और एनसीपी (SP)पर पड़ता हुआ दिख रहा है।
दिल्ली में केजरीवाल का हार जाना आप के इन दोनों सहयोगी पार्टियों के लिए किसी झटके से कम नहीं है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में शिवसेना और एनसीपी ने अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था। इसकी वजह से महाराष्ट्र में भी बीजेपी काफी खुश है।
Delhi Assembly Election Results 2025 : AAP की हार से शरद-उद्धव के निकले आंसू
वैसे तो महाराष्ट्र में चुनावों में AAP अभी तक एक बड़ी ताकत के रूप में नहीं उभरी है। लेकिन शिवसेना (UBT) और NCP (SP) को केजरीवाल से उम्मीद थी कि वो दिल्ली का चुनाव जीत जाएंगे। बीजेपी से मुकाबला करने के लिए अरविंद केजरीवाल शिवसेना (UBT) और एनसीपी (SP) के साथ आ जाते थे। वहीं, इस हर के बाद उन्हें एक बड़ा झटका लगा है।
अन्ना हजारे और केजरीवाल ने ही भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय अभियान चलाया था। जो 2011-12 में काफी चर्चा में रहा। अन्ना हजारे पुणे जिले के रालेगांव से आते हैं। इसके बाद दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और लोकपाल विधेयक के लिए दबाव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों में अरविंद केजरीवाल, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, किरण बेदी, मेधा पाटकर, स्वामी अग्निवेश, कर्नल देविंदर सहरावत, हर्ष मंदर जैसे कई चर्चीत लोग शामिल थे। अप्रैल 2011 में हजारे ने लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर भूख हड़ताल की थी।
वहीं इसके विपरित अन्ना हजारे ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में AAP के खिलाफ वोट करने का आह्वान किया था। अन्ना हजारे ने इस दौरान जमकर केजरीवाल पर हमला बोला था। हजारे ने कहा, नेता को हमेशा निस्वार्थ और ईमानदार होना चाहिए। अगर आप लोगों का समर्थन हासिल करना चाहते हैं तो ये गुण जरूरी हैं।
बीजेपी और पीएम मोदी के साथ मुकाबले में शरद पवार और उद्धव ठाकरे के साथ केजरीवाल हर जगह नजर आए हैं। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोटस’ से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को विभाजित किया तो केंद्र और महाराष्ट्र दोनों में आप के नेता बीजेपी पर हमला करने में सबसे आगे थे। दिल्ली विधानसभा के नतीजों ने शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) को परेशान कर दिया है। माना जा रहा है कि केजरीवाल को बीजेपी के खिलाफ नए सीरे से रणनीति बनानी होगी।